राजस्थान CET-2026: अब 3 साल तक वैध रहेगा सर्टिफिकेट, 40% अंक वाले होंगे पात्र; जानें कब होगी परीक्षा
News In Short
- CET प्रमाण-पत्र की वैधता को 1 वर्ष से बढ़ाकर अब 3 वर्ष कर दिया गया है।
- सामान्य वर्ग के लिए 40% और आरक्षित वर्ग के लिए 35% न्यूनतम पात्रता अंक तय।
- स्नातक स्तर के आवेदन जून में और सीनियर सेकेंडरी के आवेदन जुलाई 2026 में होंगे शुरू।
- इस बार पेपर का कठिनाई स्तर अधिक रहेगा ताकि मुख्य परीक्षा में सीमित अभ्यर्थी ही पहुंचें।
- CET के माध्यम से पटवारी और VDO सहित 23 विभागों की भर्तियां की जाएंगी।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) ने CET-2026 की तैयारियां आधिकारिक रूप से शुरू कर दी हैं। इस बार बोर्ड ने परीक्षा के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे न केवल अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा देने के तनाव से मुक्ति मिलेगी, बल्कि चयन प्रक्रिया में भी पारदर्शिता बढ़ेगी।
सर्टिफिकेट की वैधता में तीन गुना बढ़ोत्तरी
बोर्ड ने अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए CET प्रमाण-पत्र की वैधता अवधि को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया है। इसका सीधा लाभ उन 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को मिलेगा जो हर साल पात्रता के लिए भटकते थे। गौरतलब है कि सीईटी-2024 की वैधता फरवरी 2026 में समाप्त हो चुकी है, जिससे करीब 18 लाख अभ्यर्थी वर्तमान में बिना पात्रता के थे।
पात्रता का नया गणित
नए नियमों के तहत, मुख्य परीक्षाओं में बैठने के लिए अब एक न्यूनतम स्कोर निर्धारित कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पात्रता हासिल करने के लिए कम से कम 40% अंक लाने होंगे। वहीं, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार 5% की छूट दी जाएगी, यानी वे 35% अंक लाकर भी पात्र माने जाएंगे।
नवंबर और दिसंबर में होगी परीक्षा
बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार, सीईटी के दोनों स्तरों के लिए परीक्षा कैलेंडर लगभग तय कर लिया गया है:
CET स्नातक स्तर: इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जून 2026 में शुरू होगी। परीक्षा नवंबर 2026 में आयोजित की जाएगी।
CET सीनियर सेकेंडरी स्तर: इसके लिए आवेदन जुलाई 2026 में लिए जाएंगे और परीक्षा दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है।
कठिन होगा पेपर का स्तर
बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस बार पेपर का स्तर कठिन रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि मुख्य परीक्षा के लिए केवल 3 से 4 लाख गंभीर अभ्यर्थी ही पात्र हो सकें, ताकि विभाग मुख्य परीक्षाएं एक ही पारी में सफलतापूर्वक आयोजित कर सके और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
23 भर्तियों का खुलेगा रास्ता
सीईटी-2026 का परिणाम आने के बाद प्रदेश में रुकी हुई 23 प्रकार की बड़ी भर्तियों की राह खुल जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), कनिष्ठ लेखाकार, प्लाटून कमांडर और महिला पर्यवेक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
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