भैराणा धाम आंदोलन के बाद सरकार ने रोका RIICO प्रोजेक्ट, संतों की मांगों पर सहमति

Jageshwar prasad | May 28, 2026, 08:53 IST
Photograph: (the sootr)
भैराणा धाम में RIICO प्रोजेक्ट के खिलाफ आंदोलन के बाद हनुमान बेनीवाल रात 12 बजे समर्थकों के साथ जयपुर कूच पर निकल पड़े। मौखमपुरा में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। देर रात हुई वार्ता के बाद 5 मांगों पर सहमति बनी।

News In Short

  • भैराणा धाम रीको औद्योगिक क्षेत्र विवाद के बाद हनुमान बेनीवाल जयपुर कूच पर निकले।
  • देर रात पुलिस ने मौखमपुरा मोड़ पर भारी बैरिकेडिंग कर काफिले को रोक दिया।
  • वार्ता के बाद देर रात प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच 5 मांगों पर बनी सहमति।
  • सरकार ने भैराणा धाम के पास 800 बीघा में RIICO का काम स्थगित कर दिया।
  • सहमति के तहत RIICO प्रोजेक्ट को री-डिजाइन करने के लिए बनेगी समिति।

News In Detail

राजस्थान के जयपुर जिले के मौजमाबाद तहसील (बिचून क्षेत्र) में स्थित भैराणा धाम के पास प्रस्तावित RIICO इंडस्ट्रियल एरिया को लेकर बुधवार देर रात बड़ा सियासी और प्रशासनिक घटनाक्रम देखने को मिला। दिनभर चले विरोध प्रदर्शन और प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद हनुमान बेनीवाल संतों और करीब 10 हजार समर्थकों के साथ जयपुर कूच पर निकल पड़े।



देर रात पुलिस ने मौखमपुरा मोड़ पर भारी बैरिकेडिंग कर काफिले को रोक दिया, जिसके बाद एक बार फिर प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच वार्ता शुरू हुई। आखिरकार देर रात हुई बातचीत में पांच मुख्य मांगों पर सहमति बन गई।



दिनभर की वार्ता बेनतीजा, रात 12 बजे कूच का ऐलान

बुधवार दिनभर भैराणा धाम में संत समाज, ग्रामीणों और आरएलपी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। देर रात तक प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का दौर चल रहा था। रेंज आईजी राहुल प्रकाश और जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और RIICO अधिकारियों के साथ बैठक की।



सूत्रों के मुताबिक सात में से पांच मुद्दों पर सहमति बनती नजर आई थी, लेकिन संत समाज पूरे दादू तपोवन क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करने और RIICO परियोजना को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग पर अड़ा रहा।



शाम करीब 7 बजे हनुमान बेनीवाल भैराणा धाम पहुंचे। इसके बाद रात 9 बजे से प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच करीब तीन घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इसके बाद रात 12 बजे बेनीवाल ने समर्थकों के साथ जयपुर कूच का ऐलान कर दिया।



मौखमपुरा में पुलिस ने रोका जुलूस

जयपुर कूच शुरू होते ही हालात तनावपूर्ण हो गए। आधे घंटे के भीतर आंदोलनकारियों ने बिचून क्षेत्र में पुलिस का पहला नाका तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। मौखमपुरा मोड़ पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोका गया। यहां फिर से वार्ता शुरू हुई, जो आखिरकार सफल रही।



पांच मांगों पर बनी सहमति

देर रात हुई वार्ता के बाद प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच पांच मुख्य मांगों पर सहमति बनी। सरकार ने भैराणा धाम के पास 800 बीघा में RIICO का काम तत्काल स्थगित कर दिया। प्रोजेक्ट को री-डिजाइन करने के लिए एक समिति बनाने पर सहमति बनी।



इस समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ संघर्ष समिति और संत समाज के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। समिति एक महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। डेयरी के लिए दिए गए दो प्लॉट को भी रद्द कर दिया गया। नदी-नालों और अब्दुल रहमान के स्थल को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जाएगी।



हनुमान बेनीवाल ने कहा- यह राजस्थान के जवानों की जीत

सहमति के बाद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सरकार ने 800 बीघा जमीन पर RIICO का काम रोक दिया है। डेयरी के लिए जो दो प्लॉट दिए थे उन्हें भी रोक दिया गया है। साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों, आईजी, कलेक्टर और RIICO के अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है। समिति सात दिनों में बैठक करेगी।



उन्होंने आगे कहा कि समिति नदी-नाले, अब्दुल रहमान को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट देगी और RIICO के निरस्तीकरण का काम चालू होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 15-20 दिन में पूरे RIICO के इलाके को निरस्त करा देंगे। करीब-करीब सभी मांगें मान ली गई हैं। यह राजस्थान के जवानों और संत समाज की जीत है।



विवाद क्या है?

भैराणा धाम विवाद अब केवल जमीन का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का बड़ा विषय बन गया है। संत समाज का कहना है कि यह क्षेत्र दादू तपोवन, वन्य जीवों, गौशालाओं, औषधीय वनस्पतियों और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। उनका तर्क है कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से यहां प्रदूषण बढ़ेगा और धार्मिक वातावरण प्रभावित होगा।



देर रात तक चले घटनाक्रम के बाद फिलहाल जयपुर कूच टल गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब एक महीने में समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे विवाद का स्थायी समाधान निकल पाएगा।



FAQ

  1. जयपुर कूच पर निकले हनुमान बेनीवाल के काफिले को किस स्थान पर रोका?
    सांसद हनुमान बेनीवाल और 10 हजार समर्थकों के काफिले को पुलिस ने मौखमपुरा मोड़ पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोका, जहां दोबारा वार्ता शुरू हुई।
  2. समझौते के तहत गठित की गई उच्च-स्तरीय कमेटी को किस गाइडलाइन को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है?
    इस संयुक्त कमेटी को क्षेत्र के प्राकृतिक नदी-नालों के बहाव और अब्दुल रहमान बनाम राज्य सरकार मामले के न्यायिक नियमों को ध्यान में रखकर रिपोर्ट देने का विधिक निर्देश दिया गया है।
  3. भैराणा धाम विवादित क्षेत्र में कुल कितनी भूमि शामिल है और उस पर क्या विकास योजनाएं प्रस्तावित हैं?
    वहां कुल 800 बीघा जमीन है (150 बीघा धाम और 650 बीघा सरकारी), जिस पर रीको इंडस्ट्रियल एरिया, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) का बफर जोन और ट्रेन कार्गो टर्मिनल प्रस्तावित हैं।

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