संविधान और कोर्ट आदेश की अवहेलना पर बर्खास्त हो भजनलाल सरकार, गहलोत ने की मांग
समझें क्या है पूरा मामला
- अशोक गहलोत ने की भजनलाल सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
- कहा - पंचायत और निकाय चुनाव न करवाना लोकतंत्र का मखौल और संवैधानिक विफलता है।
- कांग्रेस में कोई मतभेद नहीं, पार्टी में केवल एक ही आधिकारिक गुट सक्रिय है।
- भाजपा के मंत्री थानों में गाली-गलौज कर रहे हैं और कलेक्टर्स को धमका रहे हैं।
- वरिष्ठ भाजपा नेता किरोड़ी लाल मीणा भी एसीबी के दबाव में काम करने का आरोप लगा रहे हैं।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंचायत व निकाय चुनाव नहीं करवाने पर राज्य की भजनलाल सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
गहलोत का कहना है कि हाईकोर्ट के दो बार आदेश देने के बावजूद सरकार ना तो संविधान की पालना कर रही है ना ही अदालती आदेश की। सरकार खुलेआम संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली बात है। राज्यपाल को इस संबंध में केंद्र को रिपोर्ट भेजनी चाहिए।
लोकतंत्र का मखौल उड़ा रही है सरकार
गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि चुनाव न करवाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का मखौल उड़ाना है। उन्होंने 1998 का अपनी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि 1998 में कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल चल रही थी। चुनाव करवाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन कोर्ट ने आदेश दिया कि स्थिति चाहे जो हो चुनाव तो करवाने ही होंगे। हमने उस विपरीत परिस्थिति में भी चुनाव करवाए थे। लेकिन आज सरकार बार-बार हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद चुनाव नहीं करवा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की ही सत्ता है। ऐसे में अब न्याय की गुहार किससे लगाई जाए ? राजस्थान के राज्यपाल को इस संविधानिक विफलता पर संज्ञान लेकर केंद्र को रिपोर्ट भेजनी चाहिए।
गुटबाजी के आरोपों पर गहलोत का पलटवार
पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और गुटबाजी के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा है कि कांग्रेस में किसी भी स्तर पर कोई गुटबाजी नहीं है। कांग्रेस में केवल एक ही गुट है और वह है पार्टी का आधिकारिक गुट। गुटबाजी की बातें पूरी तरह निराधार हैं और इस तरह के बयानों का कोई ठोस आधार नहीं है।
भाजपा पर तंज
गहलोत ने कहा कि भाजपा के अंदरूनी मामलों और राज्यसभा चुनाव में राजेंद्र राठौड़ को टिकट न मिलने जैसे मुद्दों पर उनके पास कहने के लिए बहुत कुछ है। लेकिन वह इस तरह की राजनीति नहीं करते।
सीएम और मंत्रियों की कार्यशैली पर सवाल
भजनलाल सरकार के कामकाज पर गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद उनकी ही पार्टी के भीतर गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। भाजपा के लोग शिकायत कर रहे हैं कि उनके काम नहीं हो रहे । कई मंत्री थानों में जाकर गाली-गलौज करते हैं और कलेक्टर को खुलेआम धमकाते हैं।
किरोड़ी लाल मीणा का हवाला
सरकार के अपने ही वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा कह रहे हैं कि एसीबी (ACB) दबाव में काम कर रही है और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे बना रही है। सीएम भजनलाल मीडिया के तीखे सवालों का सामना नहीं करते । उन्हें पत्रकारों से बात करनी चाहिए ताकि जमीन की हकीकत उन तक पहुंच सके ।
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