मैंने कहा बेटों को सत्ता से दूर रखो, यह नहीं कहा कि राजनीति से दूर रखो, गहलोत ने भजनलाल पर फिर साधा निशाना
News In Short
- बेटों को सत्ता से दूर रखने के मुद्दे पर अशोक गहलोत और भजनलाल आमने-सामने।
- शुरुआत में गहलोत का बयान आने के बाद भजनलाल ने उन पर साधा था निशाना।
- गहलोत फिर बोले, मेरा बेटा सीएम निवास पर नहीं, किराये के मकान में रहता था।
- गहलोत ने कहा कि हमें कौन पूछ रहा या नहीं पूछ रहा, इसकी चिंता सीएम ना करें।
- गहलोत ने यह भी कहा, परिवार वालों को राजनीति में लाओ, फायदा मिलेगा।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री काल में मैंने अपने बेटे को अलग से मकान किराये पर दिलाया था। वह अलग रहे थे, न कि मुख्यमंत्री निवास पर। उन्होंने कहा कि मैंने यही कहा था कि बेटों को सरकार से दूर रखना चाहिए, इसमें क्या गलत कहा? मैंने यह नहीं कहा कि उन्हें राजनीति से दूर रखो। बेटा-बेटी, साला-साली को राजनीति में आगे लाएं, आपके अनुभवों का लाभ उन्हें मिलेगा
गहलोत का यह बयान सीएम भजनलाल शर्मा के उस पलटवार के बाद आया है, जिसमें उन्होंने गहलोत पर उनके पुत्र को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। हालांकि, शुरुआत में गहलोत ने सरकार में बैठे नेताओं को बेटों को सत्ता से दूर रखने की नसीहत दी थी।
उन्होंने कहा था कि ये बेटे कब बदनामी करवा देंगे, सीएम, मंत्री और भाजपा विधायकों को पता भी नहीं लगेगा। गहलोत का यह बयान हाल ही में भीम भाजपा विधायक हरिसिंह रावत के पुत्र रणजीत सिंह द्वारा गरीबों के मकान पर बुलडोजर चलवाने के आरोपों के बाद आया।
गहलोत अब बोले, बेटों को राजनीति में लाओ
गहलोत ने मीडिया से कहा कि मैं मुख्यमंत्री और तमाम मंत्रियों और बीजेपी नेताओं से कहना चाहूंगा कि अपने परिवार के लोगों को राजनीति में आगे लाओ। बेटा हो, बेटी हो, साला हो, साली हो या कोई और हो, लाओ आगे। वे राजनीति में आगे आएंगे तो नई पीढ़ी को आपके अनुभवों का लाभ मिलेगा। आज जो पीढ़ी राज कर रही है उनका अगर बेटा राजनीति में आएगा, साला आएगा तो इनके अनुभव का फायदा मिलेगा। इन्हें राजनीति में आगे लाने में कोई हर्ज नहीं है।
गहलोत ने कहा-सीएम शायद अपराधबोध में
गहलोत ने सीएम भजनलाल का नाम लिए बगैर कहा कि परिवार के लोगों को राजनीति में लाने कोई हर्ज नहीं है, मैंने तो सरकार में दूर रखने के लिए कहा था, उस बात को वो गोल कर गए। उनको मेरा बयान इतना हिट हुआ दिखता है, या तो वे अपराध बोध से ग्रसित हो गए हैं। तीन दिन से जोधपुर में, जयपुर में और कहां-कहां जाकर मेरे बारे में क्या-क्या बोल रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि मैंने क्या गलत कहा कि सरकार से दूर रखो। बदनामी होगी सीएम की, मंत्रियों की, क्या यह सरकार के लिए अच्छा है क्या। वो पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे की कह रहे है। हमने तो अपने बेटे को अलग मकान किराए पर दिलाया था, अलग रहे थे वो, मुख्यमंत्री निवास पर नहीं रहे थे वो।
हमारी चिंता मत कीजिए-गहलोत
गहलोत ने कहा कि हमारी बात करते हैं कि हमें कौन पूछ रहा है या नहीं पूछ रहा है, इसकी चिंता उनको नहीं करनी चाहिए। ये हमारी पार्टी के अंदरूनी मामले हैं। आप अपने मुद्दों को देखिए और उनके जवाब दीजिए।
सीएम भजनलाल ने रविवार को जमवारामगढ़ में गहलोत पर सियासी कमेंट करते हुए कहा था कि आजकल दिल्ली में उनको पूछ नहीं रहा है। जिन्हें वे नकारा निकम्मा कहते थे, आजकल उनकी चल रही है। जिन्हें तड़पाया है, अब उनको तड़पने की बारी है।
गहलोत बोले, ऐसा मैंने कभी नहीं देखा
गहलोत ने कहा, मैं क्या पूछ रहा हूं और वो क्या जवाब दे रहे हैं। मैंने कहा कि यह बिल्डिंग खड़ी है, इसको जनहित में चालू क्यों नहीं कर रहे हो? और ये जवाब पता नहीं क्या दे रहे हैं। मेरे खुद के समझ में नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री को चाहिए वह खुद एक बार पढ़ लें। सलाहकार ऐसे भर्ती किए हैं वहां पर, उनको निकाल बाहर करो, वे बर्बाद कर देंगे मुख्यमंत्री को। मैं पूछ क्या रहा हूं जवाब कुछ दे रहे हैं। ऐसा मैंने कभी देखा नहीं है।
गहलोत ने कहा कि थोड़ी बहुत शर्म भी आनी चाहिए कि हमारे बारे में जनता क्या सोचेगी? विपक्ष क्या पूछ रहा है, आप क्या जवाब दे रहे हो? इतनी बड़ी मजाक तो मैंने पहली बार देखी है। फिर भी खुश हो रहे हैं।
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