अवैध पटाखा फैक्ट्री में दोबारा आग लगी, 10 दिन में दूसरी बार घटना
News In Short
- भिवाड़ी खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सील्ड अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगी।
- यह घटना 10 दिन के भीतर दूसरी बार हुई है, लेकिन किसी की जान नहीं गई।
- भारी पटाखों के स्टॉक के कारण जोरदार धमाके हो रहे हैं।
- दमकल वाहन और फायरकर्मी आग बुझाने में लगे हुए हैं।
- पुलिस और प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली कर सुरक्षा घेरा बनाया।
News In Detail
सुनील जैन@अलवर
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में रविवार को एक सील्ड अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लग गई। यह घटना मात्र 10 दिन के अंदर दूसरी बार हुई है। फैक्ट्री पहले से सील होने के कारण अंदर कोई मजदूर (Workers) नहीं था, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
दमकल की टीम कर रही आग बुझाने का प्रयास
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग फैक्ट्री के पहले तल में लगी। भारी मात्रा में पटाखों के स्टॉक के कारण जोरदार धमाके हो रहे हैं। चारों तरफ घना धुआं फैल गया। खुशखेड़ा रीको फायर स्टेशन की दो दमकल गाड़ियां आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।
पुलिस और सुरक्षा पर सवाल
फैक्ट्री सील होने के बावजूद और बाहर 24 घंटे पुलिस का पहरा रहने के बावजूद 10 दिन के भीतर दो बार आग लगने की घटना ने स्थानीय लोगों में आश्चर्य और संदेह पैदा किया है। कई लोग इसे संदिग्ध मान रहे हैं और चर्चा कर रहे हैं कि कहीं फैक्ट्री मालिक को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।
पहले भी लग चुकी थी आग
13 मई को इसी फैक्ट्री में अज्ञात कारणों से आग लगी थी, जो पहले तल पर रखे पटाखों और पैकिंग सामग्री तक सीमित रही। दमकल की त्वरित कार्रवाई से उस समय आग पर काबू पाया गया था।
मालिक का विवादित इतिहास
फैक्ट्री संचालक हेमंत सचदेवा के नाम से जानी जाती है। 16 फरवरी 2026 को उनकी दूसरी पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी, जिसमें 9 मजदूर जिंदा जल गए थे। उस मामले में भिवाड़ी पुलिस के तत्कालीन DST इंचार्ज मुकेश कुमार और कांस्टेबल योगेश शर्मा की भूमिका सामने आई। फैक्ट्री संचालक और संबंधित लोग जेल में हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है।
FAQs
भिवाड़ी खुशखेड़ा में फैक्ट्री में आग कैसे लगी?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग का कारण अभी अज्ञात है। फैक्ट्री के पहले तल में भारी पटाखों का स्टॉक होने के कारण लगातार धमाके हो रहे हैं।
क्या इस आग में किसी की जान गई है?
चूंकि फैक्ट्री पहले से सील थी और अंदर कोई मजदूर नहीं था, इसलिए इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
आग पर काबू पाने के लिए कितनी दमकल गाड़ियां लगीं और चुनौती क्या है?
खुशखेड़ा रीको फायर स्टेशन की दो दमकल गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं। भारी धुआं और ज्वलनशील पटाखों के कारण आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण है।\
ये भी पढे़:-
प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग, पूरा प्लांट राख, एक दर्जन से ज्यादा दमकल मौके पर
सब्जी की दुकान से SP तक का सफर, आईपीएस कांबले शरण गोपीनाथ की कहानी
CBSE करेगा छात्रों से ज्यादा ली गई फीस रिफंड, स्कैन आंसरशीट के आवेदन में हुई थी तकनीकी गड़बड़ी