विवादित RAS आकाश रंजन देवस्थान विभाग से हटाए गए, डूंगरपुर स्थानांतरित
समझें क्या है पूरा मामला
- देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त पद से हटाकर साबला (डूंगरपुर) का SDM बनाया गया।
- 2017 के भ्रष्टाचार मामले में फरार रहने के दौरान भी मिली पदोन्नति और मलाईदार पोस्टिंग।
- घूसकांड में फंसी RAS पिंकी मीणा को भी विवाद बढ़ने पर दौसा से हटाकर APO किया गया।
- वर्ष 2018 के बाद से जयपुर देवस्थान विभाग में तीसरी बार मिली थी सहायक आयुक्त की जिम्मेदारी।
राजस्थान में मंगलवार को देर रात हुए प्रशासनिक फेरबदल में विवादित आरएएस अधिकारी आकाश रंजन को देवस्थान विभाग से हटा दिया है। उनको पिछले दिनों ही हुए बदलाव में देवस्थान विभाग में सहायक आयुक्त जयपुर के पद पर पोस्टिंग दी गई थी। उन्हें अब डूंगरपुर एसडीएम के पद पर लगाया है।
आरएएस पिंकी मीणा को दौसा एसडीएम पद से हटाए जाने के बाद यह दूसरा मामला है। आकाश रंजन पहले भी तीन बार इस पद पर रह चुके हैं और भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार भी हो चुके हैं।
पिंकी मीणा के बाद आकाश रंजन को भी हटाया
पिछले दिनों ही RAS अधिकारी पिंकी मीणा के तबादले पर विवाद हुआ था। दौसा में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार होने और करीब पांच साल निलंबित रहने बावजूद उन्हें फिर से बीते दिनों दौसा जिले की सहायक कलेक्टर बनाया गया। हालांकि बाद में उन्हें हटा दिया गया।
अब सरकार ने आरएएस आकाश रंजन को भी जयपुर में देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त पद से हटाकर डूंगरपुर जिले के साबला में एसडीएम नियुक्त किया हैं।
रंजन पर भ्रष्टाचार के आरोप होने के बाद भी उन्हें तीन बार देवस्थान विभाग का सहायक आयुक्त बनाया गया, जो काफी सवालों के घेरे रहा।
आकाश रंजन को लेकर क्यों हुआ था विवाद?
आरएएस अधिकारी आकाश रंजन पर 2017 में तहसीलदार रहते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगा। रंजन 2024 तक एसीबी की गिरफ्त में नहीं आए और फरार रहे। लेकिन फरारी के दौरान ही वह तहसीलदार से प्रमोशन पाकर आरएएस अधिकारी के रूप में नौकरी भी करते रहे।
2018 में प्रमोशन होने के साथ पहली बार जयपुर देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त के तौर पर नियुक्त किया गया। इसके बाद रंजन को दूसरी बार 2021 से 24 तक देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त बनाया गया।
2017 के रिश्वत मामले में फरार रंजन को एसीबी ने 2024 में गिरफ्तार किया। उनका अगस्त 2026 में वह बहाल हुए तो फिर से उन्हें तीसरी बार जयपुर में देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त बनाया गया।
2018 से रंजन व योगी का रहा कब्जा
देवस्थान विभाग में सहायक आयुक्त जयपुर के पद पर 2018 से लगातार दो अफसरों का ही कब्जा बना रहा है। 2018 में आकाश रंजन इस पद पर आए थे। 2019 में उनका तबादला होने पर रतनलाल योगी आ गए थे।
इसके बाद 2021 में फिर से आकाश रंजन फिर से आ गए थे। 2023 में आकाश रंजन की गिरफ्तारी के बाद रतनलाल योगी फिर से सहायक आयुक्त देवस्थान-प्रथम के पद पर आ गए।
उनका तबादला होने के बाद से यह पद रिक्त चल रहा था,लेकिन पिछले दिनों आई तबादला सूची में आकश रंजन फिर से आ गए।
विवाद के बाद पिंकी मीणा को किया था एपीओ
आरएएस ट्रांसफर लिस्ट को लेकर सबसे ज्यादा बवाल पिंकी मीणा को लेकर हुआ था। दरअसल,पिंकी मीणा दौसा में ही हाईवे घूस कांड को लेकर 2021 में पकड़ी गई थी। उन पर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण कंपनी के ठेकेदार से 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा।
इस मामले में मई 2026 में उनका निलंबन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद ही उन्हें सरकार ने फिर से दौसा जिले में सहायक कलेक्टर पर नियुक्त कर दिया। इस मामले को लेकर मीडिया और सियासत में जमकर विवाद गहराया। इसके बाद सरकार ने पिंकी मीणा को दौसा से हटाकर एपीओ कर दिया है।
ये भी पढ़ें:-
आचार संहिता से पहले बड़ा एक्शन, 26 IAS और 53 RAS अफसरों के तबादले
आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, राजस्थान में 178 RAS के तबादले
ट्रांसफर के बावजूद जॉइन नहीं कर रहे RAS अफसर, कार्मिक विभाग ने दिया रिलीव होने का आदेश
RAS पिंकी मीणा को मिली राहत, हाई कोर्ट ने निलंबन आदेश पर लगाई रोक