भरतपुर के नदबई में ACB की बड़ी कार्रवाई, डॉक्टर का दलाल 35 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

Jageshwar prasad | Oct 08, 2026, 15:44 IST
भरतपुर के नदबई में ACB ने राजकीय चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और उनके कथित दलाल को ट्रैप किया।
नदबई में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के मामले में सख्त कदम उठाया । वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा के साथ त्रिलोकचंद्र शर्मा नामक दलाल को भी गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने 35 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने इस मामले में गोपनीय जांच करके ट्रैप कार्रवाई की।

भरतपुर जिले के नदबई में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राजकीय चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और उसके कथित दलाल को ट्रैप किया गया है। एसीबी की धौलपुर चौकी की टीम ने कार्रवाई की।



टीम ने 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दलाल त्रिलोकचंद्र शर्मा उर्फ चीनू को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। वहीं रिश्वत मांगने के आरोपी राजकीय चिकित्सालय नदबई के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा को उनके सरकारी आवास से डिटेन किया गया है।



क्या थी परिवादी की शिकायत?

एसीबी के अनुसार परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसने नदबई थाने में मारपीट का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में उसके परिजनों को आई चोटों का मेडिकल मुआयना राजकीय चिकित्सालय नदबई में करवाया जाना था।



आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट में हैवी एमएलसी (MLC – Medico Legal Case) बनाने की एवज में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा द्वारा अपने कथित दलाल त्रिलोकचंद्र शर्मा उर्फ चीनू के माध्यम से 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी।



शिकायत मिलने के बाद एसीबी की धौलपुर चौकी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।




ACB ने कैसे की ट्रैप कार्रवाई?

एसीबी भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा (Om Prakash Meena) के सुपरविजन में धौलपुर चौकी के पुलिस उप अधीक्षक प्रेमचंद्र मीणा के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।



कार्रवाई के दौरान त्रिलोकचंद्र शर्मा उर्फ चीनू को 35 हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी के मुताबिक रिश्वत की रकम आरोपी त्रिलोकचंद्र शर्मा की पहनी हुई पेंट की जेब से बरामद की गई।



वहीं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा को उनके सरकारी आवास से डिटेन किया गया। एसीबी की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं।




भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परमिला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी है।



एसीबी ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे अनुसंधान किया जाएगा। जांच के दौरान रिश्वत मांगने और लेने की पूरी प्रक्रिया तथा इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका होने की भी जांच की जाएगी।




एसीबी ने सतर्क रहने की अपील की

एसीबी ने लोगों को जानकारी दी है कि किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में अभियोग, प्राथमिक जांच या अन्य कोई प्रकरण दर्ज होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति एसीबी से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है।



एसीबी द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही अनुसंधान में आगे का निर्णय लिया जाता है। एसीबी ने लोगों को धोखाधड़ी से बचने के लिए भी सतर्क रहने की अपील की है।



भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। एसीबी ने आमजन से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही अपने वैध कार्यों में किसी तरह की रिश्वत की मांग होने पर शिकायत करने को कहा है।




ACB का भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश

यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश है। स्वास्थ्य विभाग में रिश्वत लेने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। इससे आम लोगों का भरोसा बढ़ेगा।



एसीबी ने त्वरित कार्रवाई की है। शिकायत के बाद सत्यापन और ट्रैप किया गया। इससे साफ है कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए विभाग गंभीर है। अब देखना जरूरी है कि जांच में और क्या खुलासे होते हैं।

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