पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह को कांग्रेस की अनुशासन समिति ने दिया नोटिस, सिंह ने किया पलटवार
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान कांग्रेस ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
- अनुशासन समिति ने उनसे आठ आरोपों पर जवाब मांगा है।
- नोटिस में डोटासरा और दोनों जिलाध्यक्षों पर बयानबाजी का जिक्र है।
- निकाय चुनाव में पार्टी के लिए काम नहीं करने का आरोप है।
- विश्वेंद्र सिंह ने नोटिस पर कांग्रेस नेतृत्व को जवाब दिया है
राजस्थान कांग्रेस में विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश नेतृत्व के बीच विवाद बढ़ा है। अब यह मामला अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गया है। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने सिंह को कारण बताओ नोटिस दिया है। यह नोटिस समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना ने जारी किया है। सिंह से सात दिन में अपना पक्ष रखने को कहा गया है। नोटिस भरतपुर और डीग जिला कांग्रेस से मिली शिकायतों के बाद आया।
इसमें पार्टी संगठन से जुड़े कई आरोप शामिल हैं। नोटिस में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का भी जिक्र है। दोनों जिला अध्यक्षों को लेकर दिए बयानों पर जवाब मांगा गया है।
विश्वेंद्र सिंह पर आठ आरोप
कांग्रेस ने विश्वेंद्र सिंह से कुल आठ आरोपों पर जवाब मांगा है। इनमें पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाने का आरोप शामिल है। महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल नहीं होने की बात भी कही गई है। संगठन के कामों से उदासीन रहने का आरोप भी है निकाय चुनाव में पार्टी के लिए काम नहीं करने का आरोप है। टिकट वितरण और चुनाव प्रचार को लेकर भी सवाल उठे हैं।
भरतपुर और डीग के जिलाध्यक्षों पर बयानबाजी का आरोप है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ टिप्पणियों का भी जिक्र है। नोटिस में संगठन के खिलाफ सार्वजनिक बयान देने पर आपत्ति जताई गई है। कांग्रेस ने ऐसे मामलों के लिए संगठनात्मक मंच इस्तेमाल करने की बात कही। पार्टी ने इन गतिविधियों को अनुशासन का विषय बताया है।
निकाय चुनाव बना विवाद की वजह
हालिया नगर निकाय चुनावों के बाद विवाद और बढ़ा।विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी के स्थानीय नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। उन्होंने भरतपुर और डीग में पार्टी प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। इसके बाद कांग्रेस नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मतभेदों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस राजस्थान में मजबूत हो रही है। इसके बाद कांग्रेस की अनुशासन समिति सक्रिय हुई।
सिंह को सात दिन में अपना जवाब देने को कहा गया। नोटिस में प्राथमिक सदस्यता को लेकर भी सवाल रखा गया है।
नोटिस पर विश्वेंद्र सिंह का जवाब
नोटिस मिलने के बाद विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नोटिस की प्रति भी सार्वजनिक की। सिंह ने अनुशासन समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना पर सवाल उठाए। उन्होंने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के बयान का भी जिक्र किया सिंह ने लिखा कि पार्टी की स्थिति पर कार्यकर्ता असमंजस में हैं।उन्होंने कहा कि वह हमेशा मर्यादा और अनुशासन में रहे हैं।उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की।
सिंह ने कहा कि कार्रवाई के लिए पार्टी स्वतंत्र है। उनकी प्रतिक्रिया में राजनीतिक भविष्य को लेकर संकेत भी दिखे। हालांकि उस समय नोटिस का औपचारिक जवाब बाकी था। बाद की रिपोर्टों में उनके कांग्रेस छोड़ने की चर्चा सामने आई। कुछ रिपोर्टों ने उनके इस्तीफे की जानकारी भी दी है।
कांग्रेस के सामने अब क्या स्थिति
नोटिस के बाद कांग्रेस के सामने अगला कदम जवाब पर निर्भर करेगा। सिंह सात दिन में अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके बाद अनुशासन समिति आरोपों पर विचार कर सकती है। कार्रवाई का अंतिम फैसला पार्टी के स्तर पर होगा। इस पूरे घटनाक्रम का केंद्र भरतपुर और डीग क्षेत्र है। यह विवाद निकाय चुनावों के बाद ज्यादा सामने आया। पार्टी संगठन और स्थानीय नेतृत्व को लेकर सवाल उठे हैं। अब दोनों पक्षों के बयानों पर नजर बनी हुई है।