चूरू में 38 लाख की साइबर ठगी: ठगों को बैंक खाते देने वाला आरोपी असम से गिरफ्तार, पूछताछ जारी
साइबर ठगी के एक बड़े मामले में चूरू साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए असम के डिब्रूगढ़ निवासी श्याम ठाकुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर चूरू लाया गया।
मामला तारानगर के बनड़ा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह से जुड़ा है। आरोप है कि साइबर ठगों ने दिल्ली में बच्चों के लिए बड़ा अस्पताल और डेंटल क्लीनिक खोलने के नाम पर पार्टनरशिप का झांसा देकर उनसे 38 लाख 8 हजार 500 रुपए की ऑनलाइन ठगी की थी।
फेसबुक पर विदेशी डेंटल डॉक्टर बनकर भेजा झांसा
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि उनके फेसबुक अकाउंट पर एक व्यक्ति ने खुद को इंग्लैंड की डेंटल डॉक्टर एनलिन स्मिथ बताया। आरोपी ने दिल्ली में बच्चों का बड़ा अस्पताल खोलने और उसमें सुरेंद्र सिंह को पार्टनर बनाने की बात कही। इसके बाद अलग-अलग बहानों से उनसे ऑनलाइन पैसे जमा करवाए गए। पुलिस के मुताबिक, 2 जून से 13 जून 2026 के बीच कुल 45 बार में 9 अलग-अलग बैंक खातों में सुरेंद्र सिंह से 38 लाख 8 हजार 500 रुपए ट्रांसफर करवाए गए।
ठगी का एहसास होने पर दर्ज कराया मामला
लगातार पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब सुरेंद्र सिंह को साइबर ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने 18 जून को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद साइबर थाना पुलिस ने बैंक खातों और उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों का विश्लेषण शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों से जुड़े बैंक खातों की जानकारी मिली और टीम असम के डिब्रूगढ़ तक पहुंची।
ठगों को 17 बैंक खाते उपलब्ध करा चुका था आरोपी
साइबर थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि डिब्रूगढ़ निवासी श्याम ठाकुर साइबर ठग गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। पुलिस ने आरोपी को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जेएम कोर्ट डिब्रूगढ़ में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद पुलिस उसे चूरू लेकर आई।
जांच में सामने आया कि श्याम ठाकुर ने अपने बैंक खाते में साइबर फ्रॉड के 14 लाख 20 हजार रुपए जमा करवाए थे। इसके बाद वह यह रकम निकालकर तुरंत साइबर ठगी में शामिल गिरोह के सदस्यों को दे देता था। इसके बदले वह पहले ही अपना कमीशन काट लेता था।
17 बैंकों में खाते खुलवाकर गिरोह को दिए
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी असम में साइबर ठगों के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। अब तक वह 17 अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठग गिरोह को दे चुका था। इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता था।
16 बैंक खातों में पहुंची थी ठगी की रकम
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, पीड़ित सुरेंद्र सिंह ने जिन 16 बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की थी, उनमें से अधिकतर खाते साइबर ठगों ने किराए पर ले रखे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठग लोगों को कमीशन या थोड़े पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेते हैं। बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को जमा करवाने और आगे ट्रांसफर करने में किया जाता है।
पुलिस ने लोगों से ऐसे मामलों में सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए देना भी गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।
साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी पहले हो चुका गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले भी एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। साइबर थाना पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी पियूष सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पियूष सोनी पर भी साइबर ठगों को अपना बैंक अकाउंट किराए पर देने का आरोप है। हालांकि, इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क का मास्टरमाइंड अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।