भाजपा का लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान, जयपुर में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे पैदल मार्च
सांसद मंजू शर्मा ने बताया कि पदयात्रा से पहले रामलीला मैदान में जनसभा होगी। इसमें अश्विनी वैष्णव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं और आमजन को संबोधित करेंगे। इसके बाद रामलीला मैदान से चौड़ा रास्ता होते हुए त्रिपोलिया गेट तक करीब सवा किलोमीटर की सांकेतिक पदयात्रा निकाली जाएगी।
दीपावली की भीड़ देखकर छोटा हुआ रूट
भाजपा ने जयपुर पदयात्रा का रूट छोटा रखा है। दीपावली की खरीदारी को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है। परकोटे के बाजारों में त्योहार पर बड़ी भीड़ पहुंचती है। परकोटा जयपुर का पुराना शहरी इलाका है।
लंबे मार्च से ट्रैफिक जाम हो सकता था। इससे दुकानदारों के कारोबार और लोगों की आवाजाही पर असर पड़ सकता था। इसी को देखते हुए मार्ग रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक सीमित रखा गया। भाजपा के मुताबिक यह फैसला लोगों की सुविधा देखते हुए लिया गया है।
मंडल से वार्ड तक संख्या जुटाने की तैयारी
पदयात्रा के लिए मंडल से वार्ड स्तर तक संख्या जुटाने की तैयारी है। पदयात्रा की तैयारियों को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में हाल ही में बैठक हुई। बैठक में जयपुर सांसद मंजू शर्मा सहित कई नेता शामिल हुए। प्रदेश महामंत्री एवं जयपुर संभाग प्रभारी श्रवण सिंह बगड़ी भी इनमें शामिल थे।
बैठक में विधायक कालीचरण सराफ और बालमुकुंदाचार्य भी मौजूद रहे। अभियान के प्रदेश संयोजक रामलाल शर्मा भी इसमें शामिल थे। जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल सहित अन्य पदाधिकारी भी बैठक में पहुंचे।
रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक का कार्यक्रम
पहले जनसभा, फिर सांकेतिक पदयात्रा
5 नवंबर को पहले रामलीला मैदान जनसभा होगी। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं और आमजन को संबोधित करेंगे। इसके बाद चौड़ा रास्ता होते हुए त्रिपोलिया गेट तक पदयात्रा निकलेगी।
सवा किलोमीटर की सांकेतिक यात्रा
करीब सवा किलोमीटर की यह यात्रा सांकेतिक होगी। यह रूट चौड़े रास्ते से होकर गुजरेगा। इसमें सांसद मंजू शर्मा की मौजूदगी रहेगी। रूट छोटा रखने के पीछे त्योहार पर ट्रैफिक जाम से बचने की वजह बताई गई है।
SIR पर कांग्रेस के आरोप और भाजपा का जवाब
सांसद मंजू शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR- Special Intensive Revision) के दुष्प्रचार के जरिए जनता में भ्रम फैला रही है। इससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भाजपा ने इन आरोपों का जवाब पदयात्रा के जरिए देने का फैसला किया है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री खुद सड़क पर उतरेंगे। यह कार्यक्रम लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान का हिस्सा है।
आगे क्या होगा
5 नवंबर की पदयात्रा के बाद भाजपा की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। इस पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया क्या होगी, यह अभी साफ नहीं है। SIR का मुद्दा कितना असर डालेगा, यह आने वाले दिनों में दिखेगा।
FAQs
- जयपुर में भाजपा की पदयात्रा कब और कहां होगी?
पदयात्रा 5 नवंबर को रामलीला मैदान से शुरू होगी, जिसमें पहले एक जनसभा होगी और इसके बाद चौड़ा रास्ता होते हुए त्रिपोलिया गेट तक लगभग सवा किलोमीटर की सांकेतिक पदयात्रा निकाली जाएगी। - भाजपा ने पदयात्रा का रूट छोटा क्यों रखा है?
भाजपा ने दीपावली की खरीदारी के मद्देनजर ट्रैफिक जाम से बचने के लिए पदयात्रा का रूट छोटा रखा है, जिससे दुकानदारों के कारोबार और लोगों की आवाजाही पर कोई असर न पड़े। - भाजपा की जयपुर में पदयात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस पदयात्रा का उद्देश्य कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों का जवाब देना है, जिसमें वे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दुष्प्रचार के माध्यम से जनता में भ्रम फैला रहे हैं। यह कार्यक्रम 'लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ' अभियान का हिस्सा है।