मोबाइल ऐप से होगी बेरोजगारों की अटेंडेंस, मई में शुरू होगा नया पोर्टल, 21 साल से कम उम्र के 10 हजार आवेदक होंगे बाहर
News In Short
- राजस्थान में मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में नए बदलाव।
- ग्रेजुएशन के बाद न्यूनतम उम्र सीमा 21 वर्ष की गई।
- मोबाइल ऐप से अटेंडेंस के जरिए दिया जाएगा भत्ता।
- इससे 21 साल से कम उम्र के 10 हजार बेरोजगार होंगे बाहर।
- ईईएमएस 2.0 पोर्टल मई में शुरू, उसके बाद ही होंगे आवेदन।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता पाने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग ने योजना के नियमों में कड़े बदलाव किए हैं। अब न केवल आवेदन के लिए न्यूनतम उम्र सीमा तय कर दी गई है, बल्कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अटेंडेंस की प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। इन नए नियमों के कारण वर्तमान में कतार में लगे हजारों बेरोजगार योजना से बाहर हो जाएंगे।
उम्र का नया गणित
अब तक स्नातक बेरोजगार को भत्ता मिल रहा था। इसमें न्यूनतम सीमा निर्धारित नहीं थी, लेकिन अब सरकार ने न्यूनतम उम्र सीमा 21 वर्ष अनिवार्य कर दी है। वर्तमान में लगभग 90 हजार वेरिफाई आवेदन पेंडिंग हैं। नए नियमों के लागू होने से इनमें से करीब 10 हजार आवेदक सीधे बाहर हो जाएंगे क्योंकि उनकी उम्र 21 साल से कम है।
आंकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 2 लाख युवाओं को भत्ता दिया जाता है, जिनमें से करीब 15 हजार युवा 21 वर्ष से कम उम्र के होते थे। अब इन युवाओं को योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
ईईएमएस 2.0 पोर्टल मई तक बंद
रोजगार निदेशालय ने पुराने ईईएमएस 1.0 (Employment Exchange Management System) पोर्टल को बंद कर दिया है। मई महीने में नया ईईएमएस 2.0 पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। जब तक नया पोर्टल शुरू नहीं होता, तब तक प्रदेश का कोई भी बेरोजगार नए भत्ते के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा। पुराने आवेदनों की स्क्रूटनी भी नए सिस्टम के आधार पर ही होगी।
मोबाइल ऐप से मॉनिटरिंग
भत्ता लेने के लिए युवाओं को सरकारी कार्यालयों में 4 घंटे की इंटर्नशिप करनी होती है। अब तक इसकी हाजिरी कागजों या साधारण तरीके से होती थी, लेकिन अब मोबाइल ऐप के जरिए अटेंडेंस अनिवार्य होगी। इससे पारदर्शिता आएगी और घर बैठे या बिना ड्यूटी किए भत्ता उठाने वालों पर लगाम लगेगी।
योजना की वर्तमान स्थिति और राशि
मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत राजस्थान सरकार बेरोजगारों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। पुरुष अभ्यर्थियों को 4,000 रुपये प्रतिमाह, जबकि महिला, विशेष योग्यजन और ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को 4,500 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाता है। यह भत्ता अधिकतम 2 वर्ष तक जारी रहता है।
अधिकारी का बयान
कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग आयुक्त ऋषभ मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में एजी ऑफिस और अन्य माध्यमों से कई सकारात्मक सुझाव प्राप्त हुए थे। पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उम्र सीमा और मोबाइल अटेंडेंस जैसे सुझावों को लागू किया गया है। मई से नया पोर्टल ईईएमएस 2.0 पूरी तरह कार्य करने लगेगा।
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