NEET UG 2026 पेपर लीक: सीबीआई का बड़ा एक्शन, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से 5 गिरफ्तार
News In Short
- नीट यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई।
- सीबीआई ने देश के विभिन्न राज्यों से पांच लोगों को किया गिरफ्तार।
- पांच आरोपियों में से तीन की गिरफ्तारी राजस्थान की राजधानी जयपुर से हुई है।
- एक आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम और एक को महाराष्ट्र के नासिक से पकड़ा।
- सीबीआई को संदेह है कि इस मामले के तार अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह से।
News In Detail
Jaipur: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने देशव्यापी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीबीआई ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र में छापेमारी की। उसने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
24 घंटे के भीतर पहली बड़ी गिरफ्तारी
सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार यह कार्रवाई 12 मई को दर्ज की गई एफआईआर के ठीक एक दिन बाद की गई है।
गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से तीन की गिरफ्तारी राजस्थान की राजधानी जयपुर से हुई है, जबकि एक आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम और एक को महाराष्ट्र के नासिक से पकड़ा गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन आरोपियों के तार अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy), धोखाधड़ी (Cheating) और आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
इसके अलावा आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और हाल ही में लागू हुए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत भी शिकंजा कसा गया है।
छापेमारी में मिले अहम सुराग
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार को देश के कई हिस्सों में संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई। इस दौरान भारी मात्रा में दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
अधिकारी ने कहा, जब्त किए गए उपकरणों का फोरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
सीबीआई इस पूरे मामले में राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) के साथ मिलकर काम कर रही है, जिसने शुरुआती जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए थे।
22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर
उल्लेखनीय है कि इसी महीने आयोजित हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा में देश भर के 22 लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के तुरंत बाद राजस्थान और अन्य राज्यों से पेपर लीक की खबरें आने लगी थीं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भी परीक्षा से पहले कुछ संदिग्ध दस्तावेजों के प्रसार की सूचना मिली थी, जिसके बाद आंतरिक समीक्षा की गई और अंततः मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
आगे की राह
सीबीआई ने आश्वासन दिया है कि वह इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए एक "व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर" जांच सुनिश्चित करेगी। एजेंसी का मुख्य ध्यान उस 'मास्टरमाइंड' तक पहुँचने पर है, जिसने परीक्षा की गोपनीयता भंग की और हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश की परीक्षा प्रणाली (NEET से CUET तक) लगातार सवालों के घेरे में है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं की शुचिता से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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