भरतपुर: सूखे कुएं से पांच करोड़ की नकली दवाइयां बरामद, मास्टरमाइंड होलसेलर सहित पांच गिरफ्तार

Jageshwar prasad | Oct 02, 2026, 10:53 IST
कुएं से 5 करोड़ की दवाइयां बरामद
भरतपुर के खटनावाली गांव में एक सूखे कुएं से 5 करोड़ रुपए की दवाइयां बरामद की गई हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में दवाइयों का होलसेलर हिमांशु अग्रवाल शामिल है, जो पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने दवाओं को जलाने की कोशिश की थी, जिसका वीडियो भी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • कुएं में छुपाई 5 करोड़ की दवा बरामद।
  • मास्टरमाइंड होलसेलर गिरफ्तार।
  • पहले ऑफर कर चुका है 1 करोड़ की रिश्वत।
  • आगरा से लाकर छिपाई गईं दवाएं।
  • पांच लोग गिरफ्तार, जांच जारी।

राजस्थान में भरतपुर के एक गांव में सूखे कुएं से 5 करोड़ रुपए की दवाइयां मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आगरा से दवाइयां लाकर भरतपुर के बयाना तहसील के खटनावाली गांव के सूखे कुएं में छिपाई गई थीं। मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।



इस मामले में सबसे बड़ा नाम दवाइयों के होलसेलर हिमांशु अग्रवाल का है। साल 2025 में भी हिमांशु को नकली दवाओं के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुड्डुचेरी में नकली दवाओं का रैकेट भी पकड़ा गया था।



क्या है पूरा मामला?

भरतपुर के बयाना के खटनावाली गांव के सूखे कुएं से दवाइयों के 274 कार्टन मिले थे। इनकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है। इनमें मुख्य रूप से हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी से संबंधित दवाइयां शामिल हैं।



इनमें लोसार-50, जानुमेट, केटोरोल-एम, एलेग्रा-एम और जालरा जैसी दवाइयां शामिल हैं। दवाइयां मिलने के बाद उनकी वास्तविकता, क्वालिटी, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी डेट की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।



कैसे सामने आया यूपी कनेक्शन



सूखे कुएं से दवाइयां मिलने (Dry well medicines recovery) के बाद ड्रग डिपार्टमेंट ने मामले की सूचना औषधि नियंत्रक उत्तर प्रदेश को दी। साथ ही औषधि निरीक्षक आगरा और संबंधित निर्माता कंपनियों को भी सूचित किया गया।



राजस्थान ड्रग डिपार्टमेंट की सूचना पर यूपी ड्रग डिपार्टमेंट ने जांच की। जांच में आगरा के मलपुरा क्षेत्र में एक बाड़े से भारी मात्रा में दवाओं का भंडार मिला। इसके बाद यूपी ड्रग डिपार्टमेंट ने दवाइयां जब्त (Medicine Seizure) कीं।



डीजल से जलाने का वीडियो



यूपी ड्रग डिपार्टमेंट ने मलपुरा थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इन दवाओं के स्टोरेज और खरीदने-बेचने से संबंधित कोई लाइसेंस नहीं मिला था। यह बड़ा खुलासा है।



मामले में गिरफ्तार सलुआ उर्फ मुकीम के मोबाइल फोन से कुछ वीडियो भी मिले हैं। 27 सितंबर की रात के वीडियो में नदी के किनारे दवाओं के ऊपर डीजल डालकर जलाने की रिकॉर्डिंग शामिल है। इससे साबित होता है कि दवाओं को नष्ट करने की कोशिश की गई।



कौन-कौन हुए गिरफ्तार?



इस पूरे मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें होलसेलर हिमांशु अग्रवाल शामिल है। इसके अलावा इकरार, शामिन, सलुआ और आशीष को भी गिरफ्तार किया गया है।



हिमांशु के खिलाफ पहले भी यूपी में एफआईआर दर्ज है। उसके पिता के नाम से पहले मेडिकल का लाइसेंस था। ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार हिमांशु पहले भी यूपी में गिरफ्तार हो चुका है।



पहले भी कर चुका है रिश्वत की कोशिश

उस वक्त जांच में सामने आया था कि हिमांशु पुड्डुचेरी में नकली दवाइयां (Fake Medicine) सप्लाई करता था। पिछले साल नकली दवाओं के कारोबार के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए एक करोड़ की रिश्वत देने के आरोप में उसे जेल भेजा गया था।



दिसंबर में जेल से छूटने के बाद वह फिर से इस खेल में शामिल हो गया। जांच में सामने आया है कि यूपी में नकली दवाओं पर की जा रही सख्ती से बचने के लिए उसने राजस्थान में दवाई छुपाई थी।



कुछ सवाल अब भी बाकी



इन दवाओं को भरतपुर जिले के बयाना तहसील के खटनावाली गांव में एक सूखे कुएं में क्यों छिपाया गया। आगरा से आने वाले ट्रक ड्राइवर को कैसे पता चला कि इस गांव में सूखा कुआं है। यह सवाल अब भी बना हुआ है।



विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिस कुएं में दवाएं छिपाई गईं, उसका उस इलाके में रहने वाले एक मेडिकल स्टोर से कुछ कनेक्शन हो सकता है। जांच में इस एंगल पर भी काम हो रहा है।



एक्सपायरी दवाओं की भी जांच

सूखे कुएं से एक्सपायरी दवाएं भी मिली हैं। जांच की जा रही है कि डेट बदलकर दोबारा बेचने का मकसद तो नहीं था। ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार एक्सपायरी दवाओं को निर्माता कंपनी को वापस लौटाने पर पूरा क्लेम मिलता है।



ऐसे में आशंका है कि एक्सपायरी दवाओं को लौटाकर क्लेम ले लिया गया हो। फिर इन दवाओं को चुराकर बाजार में बेचने के लिए एक्सपायरी डेट मिटाने की तैयारी हो। यह मामला जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।



क्यों अहम है यह मामला?

नकली और एक्सपायरी दवाओं का कारोबार आम लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। इस मामले में 5 करोड़ की दवाइयां बरामद हुई हैं। इनमें हृदय रोग और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं शामिल हैं।



अगर ये दवाएं बाजार में पहुंच जातीं तो बड़ा नुकसान हो सकता था। ड्रग डिपार्टमेंट और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह रैकेट पकड़ा गया। अब जांच में और क्या खुलासे होते हैं, यह देखना जरूरी है।

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