मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस के AC कोच में 1 करोड़ की ज्वैलरी और 8 लाख रुपए नकद चोरी
समझें क्या है पूरा मामला
- ट्रेन में सफर के दौरान चोरी हुए एक करोड़ के गहने
- घर पहुंचकर खुला बैग, तब पता चली बड़ी चोरी
- एसी कोच से गायब हुए 70 तोला सोना और नकदी
- मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में हुई लाखों की चोरी
- मां-बेटी के बैग से गायब हुए जेवर, जांच शुरू
बीकानेर। मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रहे यात्रियों के सामान की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया। ट्रेन में यात्रा कर रही मां-बेटी के बैग से करीब एक करोड़ रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और 8 लाख रुपए नकद चोरी हो गए।
हैरानी की बात यह है कि परिवार को चोरी की जानकारी ट्रेन से उतरने के बाद घर पहुंचकर बैग खोलने पर मिली। घटना की शिकायत मिलने के बाद बीकानेर जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब चोरी की घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को जुटाने में लगी हुई।
नागपुर से नोखा के लिए रवाना हुई थीं मां-बेटी
पुलिस के अनुसार, बीकानेर जिले के देसलसर निवासी विक्रम राजपुरोहित ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उनका परिवार महाराष्ट्र के अमरावती जिले के वरूड़ में मिठाई का कारोबार करता है। परिवार की मांगीदेवी और उनकी बेटी डिंपल राजपुरोहित 11 सितंबर को नागपुर से नोखा आने के लिए मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में सवार हुई थीं।
यात्रा के दौरान दोनों के लिए ट्रेन के एसी कोच बी-1 में सीट नंबर 25 और 28 निर्धारित थीं। उनके साथ दो ट्रॉली बैग समेत तीन-चार अन्य बैग भी थे। परिवार के अनुसार, इन बैगों को सीट के नीचे रखा गया था। यात्रा के दौरान सामान उनके साथ रहा, लेकिन चोरी कब और किस स्थान पर हुई, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया।
नोखा पहुंचने के बाद घर पर खुला चोरी का राज
मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस 12 सितंबर को नोखा पहुंची। ट्रेन से उतरने के बाद परिजन सामान लेकर अपने गांव चले गए। घर पहुंचने पर मांगीदेवी ने जब ट्रॉली बैग खोला, तो उसमें रखे कीमती आभूषण और नकदी गायब मिली। सामान की जांच करने पर परिवार को पता चला कि बैग से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और रुपए चोरी हो चुके हैं।
चोरी की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और बीकानेर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। घर पहुंचने के बाद चोरी का पता चलने से पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि वारदात ट्रेन के किस हिस्से या किस स्थान पर हुई।
70 तोला सोना, आधा किलो चांदी और 8 लाख नकद गायब
परिजनों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चोरी हुए सामान में करीब 70 तोला सोने के आभूषण, आधा किलो चांदी के आभूषण और 8 लाख रुपए नकद शामिल हैं। परिवार ने चोरी हुए आभूषणों की कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपए बताई।
इस तरह आभूषणों और नकदी को मिलाकर परिवार को आर्थिक नुकसान होने की बात सामने आई। हालांकि, चोरी किए गए सामान की वास्तविक कीमत और अन्य विवरणों की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी।
चलती ट्रेन में हुई चोरी या स्टेशन पर वारदात?
मामले की जांच में अब सबसे अहम सवाल यही है कि मां-बेटी के बैग से सामान कब चोरी हुआ। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी चलती ट्रेन के दौरान हुई या फिर रास्ते में किसी स्टेशन पर सामान को निशाना बनाया गया।
बीकानेर जीआरपी ट्रेन के रूट पर आने वाले संबंधित स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सकती है। इसके अलावा पुलिस एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों और यात्रा के दौरान हुई संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह समझने का प्रयास करेगी कि बैग तक किसी बाहरी व्यक्ति की पहुंच कैसे हुई और चोरी की घटना किस समय घटित हुई। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से चोरी के निश्चित स्थान या संदिग्ध आरोपी की पहचान की पुष्टि नहीं की गई है।
जीआरपी ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद बीकानेर जीआरपी ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। इस मामले में चोरी की जगह, वारदात का समय और आरोपियों की पहचान से जुड़े तथ्य सामने आना बाकी है।
ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के सामान की सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय है। खासकर कीमती आभूषण और नकदी साथ लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने सामान की निगरानी पर ध्यान देना पड़ता है। हालांकि, इस घटना में चोरी किस तरह हुई, इसका पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल, मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस के एसी कोच से करीब एक करोड़ रुपए के आभूषण और 8 लाख रुपए नकद चोरी होने के मामले में बीकानेर जीआरपी की जांच जारी है। पुलिस की जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य विवरण और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
ये खबर भी पढे़ं...
उपभोक्ता विवाद: मोतियाबिंद ऑपरेशन में नेग्लिजेंस, अब 6 लाख का मुआवजा देने का आदेश
राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव: OBC आरक्षण पर सरकार बोली- 50% सीमा में दिए गए पद
जयपुर डिजिटल अरेस्ट केस में तीसरा आरोपी गिरफ्तार, बुजुर्ग दंपती से ठगे थे 76 लाख
बीड़ पापड़ वन भूमि पर RIICO का कब्जा अवैध, NGT ने दिए 30 दिन में वापसी के आदेश