राजस्थान में जहरीले पानी से घिरे बालोतरा के गांव, घर छोड़ने को मजबूर ग्रामीण
राजस्थान (Rajasthan) के बालोतरा (Balotra) जिले में स्थित कल्याणपुर उपखंड (Kalyanpur Subdivision) क्षेत्र के अरबापुरा दुदावता ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव इस समय गंभीर पर्यावरण संकट का सामना कर रहे हैं। यह संकट जोधपुर की औद्योगिक इकाइयों (Jodhpur Industrial Units) से आ रहे रासायनिक अपशिष्ट पानी के कारण उत्पन्न हुआ है। अरबा पुरोहितान, अरबा चौहान, अरबा नागणेचा, निंबाखेड़ा और डोली (जहरीले पानी से घिरे बालोतरा के गांव) सहित आसपास के कई गांवों में प्रदूषित पानी का बहाव तेजी से बढ़ता जा रहा है, और अब यह पानी गांवों में घुसने लगा है।
बालोतरा में गांव के तीनों ओर रासायनिक पानी भरा
प्रदूषित पानी का बहाव इतना तेज हो गया है कि यह अब बस्तियों (Residential Areas) में घुसने लगा है, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सोमवार को ग्रामीणों को घर खाली करने का आदेश (Order to Evacuate Villagers) जारी कर दिया। अरबा पुरोहितान (Araba Purohitana) के पूर्व सरपंच नरपत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि गांव के करीब 60 घरों में लगभग 280 लोग रहते हैं। अब गांव के तीनों ओर रासायनिक पानी भर चुका है (बालोतरा के गांवों में पर्यावरण संकट), जिससे बस्ती पूरी तरह से घिर चुकी है।
बालोतरा में रासायनिक पानी से लोगों को कैसे बचाया जा रहा है ?
ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। अरबा चौहान गांव के 15 परिवारों को घर खाली करके दूसरे स्थान पर भेजा गया है। प्रशासन द्वारा अन्य प्रभावित गांवों के लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। फिलहाल, ग्रामीणों के लिए यह एक कठिन स्थिति है क्योंकि वे अचानक अपने घरों को छोड़कर अन्यत्र जाने को मजबूर हैं। उनके लिए भोजन, बर्तन, गैस सिलेंडर और बिस्तर जैसी जरूरी चीजों को ले जाना बहुत कठिन हो रहा है।
बारिश के पानी के साथ बढ़ा रासायनिक पानी का बहाव
रालोपा नेता थान सिंह डोली ने बताया कि प्रदूषित काले पानी की समस्या उनके लिए नई नहीं है। कुछ दिनों से बारिश के पानी के साथ रासायनिक पानी का बहाव इतना बढ़ गया है कि अब लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस समस्या के समाधान के लिए शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
भांडू में है अवैध इंडस्ट्री का साम्राज्यजोधपुर से जोजरी नदी में हर दिन 200 मिलियन लीटर से अधिक केमिकल और सीवरेज युक्त पानी डाला जा रहा है। इसमें अवैध इंडस्ट्री का रोल ज्यादा है। यह करीब 2 किलोमीटर से ज्यादा बड़े एरिया में फैली हुई है। यह एरिया जोधपुर इंडस्ट्रीज एरिया से 20 किलोमीटर, जसोल से 90, बिठूजा से 85-87 और बालोतरा से 80 किलोमीटर है। सेंटर पॉइंट होने के कारण इन सभी एरिया से जॉब वर्क यहां आ रहा है। | |
लम्बे समय से है बालोतरा के गांवों में रासायनिक पानी की समस्या
जोधपुर-पाली-बालोतरा में अशोधित और अनुपचारित पानी छोड़ने और खेती की जमीन खराब होने की समस्या लम्बे समय से है। चार साल पहले इसे रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से गठित हाईपॉवर कमेटी के चेयरमैन जस्टिस प्रकाशचंद टाटिया ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में सुझाव था कि अवैध धुलाई की इकाइयों को रोकना है तो आवश्यक है कि सिस्टम के सारे पार्ट अपना-अपना काम करें। इसके अलावा सबसे पहले अवैध इकाई जहां बनी हुई है, उस जमीन की खातेदारी कैंसिल कर दी जाए।
FAQ
- 1. राजस्थान के बालोतरा जिले में रासायनिक पानी का संकट किस कारण उत्पन्न हुआ?
यह संकट जोधपुर की औद्योगिक इकाइयों (Jodhpur Industrial Units) से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट पानी के कारण उत्पन्न हुआ है। - 2. राजस्थान के बालोतरा जिले में प्रशासन ने गांवों के लोगों को कहां शिफ्ट किया है?
ग्रामीणों को सरकारी स्कूलों, पंचायत भवनों (Government Schools, Panchayat Buildings) और उनके खेतों में शिफ्ट किया गया है। - 3. राजस्थान के बालोतरा जिले क्या प्रशासन ने रासायनिक पानी के संकट के समाधान के लिए कोई कदम उठाया है?
हाँ, प्रशासन ने अब तक 11 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है और कुछ परिवारों को वैकल्पिक स्थानों पर भेजा गया है।
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