भड़ाना को 14 दिन पहले मिली जान से मारने की धमकी, हत्या से पहले दर्ज हुई थी FIR, फिर भी भौंडा गांव में हुआ हमला
समझें क्या है पूरा मामला
- पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या से पहले दर्ज हुई थी धमकी की FIR।
- भड़ाना हत्याकांड में 94 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज, 25 टीमें कर रहीं आरोपियों की तलाश।
- शरीर पर 40 से ज्यादा चोटें, पोस्टमार्टम में फ्रैक्चर की पुष्टि; गोली लगने के निशान नहीं।
- पूर्व विधायक अतर सिंह की हत्या के मामले में परिजनों ने की CBI जांच की मांग।
- जान का खतरा बताकर दर्ज कराई थी शिकायत।
राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंडा गांव में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या (Atar Singh Bhadana Murder) के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि भड़ाना ने हमले से पहले ही अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने 27 सितंबर को एफआईआर दर्ज कराकर खनन विवाद में फायरिंग और जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत की थी। इसके बावजूद उनकी हत्या हो गई।
अब सवाल उठ रहा है कि पूर्व विधायक अतर सिंह की शिकायत के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी? मामले में 94 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की 25 टीमें जुटी हैं। वहीं, परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की है।
हमले से पहले पूर्व विधायक अतर सिंह ने दर्ज कराई थी शिकायत
अतर सिंह भड़ाना ने 27 सितंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनके क्रेशर प्लांट से सामान चोरी करने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और फायरिंग कर उस व्यक्ति को छुड़ाकर ले गए थे। भड़ाना ने आरोप लगाया था कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
खनन क्षेत्र में आने-जाने के रास्ते को लेकर ग्रामीणों और खनन पट्टाधारक के बीच पहले से विवाद चल रहा था। ग्रामीण इस मामले में अपनी मांगें प्रशासन के सामने भी रख चुके थे। बताया जा रहा है कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट में भी विवाद बढ़ने की आशंका जताई गई थी। रिपोर्ट में चेताया गया था कि समय रहते मामला नहीं सुलझा तो इलाके में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती।
चश्मदीद ने पूर्व MLA भड़ाना पर हमले को लेकर क्या बताया?
भड़ाना जब खनन क्षेत्र से लौट रहे थे, तभी पहाड़ियों की ओर से पथराव शुरू हो गया था। दावा किया गया कि एक पत्थर उनके सिर पर लगा था। इसके बाद सुरक्षाकर्मी उन्हें एक कमरे में ले गए और दरवाजे-खिड़कियां बंद कर दीं। हमलावरों ने खिड़की से जलती लकड़ियां कमरे में फेंकीं। इसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और रॉड व सरियों से हमला किया।
पोस्टमार्टम में पूर्व विधायक भड़ाना के शरीर पर 40 से ज्यादा चोटों के निशान
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का पोस्टमार्टम किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उनके शरीर पर 40 से ज्यादा चोटों के निशान मिले। सिर पर गंभीर चोट थी और दोनों हाथ-पैर में फ्रैक्चर पाए गए।
चिकित्सकों ने आंतरिक चोटों की भी जांच की। गोली लगने की आशंका की पड़ताल के लिए एक्स-रे कराया गया, लेकिन शुरुआती जानकारी में गोली जैसी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले, सिर की चोट और अधिक खून बहने को मौत की वजह बताया गया है। हालांकि, डिटेल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी।
पुलिस की देरी पर उठे सवाल
भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट के पास हिंसक झड़प के बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठाए गए। पुलिस को शाम करीब 7 बजे सूचना दी गई थी। दावा है कि घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को करीब सवा घंटे लगा। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम कब रवाना हुई, मौके पर पहुंचने में देरी क्यों हुई और पहले से दर्ज शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई थी।
परिजनों ने की सीबीआई जांच की मांग
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का सोमवार को पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार शव को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित उनके पैतृक गांव पाली ले गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और घटना से जुड़े सबूत जुटा रही है। भड़ाना की पहले की शिकायतों पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी, उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए थे और हमले में कौन-कौन शामिल था, इन सभी सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा कि घटना कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।