चायवालाज के फाउंडर रोहित शर्मा ने की आत्महत्या, 2022 में मिला था नेशनल अवॉर्ड

Ashish Bhardwaj | Aug 02, 2026, 13:29 IST
चायवालाज फाउंडर रोहित शर्मा
'चायवालाज' स्टार्टअप के फाउंडर रोहित शर्मा का राजस्थान के दौसा में निधन हो गया। वे 17 साल की उम्र से बिजनेस में सक्रिय थे और उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। बाद में उन्होंने आउटलेट बंद कर अध्यात्म की राह पकड़ ली थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • चायवालाज स्टार्टअप के फाउंडर रोहित शर्मा का निधन।
  • दौसा में 30 वर्षीय रोहित की संदिग्ध मौत।
  • 17 साल की उम्र में शुरू किया था बिजनेस सफर।
  • चायवालाज को मिला था नेशनल एमएसएमई अवॉर्ड।
  • पुलिस ने शुरू की मौत की जांच।

राजस्थान के दौसा से दुखद खबर सामने आई है। चायवालाज के फाउंडर रोहित शर्मा का निधन हो गया है। यह घटना शनिवार दोपहर उनके घर पर हुई। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।



पुलिस के अनुसार साकेत कॉलोनी निवासी रोहित शर्मा की उम्र 30 साल थी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल इस घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस जांच कर रही है।



परिवार में पत्नी और बेटा

रोहित के परिवार के बारे में भी जानकारी सामने आई है। उनके पिता हितेंद्र मोहन शर्मा दौसा में मेडिकल की दुकान चलाते हैं। रोहित की पत्नी एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं। दंपती का करीब 7 साल का एक बेटा भी है।



17 साल की उम्र में शुरू किया था सफर

रोहित का सफर बेहद कम उम्र में शुरू हुआ था। वे नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे थे, तभी उन्होंने बिजनेस की शुरुआत कर दी। यह उनकी 17 साल की उम्र की बात है। उन्होंने जयपुर में 'चायवालाज' नाम से स्टार्टअप शुरू किया।



इसके साथ ही वे समाजसेवा से भी जुड़ गए थे। दौसा शहर में उन्होंने मिशन हेल्पलाइन नाम से एक पहल भी चलाई। उनका पहला चाय कैफे जयपुर के मानसरोवर स्थित शिप्रा पथ पर खुला था। इसके बाद जयपुर में एक और आउटलेट शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह कारोबार कई शहरों तक फैल गया। कुल मिलाकर उन्होंने सात 'चायवालाज' आउटलेट खोले थे।



मिला नेशनल अवॉर्ड

रोहित की मेहनत को पहचान भी मिली थी। करीब चार साल पहले उन्हें 'चायवालाज' स्टार्टअप के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था। यह सम्मान ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम की ओर से मिला था। उन्हें नेशनल एमएसएमई अवॉर्ड्स 2022 में बिजनेस एक्सीलेंस कैटेगरी में यह सम्मान दिया गया था। इसके अलावा भी कई संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित किया था।



बाद में मुड़ गए अध्यात्म की ओर

करीब 6 महीने पहले रोहित के जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने 'चायवालाज' के सभी आउटलेट बंद कर दिए। इसके बाद वे अध्यात्म की तरफ मुड़ गए। वे नियमित रूप से धार्मिक स्थलों पर जाने लगे थे।



इसी दौर में उन्होंने लेखन भी शुरू किया। उन्होंने कई किताबें लिखीं। इनमें से 'तत्सुखे सुखित्वं' किताब बेस्टसेलर भी रही। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना नाम बदलकर रोहित शिवोहम कर लिया था।



राजनीति में भी रखा था कदम

चायवालाज फाउंडर रोहित शर्मा ने राजनीति में भी एक कोशिश की थी। साल 2024 में हुए दौसा विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने नामांकन दाखिल किया था। बाद में भाजपा नेताओं के समझाने पर उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था।



पुलिस कर रही जांच

कोतवाली थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार अब तक इस घटना की सही वजह सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।



FAQ

  1. चायवालाज स्टार्टअप के फाउंडर कौन थे?
    चायवालाज स्टार्टअप के फाउंडर रोहित शर्मा थे। उन्होंने महज 17 साल की उम्र में यह बिजनेस शुरू किया था और इसे सात आउटलेट तक पहुंचाया था।
  2. चायवालाज स्टार्टअप के फाउंडर रोहित शर्मा को कौनसा सम्मान मिला था?
    उन्हें ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम की ओर से नेशनल एमएसएमई अवॉर्ड्स 2022 मिला था। यह सम्मान बिजनेस एक्सीलेंस कैटेगरी में दिया गया था।

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