बांसवाड़ा में 40 हजार की रिश्वत लेते होमगार्ड ड्राइवर गिरफ्तार, CJM कोर्ट का रीडर भी पकड़ा गया

Ashish Bhardwaj | Oct 12, 2026, 16:44 IST
सीजेएम कोर्ट में एसीबी की कार्रवाई
बांसवाड़ा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक ट्रैप कार्रवाई की। अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट के ड्राइवर को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के रीडर को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि जमानत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का एक्शन लगातार जारी है। इसके तहत बांसवाड़ा जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। एसीबी ने एक ट्रैप कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट के ड्राइवर (होमगार्ड) को परिवादी से 40,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए पकड़ लिया है। इस पूरी रिश्वतखोरी के खेल में मुख्य भूमिका होने के कारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय के लिपिक ग्रेड प्रथम (रीडर) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।



दलाल के जरिए मांगी गई रिश्वत

एसीबी (ACB – Anti Corruption Bureau) के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने जानकारी दी। उनके मुताबिक, बांसवाड़ा एसीबी इकाई को एक शिकायत मिली थी।यह शिकायत सीजेएम (CJM – Chief Judicial Magistrate) कोर्ट के रीडर के खिलाफ थी।



रीडर संदीप कुमार नानावटी लिपिक ग्रेड प्रथम के पद पर तैनात है। शिकायत में नानावटी द्वारा दलाल राहुल चंदेल के जरिए रिश्वत की मांग की जा रही थी।



जमानत के नाम पर रिश्वत

शिकायत के अनुसार, यह रिश्वत जमानत खारिज न कराने के बदले रकम मांगी गई। मुकदमे में आरोपी को कोई सजा न हो यह भी भरोसा भी दिया गया। यह सारी मांग एक मामले जो अभी कोर्ट में विचाराधीन है उसके लिए मांगी जा रही थी।



सत्यापन में 40 हजार रुपए की रिश्वत की पुष्टि

एसीबी ने 11 अक्टूबर 2026 को आरोपों का सत्यापन कराया। ब्यूरो के मुताबिक, दोनों ने 40 हजार रुपए मांगे थे। सत्यापन में इसकी पुष्टि हुई। यह मांग परिवादी और सहपरिवादी से की गई थी।



जांच में एक और बात सामने आई। आरोपियों ने पहले खर्चे-पानी के नाम पर 2 हजार रुपए लिए थे। यह रकम परिवादिया से ली गई थी। यानी आरोप है कि 40 हजार की मांग से पहले भी पैसे लिए गए।



ऐसे बिछाया गया जाल

सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाने की तैयारी की। कार्रवाई उदयपुर रेंज के प्रभारी पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में हुई। पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में विशेष टीम बनी। इस पूरी घटना को बांसवाड़ा ACB ट्रैप (Banswara ACB trap) ने अंजाम दिया।



इशारे से रकम लेने का आरोप

एसीबी के अनुसार, कार्रवाई तय योजना के तहत हुई। राहुल चंदेल ने रीडर के इशारे पर परिवादी से 40 हजार रुपए लिए। टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।



इसके बाद एसीबी ने रीडर पर भी शिकंजा कसा। कथित संलिप्तता और मुख्य भूमिका के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। सीजेएम कोर्ट रीडर गिरफ्तार होने से कोर्ट परिसर में भी चर्चा है।



भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज

ब्यूरो के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके घरों पर तलाशी भी चल रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है। आगे की जांच शुरू कर दी गई है।



किन अफसरों की निगरानी में चल रही जांच?

इस कार्रवाई का मार्गदर्शन एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव कर रही हैं। पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला भी इसका मार्गदर्शन कर रही हैं।




राजस्थान एसीबी ट्रैप के बाद लोगों से अपील

राजस्थान एसीबी ट्रैप के बाद ब्यूरो ने आम लोगों से अपील की है। किसी के खिलाफ एसीबी में मामला या प्राथमिक जांच दर्ज हो सकती है। ऐसे लोग सीधे विभाग से संपर्क कर अपना पक्ष रख सकते हैं।




1064 पर करें रिश्वत की शिकायत

एसीबी ने रिश्वत की शिकायत सीधे विभाग तक पहुंचाने की सलाह दी है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1064 पर कॉल किया जा सकता है। व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 94135-02834 पर भी शिकायत भेजी जा सकती है। दोनों सुविधाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।



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