बीकानेर उपमहापौर चुनाव हार पर कांग्रेस का मंथन, जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन
समझें क्या है पूरा मामला
- बीकानेर उपमहापौर चुनाव में क्रॉस वोटिंग की होगी जांच।
- 42 पार्षद, फिर भी मिले थे सिर्फ 38 वोट, कांग्रेस हारी।
- अब क्रॉस वोटिंग की जांच के लिए समिति का गठन।
- जांच के लिए डोटासरा से मिले थे अल्पसंख्यक नेता।
- डोटासरा ने कहा- अनुशासन से समझौता नहीं होगा।
बीकानेर नगर निगम के उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नसीमा बानो की हार का मामला अब प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंच गया है। नगर निगम में कांग्रेस के स्पष्ट बहुमत के बावजूद यह हार चर्चा का विषय बन गई है।
कथित क्रॉस वोटिंग के मामले को लेकर अल्पसंख्यक नेताओं ने सोमवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की। नेताओं ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
कौन शामिल रहे प्रतिनिधिमंडल में
अल्पसंख्यक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में कई नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस नेता शब्बीर अहमद, आजम अली और मेहराज खान रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने डोटासरा के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि निगम में कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद नसीमा बानो की हार से अल्पसंख्यक समाज में नाराजगी है। नेताओं ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। ऐसे में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की हार के कारणों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
42 पार्षद, फिर भी मिले 38 वोट
बीकानेर नगर निगम के 80 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के 42 पार्षद हैं। इसके बावजूद 22 सितंबर को हुए उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नसीमा बानो को 38 वोट मिले।
भाजपा प्रत्याशी पंकज गहलोत को 40 वोट मिले। एक वोट निरस्त हुआ और एक वोट नोटा में गया। इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने दो वोट के अंतर से चुनाव जीत लिया।
इस परिणाम के बाद कांग्रेस के भीतर सवाल उठने लगे। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को उसके घोषित संख्याबल के अनुरूप वोट क्यों नहीं मिले। कांग्रेस की ओर से इसे कथित क्रॉस वोटिंग से जोड़कर जांच की मांग की जा रही है।
हालांकि गुप्त मतदान होने के कारण फिलहाल यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है कि किन पार्षदों ने किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।
डोटासरा ने क्या कहा
मुलाकात के दौरान पीसीसी (PCC – Pradesh Congress Committee) चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रतिनिधिमंडल को पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की जाएगी।
यह समिति प्रदेश कांग्रेस कमेटी की होगी। समिति घटनाक्रम की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को देगी। डोटासरा ने स्पष्ट कहा कि पार्टी में अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चाहे कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो, पार्टी से गद्दारी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान कांग्रेस पहले ही निकाय चुनावों में क्रॉस वोटिंग और पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान की शिकायतों पर रिपोर्ट मांग चुकी है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने बीकानेर समेत कई निकायों में सामने आए घटनाक्रम की समीक्षा शुरू की है।
महापौर और उपमहापौर के वोटों में अंतर
बैठक में बीकानेर उपमहापौर चुनाव के परिणाम पर चर्चा हुई। कांग्रेस पार्षदों के मतदान और पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों को लेकर बात हुई।
कांग्रेस के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है। महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने 80 सदस्यीय सदन में 50 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। लेकिन उपमहापौर चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को महज 38 वोट मिले।
महापौर चुनाव के मुकाबले उपमहापौर चुनाव के मतदान में आए इस अंतर ने पार्टी के भीतर सवाल और गहरे कर दिए हैं।
अब क्या होगा
अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगाहें प्रदेश कांग्रेस की तीन सदस्यीय जांच समिति पर हैं। समिति यह देखेगी कि नसीमा बानो की हार के पीछे वास्तविक कारण क्या रहे।
समिति यह भी देखेगी कि क्या पार्टी के किसी पार्षद ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कांग्रेस नेतृत्व ने जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
ऐसे में यह मामला बीकानेर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में आने वाले दिनों में भी चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
- बीकानेर उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नसीमा बानो की हार का मुख्य कारण क्या है?
नसीमा बानो की हार का मुख्य कारण कथित क्रॉस वोटिंग मानी जा रही है, क्योंकि कांग्रेस के 42 पार्षदों के बावजूद उन्हें मात्र 38 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 40 वोट मिले। - कांग्रेस ने उपमहापौर चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग की जांच के लिए क्या कदम उठाए हैं?
कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जो घटनाक्रम की पड़ताल करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी। - गोविंद सिंह डोटासरा ने अल्पसंख्यक नेताओं से मुलाकात में क्या आश्वासन दिया?
गोविंद सिंह डोटासरा ने मुलाकात के दौरान जांच का भरोसा दिया और कहा कि पार्टी में अनुशासन से समझौता नहीं होगा, तथा पार्टी के खिलाफ मतदान करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।