5 प्रसूताओं की मौत के बाद जागा प्रशासन, नकली दवा सप्लायर का लाइसेंस रद्द

Ashish Bhardwaj | Jun 25, 2026, 14:06 IST
Photograph: (the sootr)
कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत के मामले में नकली ऑक्सीटोसिन सप्लाई करने वाले राजस्थान मेडिकल हॉल का लाइसेंस रद्द कर दिया है। लैब जांच में इंजेक्शन का सक्रिय तत्व ही गायब मिला।

समझें क्या है पूरा मामला

  • कोटा में प्रसूता मौत मामले में औषधि नियंत्रण विभाग की बड़ी कार्रवाई।
  • नकली इंजेक्शन सप्लाई करने पर राजस्थान मेडिकल हॉल का लाइसेंस रद्द।
  • जांच में इंजेक्शन में मुख्य सक्रिय तत्व पूरी तरह गायब मिला।
  • 750 इंजेक्शनों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलने पर सप्लायर ने नहीं दिया संतोषजनक जवाब।
  • विभाग ने फर्म के खिलाफ न्यायिक और कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू की।

राजस्थान में कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। औषधि नियंत्रण विभाग ने राजस्थान मेडिकल हॉल का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है।



इस फर्म पर नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई करने का आरोप है। जांच में इंजेक्शन के अंदर मुख्य सक्रिय तत्व ही गायब मिला। यानी इंजेक्शन में सिर्फ पानी पाया गया। अब फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी हो रही है।



छापे में मिलीं गंभीर अनियमितताएं

ड्रग डिपार्टमेंट की टीम ने दवा सप्लायर के यहां छापा मारा था। उसके यहां लाइसेंस किसी दूसरे व्यक्ति का मिला।



यानी वह किसी व्यक्ति के लाइसेंस पर दवा सप्लाई कर रहा था। इसे नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया।



जांच के लिए जरूरी विजिट बुक भी मौके पर नहीं मिली। टीम ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के सैंपल लेकर जयपुर की सरकारी लैब में भेजे।



लैब रिपोर्ट ने खोली पोल

जब लैब रिपोर्ट आई तो अधिकारी हैरान रह गए। इंजेक्शन में पाया जाने वाला मुख्य सॉल्ट यानी सक्रिय तत्व पूरी तरह गायब था। यानी जो इंजेक्शन डिलीवरी के दौरान प्रसूताओं को लगाए गए, उनमें दवा थी ही नहीं।



ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन सिजेरियन डिलीवरी से पहले और बाद में दिया जाता है। इसके बिना प्रसूता की जान खतरे में पड़ सकती है।



750 इंजेक्शन का हिसाब नहीं दे सका सप्लायर

जांच में सामने आया कि सप्लायर ने अमृतसर की एक कंपनी से केवल 9,300 इंजेक्शन खरीदे थे। लेकिन रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि उसने कुल 10,050 इंजेक्शन बेचे। बिना बिल और बिना रिकॉर्ड के बेचे गए 750 अतिरिक्त इंजेक्शनों का कोई हिसाब नहीं मिला।



विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सप्लायर का जवाब पूरी तरह तथ्यहीन और असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया।



सहायक औषधि नियंत्रक देवेंद्र कुमार गर्ग ने बताया कि इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब फर्म के खिलाफ आगे की न्यायिक और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



FAQ

  1. कोटा में नकली ऑक्सीटोसिन कांड क्या है?
    कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद कई महिलाओं की मौत हुई। जांच में पता चला कि राजस्थान मेडिकल हॉल ने नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई की थी। लैब रिपोर्ट में इंजेक्शन का मुख्य सक्रिय तत्व गायब मिला।
  2. कोटा में नकली दवा सप्लायर पर क्या कार्रवाई हुई?
    औषधि नियंत्रण विभाग ने राजस्थान मेडिकल हॉल का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। कारण बताओ नोटिस का जवाब असंतोषजनक पाया गया। अब न्यायिक और कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी हो रही है।
  3. कोटा में नकली दवा सप्लायर की जांच में क्या गड़बड़ियां मिलीं?
    फर्म पर योग्य फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवा बेचने का मामला मिला। विजिट बुक नहीं मिली और 750 इंजेक्शन का कोई बिल या रिकॉर्ड नहीं था। सप्लायर ने 9,300 इंजेक्शन खरीदे लेकिन 10,050 बेचे।

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