रिश्वत लेते सहायक अभियंता गिरफ्तार, घर से 43 लाख नकद और 20 किलोग्राम चांदी बरामद

Ashish Bhardwaj | Sept 15, 2026, 21:45 IST
भरतपुर में एसीबी
राजस्थान के भरतपुर में एसीबी ने रिश्वत लेते सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद को गिरफ्तार किया। घर की तलाशी में 43.38 लाख रुपये नकद और करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियां बरामद हुईं।

समझें क्या है पूरा मामला

एसीबी ने सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद को 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार।


आरोपी के घर की तलाशी में 43.38 लाख रुपये हुए बरामद ।


घर से करीब 20 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां भी मिली।


हिंडौन और जयपुर में भी आरोपी की संपत्तियों के दस्तावेज मिले।


आय के स्रोत और संपत्ति के स्वामित्व की जांच अब शुरू।



भरतपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई में एक सहायक अभियंता की बड़ी काली कमाई का खुलासा हुआ है। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी भरतपुर इकाई ने 14 सितंबर 2026 को कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति भुसावर, जिला भरतपुर के सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसके बाद हुई तलाशी में आरोपी के घर से लाखों की नकदी और चांदी बरामद हुई है।



गिरफ्तारी के बाद ट्रैप कार्रवाई के तहत आरोपी के रिहायशी मकान की नियमानुसार तलाशी ली गई। यह तलाशी ओमप्रकाश मीणा, उप महानिरीक्षक पुलिस, एसीबी रेंज भरतपुर की निगरानी में अमित सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी चौकी भरतपुर की टीम ने ली।



घर से मिला नकदी और चांदी का जखीरा

तलाशी के दौरान आरोपी के घर से 43 लाख 38 हजार 500 रुपये नकद बरामद हुए। इसके साथ ही घर से करीब 20 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां भी मिलीं। यह भारी भरकम रकम और चांदी देखकर एसीबी टीम भी हैरान रह गई। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि आरोपी के पास आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा हो चुकी थी।



हिंडौन और जयपुर तक फैली संपत्ति

नकदी और चांदी के अलावा तलाशी में आरोपी की कई अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। इनमें कस्बा हिंडौन में स्थित दो दुकानों के दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा जयपुर के मानसरोवर इलाके में हाउसिंग बोर्ड के एक मकान से जुड़े कागजात भी बरामद हुए हैं। इनके अलावा कुछ अन्य भू-संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी टीम को मिले हैं।



अब होगी स्रोत और स्वामित्व की जांच

एसीबी अब तलाशी में मिली नकदी, चांदी और संपत्तियों के दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है। जांच का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि यह संपत्ति किस स्रोत से जुटाई गई और इसका स्वामित्व किसके पास है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि यह संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से मेल खाती है या नहीं। तलाशी रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर प्रकरण में आगे की जांच की जाएगी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।



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