बीकानेर के केला गांव में सरपंच चुनाव के बाद पथराव, 50 से ज्यादा लोग हिरासत में
राजस्थान के बीकानेर जिले के छतरगढ़ उपखंड के केला गांव में सरपंच चुनाव का परिणाम घोषित होने के बाद तनाव फैल गया। जमीला ने इकबाल को 34 वोटों से हराकर जीत दर्ज की, लेकिन नतीजे सामने आते ही गांव में विवाद और पथराव शुरू हो गया। घटना के दौरान पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
34 वोटों से जीत के बाद बिगड़ा माहौल
केला गांव में सरपंच पद के चुनाव की मतगणना पूरी होने के बाद जमीला को विजेता घोषित किया गया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी इकबाल को 34 वोटों के अंतर से हराया। नतीजे के बाद गांव में एक तरफ जीत का जश्न था, तो दूसरी तरफ हार से नाराज समर्थकों के बीच तनाव बढ़ने लगा। कुछ ही देर में विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच पथराव होने लगा। पत्थर और ईंटें फेंके जाने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पथराव में पुलिसकर्मी भी बने निशाना
पथराव के दौरान पुलिसकर्मियों पर भी पत्थर फेंके जाने की जानकारी है। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्के बल का इस्तेमाल किया। अधिकारियों की अगुवाई में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को गांव में तैनात किया गया, ताकि हिंसा आगे न बढ़े।
50 से ज्यादा लोग हिरासत में
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और रिकॉर्डिंग की मदद भी ली गई। गांव में तलाशी अभियान चलाकर स्थिति पर नियंत्रण करने की कोशिश की गई।
गांव में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती
तनाव को देखते हुए गांव में 150 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानकारी दी गई है। पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की टीमें गांव और आसपास के इलाकों में गश्त कर रही हैं, ताकि दोबारा कोई विवाद या हिंसा न हो।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस का ध्यान गांव में शांति बनाए रखने और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने पर है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ और उपलब्ध फुटेज की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। घटना को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।