अशोक गहलोत बोले- निकाय चुनाव में भाजपा ने की गुंडागर्दी, अब पंचायत चुनाव में जनता देगी जवाब
समझें क्या है पूरा मामला
- गहलोत बोले, भाजपा ने की गुंडागर्दी।
- जनता पंचायत चुनाव में देगी जवाब।
- किसानों में सरकार को लेकर आक्रोश।
- अकाल पर तत्काल राहत की मांग।
- एशियन गेम्स के खिलाड़ियों को बधाई।
प्रदेश में पंचायत चुनाव (Panchayat Election) का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने भाजपा और भजनलाल सरकार पर आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में भाजपा ने खुली गुंडागर्दी की है।
उन्होंने कहा कि ऐसा राजस्थान के इतिहास में कभी नहीं हुआ। पुलिस के छापे डलवाए गए। प्रशासन का दुरुपयोग किया गया। इससे राजस्थान की जनता में आक्रोश है। निकाय चुनाव में भाजपा की गुंडागर्दी का जवाब जनता पंचायत चुनाव में देगी।
पंचायत चुनाव में नहीं चलेगी गुंडागर्दी
गहलोत ने रविवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में जनता का कटु अनुभव रहा है। पंचायत चुनाव में कांग्रेस भाजपा की गुंडागर्दी नहीं चलने देगी।
उन्होंने कहा कि हम लोग इनका मुकाबला करेंगे और पंचायत चुनाव में बड़ी कामयाबी हासिल करेंगे। विपक्ष में रहते ढाई साल में हमने सड़कों पर संघर्ष करने में कोई कमी नहीं रखी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सरकार को लेकर काफी रोष है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी या तो बंद कर दिया गया या फिर उनके नाम बदल दिए गए। इससे आम लोगों को नुकसान हुआ है।
किसानों में भी आक्रोश
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल कहते हैं कि किसान केवल 20 से 25 दिन ही काम करता है। मुख्यमंत्री को यह बात नहीं बोलनी चाहिए थी। किसान मुख्यमंत्री के इस बयान से नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा को जनता सबक सिखाएगी। कांग्रेस भारी बहुमत से चुनाव जीतेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चार चरणों में पंचायत चुनाव को लेकर कहा कि चुनाव आयोग ने कुछ सोच समझकर ही फैसला किया होगा।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार की सलाह पर यह फैसला लिया गया है, जिससे भाजपा को फायदा मिल जाए तो यह बहुत ही बड़ा षड्यंत्र है। हम इस साजिश का मुकाबला करेंगे। यह चुनाव लोकतंत्र की लड़ाई है।
ऐसे आरोप किसी पार्टी पर नहीं लगे
गहलोत ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में पिछले 60-70 सालों में ऐसे आरोप किसी पार्टी और सरकार पर नहीं लगे जैसे भजनलाल सरकार (Bhajanlal Government) पर लगे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले भी राजस्थान में भाजपा के मुख्यमंत्री और उनकी सरकार रही है। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि निकाय चुनाव में पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग किया गया है। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
वोट चोरी पर राहुल का जिक्र
गहलोत ने कहा कि वोट चोरी के मुद्दे को लेकर आज युवा सड़कों पर हैं। राहुल गांधी ने एक साल पहले ही वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। लेकिन लोग तब विश्वास नहीं करते थे। अब यह लोग रंगे हाथों चोरी करते पकड़े गए हैं।
उन्होंने कहा कि कैसे चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने 14 बार मुख्य चुनाव आयुक्त को आगाह किया था। राहुल गांधी दूरदृष्टि रखते हैं। उन्होंने कोरोना और नोटबंदी के वक्त भी देश को आगाह किया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर कितने प्रेजेंटेशन दिए हैं।
अब भाजपा और मोदी सरकार पूरी तरह एक्सपोज हो गई है। धीरे-धीरे इनका ग्राफ नीचे गिर रहा है। आज ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में युवा सड़कों पर हैं। यह जनता का गुस्सा है।
अकाल पर तत्काल कदम की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने सूखे और अकाल को लेकर भी राज्य सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस बार जो परिस्थितियां बन रही हैं, उन्हें सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रोजगार, पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था के साथ प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अभी से व्यापक कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। गहलोत ने दावा किया कि राजस्थान इस समय पिछले करीब 10 वर्षों के सबसे बड़े अकाल की स्थिति का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को अकाल राहत के लिए अभी से व्यापक कंटिंजेंसी प्लान तैयार कर उसकी स्वीकृतियां जारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अकाल पहले भी पड़ते थे। लेकिन पिछले लंबे समय से ट्यूबवेल, हैंडपंप और मनरेगा जैसी व्यवस्थाओं के कारण अकाल की मार काफी हद तक कम हुई है।
रोजगार की गारंटी पर सवाल
गहलोत ने कहा कि पहले अकाल के समय लोगों को रोजगार की गारंटी उपलब्ध थी। यदि किसी क्षेत्र में काम नहीं होता था तो भी प्रभावित लोगों को घर बैठे ही पैसा मिलता था। लेकिन अब सब कुछ सरकार पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि सरकार काम देगी तो ठीक, अगर नहीं देगी तो लोगों को पैसा नहीं मिलेगा। इस बारे में सरकार को सोचना चाहिए कि कैसे लोगों को रोजगार उपलब्ध हो। यह गंभीर मुद्दा है।
घोषणा और जमीन पर काम का अंतर
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बाड़मेर में राहत के काम करने की घोषणा करके आए थे। लेकिन घोषणा के तीन दिन बाद भी संबंधित आदेश जिला कलेक्टर तक नहीं पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि अकाल जैसे गंभीर विषय में केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। बल्कि जमीन पर राहत के काम शुरू करने होंगे। उन्होंने सरकार से कहा कि चारे-पानी और रोजगार की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।
गहलोत ने सुझाव दिया कि सरकार को पहले किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 14 हजार करोड़ रुपए किसानों के कर्ज माफ किए थे। यह किसानों के लिए बड़ी राहत थी।
कांग्रेस करेगी दौरे
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शरद पवार और कांग्रेस नेताओं ने अकाल वाले क्षेत्र का दौरा शुरू कर दिया है। राजस्थान में भी कांग्रेस जिला, ब्लॉक और स्टेट लेवल पर दौरे करेगी। लेकिन पहले सरकार को चारे और पानी का प्रबंध करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में जब-जब अकाल पड़े हैं, तब सोनिया गांधी ने कांग्रेस कमेटियों को अकाल राहत कमेटी में तब्दील कर दिया था। लगातार दौरे किए गए थे। राजस्थान में भी कांग्रेस के कार्यकर्ता क्षेत्र के दौरे करेंगे। वे देखेंगे कि सरकार ने लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए क्या काम किया है।
खिलाड़ियों को दी बधाई
गहलोत ने एशियन गेम्स में 21 गोल्ड मेडल जीतने पर खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पहले एशियाई, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक गेम्स में पदक नहीं ला पाते थे। इससे देशवासी निराश होते थे। लेकिन अब गोल्ड मेडल जीत रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ओलंपिक में खिलाड़ी पहुंच रहे हैं, यह शुभ संकेत है। हमारी सरकार ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें आउट ऑफ टर्न नौकरी दी थी। उन्हें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में भी खिलाड़ी नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।