बीकानेर में मिलावट पर बड़ा एक्शन, 28 हजार किलो दूषित मैदा सीज; 400 किलो फफूंद लगा मावा नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध के अनुसार, जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें दूध, मावा, मिठाई, मसाले, घी, तेल और ड्राई फ्रूट की जांच कर रही हैं।
28 हजार किलो मैदा सीज, खराब मिठाइयां नष्ट
अभियान के दौरान करीब 28 हजार किलो दूषित मैदा सीज किया गया। वहीं, 400 किलो फफूंद लगा मावा जनहित में नष्ट करवाया गया। टीम को 309 किलो खराब बादाम, पिस्ता और अखरोट भी मिले। इन्हें भी मौके पर नष्ट कराया गया।
इसके अलावा 90 किलो खराब गुलाब जामुन, 735 किलो अवधिपार काला नमक और 2,750 किलो एक्सपायरी मैदा पापड़ नष्ट करवाए गए। विभाग की कार्रवाई में सामने आई यह मात्रा त्योहार के बाजार में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जांच रिपोर्ट तक सीज रहेंगे तेल, घी और आटा
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई अन्य खाद्य पदार्थों को भी जांच रिपोर्ट आने तक सीज किया है। इनमें 1,250 किलो हाई लाइफ ब्रांड की सूजी और 3,950 किलो शिवशक्ति ब्रांड का आटा शामिल है। इसके साथ ही धनश्री ब्रांड का 750 लीटर तेल भी जब्त किया गया है।
विभिन्न ब्रांडों का करीब 22 हजार किलो खाद्य तेल और वातुला, निजोन तथा वर्सेटाइल ब्रांड का 2,319 लीटर घी भी सीज किए जाने की जानकारी दी गई है। इन खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इनके संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
100 से ज्यादा सैंपल जांच के लिए भेजे
डॉ. पुखराज साध के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अब तक 100 से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। अभियान में दूध और दूध से बने उत्पादों, मिठाइयों, मसालों, घी, तेल और ड्राई फ्रूट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानू प्रताप सिंह, सुरेन्द्र कुमार, राकेश कुमार गोदारा, निशान्त चारण, सोना रानी, ममता सोनगरा, इंद्र प्रकाश ढाका और महावीर मेघवाल शामिल हैं।
अखबार में मावा रखना भी प्रतिबंधित
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि फफूंद लगा या मिलावटी मावा न तो स्टोर करें और न ही बेचें। मावे को अखबार के कागज में लपेटकर रखना भी प्रतिबंधित है। कचौरी, समोसे और पकौड़े जैसी चीजें अखबार या रंगीन कागज में परोसने से बचने को कहा गया है।
दूध, मावा, पनीर और दूध से बनी मिठाइयों के परिवहन में निर्धारित कोल्ड चेन व्यवस्था अपनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। दुकानों और निर्माण इकाइयों में साफ-सफाई रखने की हिदायत दी गई है।
दिवाली के दौरान मिठाइयों और खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग ने साफ किया है कि मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। अब इस कार्रवाई में सीज किए गए खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट अहम होगी। रिपोर्ट से पता चलेगा कि संदिग्ध सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।