राजस्थान चुनाव में युवाओं को टिकट देने की बात सिर्फ कागजी, बीजेपी-कांग्रेस को 50 से ज्यादा उम्र वालों पर ज्यादा भरोसा

Rahul Garhwal | Nov 09, 2023, 24:00 IST
राजस्थान चुनाव में युवाओं को टिकट देने की बात सिर्फ कागजी, बीजेपी-कांग्रेस को 50 से ज्यादा उम्र वालों पर ज्यादा भरोसा
राजस्थान चुनाव में युवाओं को टिकट देने की बात सिर्फ कागजी साबित हुई। बीजेपी-कांग्रेस को 50 से ज्यादा उम्र वालों पर ज्यादा भरोसा है।

मनीष गोधा, JAIPUR. कहते हैं नेताओं की कोई उम्र नहीं होती, बल्कि यदि टिकट और पद मिल जाए तो उम्रदराज नेता भी युवा हो जाते हैं। यही कारण है कि राजनीति में युवाओं को मौका देने की बातें तो होती हैं, लेकिन जब इस मामले में फैसले लेने का समय आता है तो युवाओं के जोश पर उम्र का अनुभव ही भारी पड़ता है।



उम्रदराज नेताओं को प्राथमिकता



राजस्थान विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण में अनुभव को प्राथमिकता दी गई है। कांग्रेस ने उदयपुर में हुए अपने चिंतन शिविर में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौके देने का फैसला किया था और बात ये भी आई थी कि चुनावों में भी युवाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट दिए जाएंगे, लेकिन हकीकत ये है कि कांग्रेस की लिस्ट में 71 साल से ज्यादा उम्र के 19 नेता हैं। इनमें भी 3 तो 80 पार हैं। वहीं बीजेपी भी अक्सर युवाओं को आगे बढ़ाने की बात करती है। इसने इस बार 75 साल की सीमा तो तय की, लेकिन 71 साल की आयु पार इसके भी 9 प्रत्याशी हैं।



40 साल तक के लोगों को माना जाता है युवा



सामान्य जनजीवन में युवा 40 साल तक के लोगों को माना जाता है। राजनीति में ये उम्र 50 भी मान ली जाए तो भी कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत यानी विधानसभा में जाने की इच्छा रखने वाले युवा नेताओं को निराश किया है।



बीजेपी-कांग्रेस ने किस आयु वर्ग के नेताओं पर किया ज्यादा भरोसा



बीजेपी में 51 से 75 आयु तक 135 टिकट



बीजेपी ने हालांकि इस बार 80 पार के दिग्गज नेताओं कैलाश मेघवाल और सूर्यकांता व्यास के टिकट काटे हैं और 75 साल से अधिक आयु के किसी नेता को टिकट नहीं दिया है, लेकिन इस 51 से 75 वर्ष की उम्र में ही इसने 200 में से 135 टिकट दे डाले हैं।



बीजेपी के 70 पार प्रमुख प्रत्याशी



  • वसुदेव देवनानी - 75 साल
  • रतन जलधारी - 74 साल
  • कालीचरण सराफ, पब्बाराम विश्नोई, नरपत सिंह राजवी और किरोड़ीलाल मीणा - 72 साल
  • वसुंधरा राजे - 70 साल

सबसे युवा प्रत्याशी



अंशुमान सिंह - 27 साल



कांग्रेस ने दिखाया युवाओं में कुछ ज्यादा भरोसा



राजनीति में 50 साल की आयु को भी युवावस्था में गिना जाता है और इस दृष्टि से देखें तो कांग्रेस ने युवाओं पर ज्यादा भरोसा दिखाया है। इसके प्रत्याशियों में से 79 प्रत्याशी 50 साल तक की आयु के हैं। हालांकि 80 साल से ज्यादा आयु के नेताओं को भी 4 टिकट दिए हैं, लेकिन 40 साल तक की आयु वर्ग में इसके 34 प्रत्याशी हैं जो बीजेपी से लगभग दोगुना हैं।



कांग्रेस के सबसे उम्रदराज प्रत्याशी



  • अमीन खान - 84 साल
  • दीपचंद खेरिया और हरिमोहन शर्मा - 83 साल
  • महादेव सिंह - 80 साल

कांग्रेस के सबसे युवा प्रत्याशी



कठूमर से संजना जाटव - 25 साल



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उम्र के लिहाज से रोचक मुकाबले



इस चुनाव में उम्र के हिसाब से कुछ रोचक मुकाबले हैं, जिनमें दोनों दलों के प्रत्याशियों की उम्र के बीच लगभग दोगुना का अंतर है। ऐसे प्रमुख रोचक मुकाबले...



  • कठूमर में कांग्रेस की 25 साल की संजना जाटव का मुकाबला बीजेपी के 66 साल के रमेश खींची से है।
  • कोलायत सीट पर बीजेपी के 27 साल के अंशुमान सिंह कांग्रेस के 49 साल के भंवर सिंह भाटी से भिड़ेंगे।
  • सूरसागर सीट से कांग्रेस के 28 साल शहजाद अयूब बीजेपी के 63 साल के देवेंद्र जोशी के साथ चुनाव मैदान में हैं।
  • शिव सीट पर बीजेपी के 47 साल के स्वरूप सिंह खारा का मुकाबला कांग्रेस के 84 साल के अमीन खान से होगा।
  • खंडेला सीट पर बीजेपी के 45 साल के सुभाष मील, कांग्रेस के 80 साल के महादेव सिंह से चुनावी मुकाबला करेंगे।
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