बॉर्डर पर ड्रोन से गिराई 50 करोड़ की हेरोइन, इंटरनेशनल सिंडिकेट बेनकाब
समझें क्या है पूरा मामला
- बीकानेर बॉर्डर पर 50 करोड़ की हेरोइन बरामद।
- ड्रोन से गिराई गई थी नशे और हथियारों की खेप।
- पाकिस्तान-दुबई तक फैला तस्करी नेटवर्क उजागर।
- हवाला के जरिए भेजी जा रही थी रकम।
- पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह की जांच तेज की।
राजस्थान में बीकानेर के खाजूवाला अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बड़ी वारदात सामने आई है। यहां ड्रोन के जरिए 50 करोड़ रुपए मूल्य की अफगानी हेरोइन और विदेशी हथियार गिराए गए थे। जांच में इसके पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क सामने आया है। पता चला है कि इस खेप के बदले रकम हवाला के जरिए दुबई होते हुए पाकिस्तान भेजी गई थी।
अब राजस्थान पुलिस, पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। यह नेटवर्क पाकिस्तान, अफगानिस्तान और दुबई तक फैला हुआ बताया जा रहा है।
क्या-क्या हुई बरामदगी
आईजी ओमप्रकाश और एसपी मृदुल कच्छावा ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 किलो हेरोइन बरामद की। इसके साथ ही 11 विदेशी पिस्टल, 22 मैगजीन और 100 कारतूस भी जब्त किए गए।
इस कार्रवाई में पाली निवासी वीरेन्द्र सिंह राजपुरोहित को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि यह पूरी खेप पंजाब पहुंचाई जानी थी।
पहले भी मिल चुकी है बड़ी खेप
यह पहला मामला नहीं है। पुलिस के अनुसार अप्रैल महीने में भी एक बड़ा मामला सामने आया था। पूगल थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना हुई थी। दुर्घटना में शामिल स्कूटी की तलाशी के दौरान 14 किलो हेरोइन बरामद हुई थी।
इस मामले में ग्वालियर निवासी राहुल रावत और प्रशांत को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत अब तक फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने सात विशेष टीमें भेजी हैं।
जेल में बैठकर चला रहा था नेटवर्क
पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला कि पूरे नेटवर्क का संचालन विक्की उर्फ विक्रम कर रहा था। वह फिलहाल पंजाब की जेल में बंद है। इसके बावजूद उसका पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से सीधा संपर्क बना हुआ था।
पुलिस के अनुसार हेरोइन की खेप के भुगतान के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। दुबई में सक्रिय सहयोगियों के जरिए यह रकम पाकिस्तान तक पहुंचाई गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हवाला के जरिए कुल कितनी रकम भेजी गई।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने भी इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की सभी कड़ियों को जोड़ने का काम चल रहा है। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों और पंजाब पुलिस के साथ समन्वित कार्रवाई की जा रही है।
कुरियर बॉय बनाकर करवाई जाती थी तस्करी
जांच में गिरोह के तरीके का भी खुलासा हुआ है। विक्की ने राजस्थान और पंजाब में एक संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा था। वह जरूरतमंद युवाओं को निशाना बनाता था। उन्हें मोटे भुगतान का लालच देकर 'कुरियर बॉय' बनाया जाता था।
यह कुरियर बॉय सीमा से मादक पदार्थ और हथियार उठाकर तय स्थान तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी वीरेन्द्र सिंह को एक खेप पहुंचाने के लिए 50 हजार रुपए देने की बात तय हुई थी।
किन जिलों तक फैला है नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में गिरोह के फैलाव का भी पता चला है। यह गिरोह मुख्य रूप से जोधपुर, नागौर और पाली जिलों में सक्रिय है। इसमें करीब 20 से 25 सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस अब अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ भी समन्वय कर रही है। मकसद है कि पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जा सके।
FAQ
- बीकानेर बॉर्डर पर हेरोइन तस्करी में क्या बरामद हुआ है?
ड्रोन के जरिए गिराई गई 50 करोड़ रुपए की अफगानी हेरोइन और विदेशी हथियार बरामद हुए हैं। इसमें 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल, 22 मैगजीन और 100 कारतूस शामिल हैं। - हेरोइन तस्करी के नेटवर्क को कौन चला रहा था?
पूछताछ में सामने आया कि इस नेटवर्क को विक्की उर्फ विक्रम चला रहा था, जो पंजाब की जेल में बंद है। उसका सीधा संपर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से था। - हेरोइन तस्करी गिरोह किन जिलों में सक्रिय है?*
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह गिरोह जोधपुर, नागौर और पाली जिलों में सक्रिय है। इसमें करीब 20 से 25 सदस्य शामिल हैं।
ये खबर भी पढे़:-
जॉब के नाम पर विदेश भेजकर बनाते थे साइबर गुलाम, 5 आरोपियों गिरफ्तार
हाई कोर्ट ने आसाराम को दी 20 दिन की पैरोल, सरकार का विरोध खारिज
केंद्र ने कहा- मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक के योग्य नहीं, जानिए क्या दिए तर्क
अलवर में जासूसी नेटवर्क का खुलासा, सेना की जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप