'इंतज़ारशास्त्र' का नया अध्याय, स्टेडियम अधर में, गहलोत ने भजनलाल सरकार पर लगाए आरोप
News In Short
- अशोक गहलोत ने चर्चित 'इंतज़ारशास्त्र' सीरीज का छठा अध्याय जारी किया।
- छठे अध्याय में चौंप क्रिकेट स्टेडियम को लेकर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा।
- पूर्व सीएम का आरोप, राजनीतिक द्वेष के चलते प्रोजेक्ट को लटका दिया गया।
- गहलोत ने आरसीए के चुनाव में देरी को भी प्रशासनिक शून्यता का परिणाम बताया।
- 'इंतज़ारशास्त्र' सीरीज में गहलोत ऐसे प्रोजेक्ट्स, जो वर्तमान सरकार में ठप हो गए।
News In Detail
राजस्थान में जयपुर के चौंप में बन रहा क्रिकेट स्टेडियम इन दिनों चर्चा में है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने शनिवार को अपनी चर्चित 'इंतज़ारशास्त्र' सीरीज का छठा अध्याय जारी किया। इसमें स्टेडियम को अधर में लटकाने के लिए भजनलाल सरकार पर जमकर हमला बोला गया है।
अब 'लापरवाही' का शिकार
गहलोत ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने राजस्थान को वैश्विक खेल मानचित्र पर लाने का सपना देखा था। जयपुर के चौंप गांव में इस स्टेडियम की आधारशिला रखी गई थी। यह स्टेडियम दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनने वाला था। वर्ष 2024 तक इसके तैयार होने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 36 महीने बीत जाने के बाद भी यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता के करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आखिर राजस्थान के खिलाड़ी अपनी ही धरती पर अंतरराष्ट्रीय मैच क्यों नहीं देख और खेल पा रहे।
स्टेडियम से जुड़ा सियासी द्वेष का आरोप
गहलोत ने इस पूरे मामले में राजनीति को सबसे बड़ी बाधा बताया। उनका आरोप है कि राजनीतिक द्वेष के चलते इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट को अधर में लटका दिया गया है। उन्होंने भजनलाल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद केवल पुरानी सरकार की योजनाओं का नाम बदलने या उन्हें रोकने की प्रवृत्ति ने विकास को ठप कर दिया है।
आरसीए चुनाव पर भी साधा निशाना
गहलोत सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के चुनाव को भी निशाने पर लिया। उनका कहना है कि पिछले दो साल से आरसीए के चुनाव नहीं हो पाए हैं। प्रशासनिक शून्यता और सरकार की अरुचि के कारण राजस्थान में क्रिकेट का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां प्रशासन ही न हो, वहां खेल कैसे पनपेगा?
खेल-विरोधी सोच ने डुबोया राजस्थान का नाम
अशोक गहलोत ने अपनी 'इंतज़ारशास्त्र' सीरीज के इस अध्याय को 'खेल-विरोधी सोच ने डुबोया राजस्थान का नाम!' टाइटल दिया है। उन्होंने वीडियो में स्टेडियम की वर्तमान स्थिति दिखाते हुए कहा कि अगर सरकार ने इसे अब भी नहीं संभाला, तो एक बार फिर राजस्थान बड़े मैचों की मेजबानी से वंचित रह जाएगा।
क्या है 'इंतज़ारशास्त्र' सीरीज?
बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से अशोक गहलोत सोशल मीडिया पर 'इंतज़ारशास्त्र' नाम से एक सीरीज चला रहे हैं। इसके जरिए वे उन प्रोजेक्ट्स को उजागर कर रहे हैं, जो उनकी सरकार के समय शुरू हुए लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर ठप पड़ गए हैं। यह सीरीज राजस्थान के सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
ये भी पढे़:-
कलेक्टर के खिलाफ संसद में उठा मामला, उदयपुर सांसद ने ये लगाए गंभीर आरोप
अप्रैल से फिर शुरू होगा भर्ती परीक्षाओं का दौर, युवाओं के लिए आई अच्छी खबर
आरजीएचएस में दवा नहीं मिली तो विधायक ने पैसे देकर खरीदी, बोलीं- हमारा यह हाल तो बाकी का क्या