राजस्थान में खेती की जमीन पर निर्माण के नए नियम 2 नवंबर से होंगे लागू, ऑनलाइन आवेदन पर मिलेगा अप्रूवल
अब ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर मकान, दुकान, उद्योग या अन्य गैर-कृषि कार्य के लिए आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है।
आवेदन के दिन ही मिलेगा आदेश, 30 दिन में बदलेगा राजस्व रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत पूरी प्रक्रिया बेहद तेज और डिजिटल कर दी गई है:
- तुरंत अनुमति: पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित शुल्क (आवासीय के लिए ₹2,000 और अन्य के लिए ₹20,000) जमा करते ही आवेदन के दिन ही अनुमति आदेश जारी हो जाएगा।
- स्वतः नामांतरण (Auto Mutation): अनुमति मिलने के बाद उपखंड अधिकारी (SDG) एक महीने (30 दिन) के भीतर दस्तावेजों की जांच करेंगे। यदि इस तय अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती या दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो 30वें दिन ऑनलाइन पोर्टल पर जमीन की श्रेणी और नामांतरण अपने आप बदल जाएगा। इस अवधि के दौरान जमीन को किसी तीसरे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
किस काम के लिए कितना देना होगा प्रीमियम?
भू-रूपांतरण नियम 2026 (Rajasthan land conversion rules 2026) के तहत कुल 14 तरह के कार्यों के लिए भूमि उपयोग की अनुमति मिलेगी। प्रीमियम की गणना ऑनलाइन होगी:
- स्वतंत्र उपयोग (आवासीय आदि): डीएलसी (DLC) दर का 5 प्रतिशत।
- व्यावसायिक व अन्य उपयोग: डीएलसी दर का 10 प्रतिशत।
- खाद्य प्रसंस्करण इकाई (Food Processing): डीएलसी दर का 2.5 प्रतिशत।
- नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना (Renewable Energy): डीएलसी दर का मात्र 0.5 प्रतिशत।
- बड़ी राहत: खातेदार को अधिकतम 500 वर्गमीटर जमीन पर अपना खुद का मकान या पशुशाला बनाने के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। पात्र औद्योगिक इकाइयों को भी नियमों के तहत छूट मिलेगी।
गलत जानकारी पर दोगुना और बिना अनुमति पर चार गुना जुर्माना
नियमों का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त प्रावधान किए हैं:
- यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुमति लेता है, तो आदेश निरस्त कर दिया जाएगा और निर्धारित प्रीमियम का दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा।
- बिना अनुमति के कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोग करने पर चार गुना जुर्माना लगेगा। इसकी निगरानी के लिए पटवारी साल में कम से कम दो बार सर्वे कर रिपोर्ट देंगे। आदेश से असंतुष्ट व्यक्ति 30 दिन के भीतर जिला कलेक्टर के पास अपील कर सकता है।
निर्माण के लिए अन्य मंजूरियां और पाबंदियां
जमीन का रूपांतरण होने मात्र से उस पर सीधे निर्माण शुरू नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए ले-आउट और भवन निर्माण की अलग से अनुमति लेनी होगी। परियोजना स्थल तक कम से कम 30 फीट चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य है। साथ ही जल स्त्रोतों, नदी-नालों, श्मशान, कब्रिस्तान और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों में रूपांतरण की अनुमति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
FAQs
- राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर गैर-कृषि कार्य के लिए अनुमति कैसे प्राप्त करें?
अब ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर मकान, दुकान, उद्योग या अन्य गैर-कृषि कार्य के लिए अनुमति ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है। आवेदन के दिन ही अनुमति आदेश जारी होता है, और 30 दिनों में नामांतरण भी हो जाएगा। - गैर-कृषि कार्य के लिए आवेदन शुल्क क्या है?
गैर-कृषि कार्य के लिए आवेदन करने का शुल्क आवासीय उपयोग के लिए 2 हजार रुपए और अन्य उपयोग के लिए 20 हजाररुपए है। - क्या गलत सूचना देने पर कोई जुर्माना लगेगा?
जी हां, यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुमति लेता है, तो उसे दोगुना जुर्माना भरना होगा। बिना अनुमति के कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोग करने पर चार गुना जुर्माना लगेगा।