भिवाड़ी में क्राउन रबर पॉलीमर फैक्ट्री में आग, दूसरी बार भीषण अग्निकांड; घंटों धधकती रही लपटें
News In Short
- भिवाड़ी की क्राउन रबर पॉलीमर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, धुएं के गुबार से ढका आसमान।
- समय रहते फैक्ट्री और आसपास के इलाके को खाली कराया गया, कोई जनहानि नहीं।
- पिछले साल भी इसी फैक्ट्री में लगी थी आग, जो तीन दिनों तक नहीं बुझ पाई थी।
- RIICO और नगर परिषद की दर्जनों दमकलों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू।
- बार-बार आग लगने की घटनाओं ने फैक्ट्री की सुरक्षा पोल खोल दी, जांच जारी।
News In Detail
सुनील जैन@अलवर
खैरथल-तिजारा के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब क्राउन रबर पॉलीमर फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। रबर और केमिकल होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी यूनिट काले धुएं के गुबार में समा गई।
दर्जनों दमकलें और सुरक्षा घेरा
भिवाड़ी अग्निकांडकी सूचना मिलते ही रीको (RIICO) फायर स्टेशन और नगर परिषद की दमकलों सहित आसपास की अन्य कंपनियों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए आसपास की कंपनियों के श्रमिकों और कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
रबर के कारण आग बार-बार सुलग रही थी, जिसे बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को घंटों तक संघर्ष करना पड़ा। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौजूद रहे।
सुरक्षा पर उठते सवाल
हैरानी की बात यह है कि इसी फैक्ट्री में पिछले साल भी भीषण आग लगी थी, जिसे बुझाने में दो से तीन दिन का समय लगा था। पिछले साल के हादसे के बाद भी आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया था। अब दोबारा उसी जगह इतना बड़ा अग्निकांड होने से फैक्ट्री प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और फायर फाइटिंग सिस्टम पर सवालिया निशान लग गए हैं।
वर्तमान स्थिति
प्रशासन के अनुसार, फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन रबर की प्रकृति को देखते हुए 'कूलिंग प्रोसेस' अभी भी जारी है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि बार-बार होने वाले इन हादसों के पीछे असली वजह क्या है।
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