गर्मी में आई बीसलपुर बांध से बड़ी खबर, हर दिन डेढ़ सेमी हो रहा है पानी कम

Ashish Bhardwaj | May 13, 2026, 18:43 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में कई जिलों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध के जलस्तर में तेजी से गिरावट हो रही है। जानें बीसलपुर बांध की स्थिति और बढ़ते तापमान का असर।

News In Short

  • बीसलपुर बांध के जलस्तर में तेजी से गिरावट, बढ़ती गर्मी और वाष्पीकरण का असर।
  • टोंक जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया।
  • गर्मी से हर दो दिन में तीन सेंटीमीटर पानी हो रहा है कम।
  • बीसलपुर बांध क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही में गिरावट, दुकानदारों में मायूसी।

News In Detail

राजस्थान में बीसलपुर बांध जयपुर, अजमेर और टोंक जिले सहित लाखों लोगों की प्यास बुझाता है। अब इस बांध का प्रचंड गर्मी के कारण जल स्तर तेजी से गिर रहा है। पहले जहां प्रतिदिन लगभग एक सेंटीमीटर पानी कम हो रहा था, वहीं अब गर्मी में यह गिरावट हर दो दिन में लगभग तीन सेंटीमीटर तक पहुंच गई है। अधिकारियों के अनुसार केवल वाष्पीकरण में प्रतिदिन डेढ़ सेंटीमीटर से अधिक पानी खत्म हो रहा है।



जलस्तर में गिरावट का कारण

बीसलपुर बांध परियोजना के अधिशासी अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि सर्दियों के दौरान जब नहरों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता था, तब वाष्पीकरण कम रहता था। लेकिन अब नहरें बंद होने के बावजूद गर्मी के प्रभाव से बांध के जलगेज में प्रतिदिन डेढ़ सेंटीमीटर तक गिरावट दर्ज की जा रही है।



बांध का वर्तमान जलस्तर और जलभराव

परियोजना कंट्रोल रूम के अनुसार, मंगलवार को बांध का जलस्तर 314.04 आरएल मीटर था, जबकि वर्तमान में बांध में 28.564 टीएमसी पानी संग्रहित है। जब बांध का जलस्तर पूर्ण रूप से भर जाता है, तो गेज 315.50 आरएल मीटर और जलभराव 38.70 टीएमसी होता है। वर्तमान में लगभग 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पानी फैला हुआ है।



पर्यटन गतिविधियों पर असर

बीसलपुर बांध क्षेत्र में गर्मी का असर पर्यटन पर भी पड़ रहा है। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बांध क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहता है। पर्यटक अब केवल सुबह और शाम के समय में ही सीमित संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों में मायूसी फैल गई है।



बढ़ते तापमान का प्रभाव

टोंक जिले में मई माह में गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और विभिन्न विभागों को आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए हैं।



स्वास्थ्य पर असर और अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या

गर्मी के कारण टोंक जिले के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। उल्टी, चक्कर, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सआदत अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को 3050 मरीज पहुंच गए।



सआदत अस्पताल के पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया ने गर्मी से बचाव की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर नहीं निकलना चाहिए। सिर ढककर बाहर निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।



ये भी पढे़:-

RPSC में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी पाने का खुलासा, RPSC कर्मचारी समेत 2 गिरफ्तार



90 करोड़ की पेनल्टी माफी के बदले ली घूस, सीतालक्ष्मी की दूसरी बार जमानत याचिका खारिज



बिन मांगे पूरी हुई मुराद, होटल कंपनी को मिली बेशकीमती जमीन, कोर्ट का आया यह फैसला



RSSB ने की इन भर्ती परीक्षाओं की तारीख घोषित, जानें कब होंगी ये परीक्षाएं



Tags:
  • जयपुर
  • जलस्तर
  • जलभराव
  • बीसलपुर बांध
  • टोंक