कुमावत समाज ने भाजपा कांग्रेस का किया सामाजिक बहिष्कार, निर्दलीय प्रत्याशी उतारनें की तैयारी
पंचायत चुनाव से पहले कुमावत समाज ने सियासी ताकत दिखाने की तैयारी की है। सोमवार को रूणपंछोर चौकी में हुई जिला महापंचायत बैठक में भाजपा और कांग्रेस से दूरी बनाने पर मंथन हुआ। समाज ने दलों का टिकट छोड़ अपने निर्दलीय प्रत्याशी उतारने पर भी चर्चा की। भाजपा विधायक दीप्ति माहेश्वरी समेत कई नेताओं के सामाजिक बहिष्कार का फैसला हुआ। दोनों दलों से जुड़े समाज के कई पदाधिकारियों के इस्तीफे भी सामने आए।
कहां हुई कुमावत समाज महापंचायत?
कुमावत समाज महापंचायत रूणपंछोर चौकी संस्थान में हुई। इसमें चारों चौकियों के वरिष्ठ पंच-पटेल पहुंचे। 84 गांवों के पंच-पटेल भी इसमें शामिल हुए। समाज के बुजुर्ग और बड़ी संख्या में युवा भी मौजूद रहे। सबकी मौजूदगी में राजनीतिक भागीदारी पर पांच अहम प्रस्ताव रखे गए।
भाजपा - कांग्रेस का सामाजिक बहिष्कार
महापंचायत में दोनों बड़े दलों से दूरी बनाने का प्रस्ताव रखा गया। भाजपा और कांग्रेस, दोनों से सामाजिक बहिष्कार या दूरी की बात हुई। समाज ने अपने दम पर राजनीतिक फैसले लेने पर जोर दिया।
किन नेताओं के बहिष्कार का फैसला
महापंचायत में कुछ नेताओं के सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया। इनमें भाजपा विधायक दीप्ति माहेश्वरी का नाम है। भाजपा जिला अध्यक्ष जगदीश पालीवाल और आदित्य प्रताप सिंह भी इसमें शामिल हैं। कांग्रेस पदाधिकारियों के सामाजिक बहिष्कार का फैसला भी लिया गया। यानी भाजपा कांग्रेस का सामाजिक बहिष्कार अब समाज की खुली रणनीति बन गया है।
सामाजिक अनुशासन पर प्रस्ताव
महापंचायत में सामाजिक अनुशासन पर भी कड़ा प्रस्ताव आया। इसके मुताबिक समाज कोई सामूहिक राजनीतिक फैसला लेगा तो सबको मानना होगा। कोई समाजजन दोनों दलों के पदाधिकारियों से सक्रिय जुड़ा मिला, तो समाज फैसला करेगा। इस मुद्दे पर समाज के कई लोगों ने अपनी राय रखी।
कुमावत समाज पदाधिकारियों के इस्तीफे
महापंचायत में दोनों दलों से जुड़े कई पदाधिकारियों के इस्तीफे सामने आए। कुमावत समाज पदाधिकारियों के इस्तीफे इस बैठक की अहम खबर रहे।
भाजपा से जुड़े नाम
भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रतिनिधि मांगीलाल कुमावत का नाम इसमें है। भाजपा मीरा मंडल के पूर्व महामंत्री देवीलाल भी शामिल हैं। भाजपा बूथ अध्यक्ष नानालाल कुमावत, सुंदरलाल दौराया और सीताराम भी इस सूची में हैं। भाजयुमो (BJYM – Bharatiya Janata Yuva Morcha) राजसमंद के नगर महामंत्री नरेश कुमावत का नाम भी है।
कांग्रेस से जुड़े नाम
कांग्रेस के जिला महासचिव गणेशलाल कुमावत और मोहनलाल कुमावत ने भी इस्तीफा दिया। राजसमंद विधानसभा क्षेत्र के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनू कुमावत भी इसमें शामिल हैं। कांग्रेस मंडल अध्यक्ष भूरालाल कुमावत का नाम भी सूची में है।
कुमावत समाज निर्दलीय प्रत्याशी उतारेगा?
महापंचायत में आगामी चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि समाज किसी भी दल से टिकट नहीं लेगा। इसके बजाय समाज अपने निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। वक्ताओं ने कहा कि समाज अपनी राजनीतिक ताकत के आधार पर खुद फैसले ले। राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में कुमावत समाज निर्दलीय प्रत्याशी उतारकर ताकत दिखाना चाहता है।
किसी एक दल तक सीमित नहीं रणनीति
महापंचायत में यह साफ किया गया। रणनीति किसी एक दल के पक्ष या विरोध तक सीमित नहीं होगी। यह समाज के हित और सम्मान को ध्यान में रखकर तय होगी।
समाज की एकता सबसे ऊपर
कुमावत समाज के मीडिया प्रभारी नरेश कुमावत ने महापंचायत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज के कई लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी।चर्चा राजनीतिक भागीदारी, सम्मान और स्थानीय चुनावों में प्रतिनिधित्व पर हुई। सामाजिक एकता पर भी लंबी बात हुई। नरेश कुमावत के मुताबिक सामूहिक सहमति से आगे की रणनीति तय होगी।
युवाओं ने भी दिखाई एकजुटता
महापंचायत में युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने समाज की राजनीतिक भागीदारी मजबूत करने का आह्वान किया। स्थानीय चुनावों में संगठित रणनीति के साथ उतरने पर भी जोर दिया।
पंचायत चुनाव में क्या होगा असर?
Kumawat Samaj mahapanchayat के फैसलों से समाज की रणनीति साफ दिख रही है। यह जातीय महापंचायत राजस्थान की पंचायत सियासत में नई हलचल लेकर आई है। Kumawat community boycott BJP Congress का कितना असर होगा, यह चुनाव बताएगा। भाजपा या कांग्रेस की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।