दिल्ली में प्रदर्शन से पहले राजस्थान में बवाल,CJP नेता दीपक बालियान को नजरबंद करने का आरोप

Raghvendra Singh Rathore | Oct 09, 2026, 19:16 IST
अलवर के कठूमर में CJP नेता दीपक बालियान को पुलिस ने हिरासत में लिया।
अलवर के कठूमर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता दीपक बालियान को पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में हिरासत में लिया। परिवार का आरोप है कि पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीटा और छोटे भाई से भी मारपीट की। लाइव वीडियो में पार्टी नेता आशुतोष रांका ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी।

दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले राजस्थान के अलवर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता दीपक बालियान को पुलिस ने हिरासत में लिया। घटना गुरुवार 8 अक्टूबर की रात कठूमर की है। पार्टी के सह-प्रभारी आशुतोष रांका के मुताबिक, पुलिस रात करीब 10 बजे बालियान को उनके घर से थाने ले गई थी। उन्हें शांतिभंग के आरोप में पकड़ा गया था। हालांकि, कुछ देर बाद छोड़ दिया गया।



बालियान के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीटा। जब छोटे भाई अनिरुद्ध ने कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो उनके साथ भी मारपीट की गई।



रात में दो बार घर पहुंची पुलिस

परिवार के मुताबिक, पुलिस 8 अक्टूबर की रात दो बार दीपक बालियान के घर पहुंची थी। पहली बार रात करीब 8 बजे पुलिसकर्मी आए। इस दौरान बालियान ने सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई का लाइव वीडियो शुरू कर दिया।



वीडियो में पुलिसकर्मी बालियान से कठूमर थाने चलने के लिए कहते दिखाई दिए। पूछने पर उन्होंने कहा कि सीआई साहब ने बुलाया है। बालियान ने थाने बुलाने का कारण पूछा और रात में घर आने पर आपत्ति जताई।



कुछ देर बाद पुलिसकर्मी लौट गए। परिवार का आरोप है कि रात करीब 10 बजे वे दोबारा आए और बालियान से लाइव वीडियो हटाने के लिए कहा। इनकार करने पर उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया गया। परिजनों के अनुसार, दीपक करीब 15 दिन बाद 8 अक्टूबर की दोपहर ही अपने घर लौटे थे।




लाइव वीडियो में रांका और पुलिसकर्मियों की बहस

पुलिस के पहली बार घर पहुंचने के दौरान दीपक बालियान ने पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका को वीडियो कॉल किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया। वीडियो में रांका पुलिसकर्मियों से कार्रवाई का आधार पूछते हैं। वह एक पुलिसकर्मी की नेम प्लेट पढ़वाते हैं और सवाल करते हैं कि दीपक को किस आधार पर थाने ले जाया जा रहा है।



इस दौरान पुलिसकर्मी कहते हैं कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं की है। वहीं, बालियान उनसे कहते हैं कि अगली बार सीआई को साथ लेकर आएं। बहस के दौरान आशुतोष रांका पुलिसकर्मियों से कहते हैं, 'गिरफ्तार करके दिखाओ। फिर देखना थाने पर क्या होता है।' रांका ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए यह भी पूछा कि क्या देश एक बार फिर आपातकाल की ओर बढ़ रहा है।




परिवार ने छोटे भाई से मारपीट का भी आरोप लगाया

बालियान के परिवार का दावा है कि हिरासत में लेने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनकी शारीरिक स्थिति का ध्यान नहीं रखा। पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद उन्हें घसीटा गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि दीपक के छोटे भाई अनिरुद्ध ने पुलिस कार्रवाई की रिकॉर्डिंग शुरू की तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की।




पुलिस ने पहले हिरासत और मारपीट के आरोप नकारे थे

मामले में कठूमर थाना प्रभारी चंद्रशेखर शर्मा ने पहले मीडिया से बातचीत में बताया था कि पुलिस टीम दीपक बालियान को समझाइश देने और पाबंद करने के लिए उनके घर गई थी। पुलिस ने हिरासत और मारपीट के आरोपों से इनकार किया था।



हालांकि, अब सामने आई जानकारी में पार्टी ने बालियान को शांतिभंग के आरोप में हिरासत में लेने और बाद में छोड़ने की बात कही है। पुलिस की ओर से इस कार्रवाई से जुड़ा लिखित आदेश या केस की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।





10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी

कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए हैं।



CJP नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन से पहले उनके पदाधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी ने कहा है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। इस मामले में अब सवाल यह है कि दीपक बालियान को हिरासत में लेने की कार्रवाई किस आधार पर हुई और परिवार के मारपीट के आरोपों पर क्या जांच की जाएगी।



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