बाड़मेर-जम्मूतवी एक्सप्रेस में TTE और पुलिसकर्मियों में विवाद, यूनियन ने की जांच की मांग
समझें क्या है पूरा मामला
- घटना 6 अक्टूबर की बाड़मेर-जम्मूतवी एक्सप्रेस के बी-6 कोच की है।
- बी-6 में 7 पुलिसकर्मी एक मुल्जिम को लेकर सफर कर रहे थे।
- टीटीई ने टिकट या रेलवे से मान्य यात्रा दस्तावेज मांगा तो विवाद शुरू हुआ।
- चेकिंग स्टाफ ने दौसा में आरपीएफ बुलाई।
- आरोप है कि आरपीएफ अधिकारी ने मेमो फेंक दिया और पुलिसकर्मियों को जाने दिया।
- यूनियन ने सीनियर डीसीएम भूपेश यादव को शिकायत देकर जांच की मांग की है
बाड़मेर-जम्मूतवी एक्सप्रेस टीटीई और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। घटना 6 अक्टूबर की है। बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने वाला टीटीई इस बार पुलिसकर्मियों से ही उलझ गया।
सात पुलिसकर्मी एक मुल्जिम को लेकर ट्रेन में सफर कर रहे थे। टीटीई ने टिकट या यात्रा प्राधिकार मांगा। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मी भड़क गए। उन पर अभद्रता और मारने की धमकी देने का आरोप है।
टीटीई और पुलिसकर्मियों में विवाद कैसे बढ़ा?
जयपुर से चली ट्रेन में टीटीई आलोक निर्मल बी-3 से बी-6 कोच तक टिकट जांच करते हुए पहुंचे। बी-6 में उन्हें 7 पुलिस कर्मचारी एक मुल्जिम के साथ सफर करते मिले। टीटीई ने पुलिसकर्मियों और मुल्जिम से टिकट या रेलवे से मान्य यात्रा दस्तावेज मांगा। यहीं से विवाद शुरू हुआ।
यह जयपुर टीटीई पुलिस विवाद अब रेलवे के चेकिंग स्टाफ और अधिकारियों तक पहुंच गया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी भड़क गए। उन पर अभद्रता और मारने की धमकी देने का आरोप है। सवाल यह है कि ट्रेन में पुलिस की यात्रा पर टिकट के नियम क्या हैं?
मुल्जिम को ले जा रहे पुलिसकर्मी टिकट: क्या नियम है?
पुलिसकर्मी सरकारी ड्यूटी पर हों या किसी आरोपी को हिरासत में लेकर जा रहे हों, ट्रेन में यात्रा के लिए दस्तावेज जरूरी है। यह रेलवे से मान्य टिकट, वारंट या आरोपी का अधिकृत यात्रा प्राधिकार (यात्रा की अनुमति का दस्तावेज) हो सकता है। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर रेलवे नियमों के अनुसार किराया और अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। यानी मुल्जिम का भी यात्रा प्राधिकार जरूरी होता है।
दौसा स्टेशन आरपीएफ मेमो पर क्या आरोप है?
विवाद बढ़ा तो चेकिंग स्टाफ ने अधिकारियों को जानकारी दी। दौसा स्टेशन पर आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) बुलाई गई। मौके पर पहुंचे आरपीएफ अधिकारी को चेकिंग स्टाफ ने मेमो दिया। मेमो यानी विवाद की लिखित रिपोर्ट। चेकिंग स्टाफ का आरोप है कि आरपीएफ अधिकारी ने मेमो फेंक दिया। आरोप यह भी है कि अधिकारी ने पुलिसकर्मियों को जाने दिया। आरपीएफ अधिकारी ने मेमो फेंका, यह आरोप अभी चेकिंग स्टाफ का है। Dausa RPF memo का मामला अब जांच का विषय बन गया है।
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लॉइज यूनियन शिकायत में क्या मांग है?
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एंप्लॉइज यूनियन ने सीनियर डीसीएम भूपेश यादव को शिकायत दी है। डीसीएम यानी डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर, जिनके पास टिकट जांच का काम रहता है। यूनियन ने शिकायत की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
अब आगे क्या?
अब नजर इस पर रहेगी कि सीनियर डीसीएम शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं। दौसा में हुई घटना की जांच में आरपीएफ अधिकारी और पुलिसकर्मियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
यह खबर क्यों जरूरी है:
ट्रेन में टिकट जांच का नियम हर यात्री पर लागू होता है। पुलिसकर्मी भी हिरासत में लेकर चल रहे मुल्जिम के लिए वैध यात्रा प्राधिकार दिखाने के लिए बाध्य हैं। इस मामले में टीटीई ने जब यही नियम लागू करना चाहा तो विवाद हो गया। टिकट जांच करने वाले स्टाफ की सुरक्षा और सम्मान का सवाल भी इससे जुड़ा है। यूनियन की शिकायत पर कार्रवाई से साफ होगा कि रेलवे चेकिंग स्टाफ की बात कितनी गंभीरता से ली जाती है।