50 करोड़ में बना हार्ट इंस्टीट्यूट फांक रहा धूल, फीता काटने को तैयार नहीं सरकार, गहलोत ने उठाए सवाल

Ashish Bhardwaj | Apr 01, 2026, 16:39 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने ‘इंतज़ार शास्त्र’ सीरिज के माध्यम से भजनलाल सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसएमएस अस्पताल में 50 करोड़ रुपये की लागत से बना 'हृदय रोग संस्थान' जानबूझकर शुरू नहीं किया जा रहा, जिससे निजी अस्पतालों को फायदा हो।

News In Short

  • अशोक गहलोत ने ‘इंतज़ार शास्त्र’ सीरीज में 10वां अध्याय किया जारी।
  • इस बार हृदय रोग संस्थान के उद्घाटन ना होने का उठाया मुद्दा।
  • SMS अस्पताल में हृदय रोगियों की बढ़ी भीड़ से मरीजों को हो रही है परेशानी।
  • गहलोत ने निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप।
  • संस्थान में आधुनिक सुविधाएं हैं, इसका कांग्रेस सरकार के समय निर्माण हुआ था।

News In Detail

राजस्थान की राजनीति में फिर ‘इंतज़ार शास्त्र’ की चर्चा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी इस डिजिटल सीरीज के जरिए भजनलाल शर्मा सरकार को घेरते हुए एक नया मुद्दा उठाया है। इस बार निशाना है राजधानी के एसएमएस अस्पताल में 50 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट), जो जनता के लिए शुरू होने के बजाय धूल फांक रहा है।



गहलोत ने सवाल उठाया है कि आखिर इस आधुनिक संस्थान का फीता काटने में सरकार को क्या दिक्कत हो रही है? क्या निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को जानबूझकर रोका जा रहा है?



तैयार है संस्थान, बंद हैं दरवाजे

गहलोत का कहना है कि एसएमएस अस्पताल परिसर में बना यह नया कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट अत्याधुनिक तकनीक से लैस सुपर-स्पेशलिटी सेंटर है। यहां पर वेंटिलेटर, कैथलैब, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं। इसे राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हृदय रोगियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में डिजाइन किया गया था, लेकिन अभी तक इसे जनता को समर्पित नहीं किया जा सका है।



निजी अस्पतालों की तिजोरी भरने का आरोप

गहलोत ने इस देरी के पीछे एक बड़ी राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार जानबूझकर सरकारी अस्पतालों के निर्माण कार्यों को अधूरा छोड़ रही है या उनके उद्घाटन में टालमटोल कर रही है, ताकि मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़े।



पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय शुरू हुए प्रोजेक्ट्स को केवल इसलिए रोका जा रहा है ताकि उनका श्रेय किसी और को न मिल जाए।



मरीजों को होती है दिक्कत

गहलोत के अनुसार जयपुर का सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल राजस्थान का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सालय है। यहां पूरे प्रदेश से हृदय रोगी इलाज के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा कार्डियोलॉजी विंग पर मरीजों की भारी भीड़ है। ओपीडी में लंबी वेटिंग लिस्ट लगती है, और गंभीर मरीजों को भर्ती के लिए दिनों इंतजार करना पड़ता है।



इस नए संस्थान के शुरू होने से न केवल मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि अत्याधुनिक उपकरणों से जटिल से जटिल ऑपरेशन भी संभव हो सकेंगे। लेकिन राजनीतिक खींचतान के कारण यह परियोजना अधर में लटकी है।



इंतज़ारशास्त्र’ के 10 चैप्टर्स जारी

गहलोत अपनी ‘इंतज़ार शास्त्र’ सीरीज में हर दिन एक नए प्रोजेक्ट की फाइल खोलकर भजनलाल सरकार को घेर रहे हैं। उनकी टीम का दावा है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए 10 बड़े प्रोजेक्ट्स अब तक पूरे हो चुके हैं या होने वाले थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनके उद्घाटन पर रोक लगा रखी है।



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