वन प्रमुख चयन समिति की बैठक से पहले विवाद, मुख्य दावेदार पीके उपाध्याय के खिलाफ ACB में शिकायत दर्ज

Jageshwar Prasad | Oct 27, 2026, 15:58 IST
राजस्थान के नए HoFF की रेस से पीके उपाध्याय की दावेदारी कमजोर।
राजस्थान में नए HoFF की नियुक्ति की चयन बैठक से ठीक पहले प्रमुख दावेदार पीके उपाध्याय के खिलाफ एसीबी में शिकायत दर्ज हो गई है। अलवर के राजगढ़ वन क्षेत्र में 17 से 21 करोड़ रुपए के कथित घोटाले की जांच में देरी के आरोपों के चलते उनकी दावेदारी कमजोर पड़ गई है।

राजस्थान में नए वन बल प्रमुख (HoFF) के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया के बीच बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। नए वन प्रमुख के चयन के लिए प्रस्तावित बैठक से ठीक पहले इस पद के प्रबल दावेदार पीके उपाध्याय की मुश्किलें बढ़ गई हैं।



उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में एकशिकायत दर्ज कराई गई है, जिसका संबंध अलवर जिले के राजगढ़ वन क्षेत्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं से है। इस खुलासे के बाद उपाध्याय की HoFF पद की दावेदारी काफी कमजोर होती नजर आ रही है।




राजगढ़ वन घोटाले में कार्रवाई में देरी का आरोप

यह पूरा मामला अलवर की राजगढ़ रेंज में वन समितियों के माध्यम से कराए गए कार्यों में 17 से 21 करोड़ रुपए के कथित गबन से जुड़ा हुआ है। तत्कालीन विभागीय जांच अधिकारी राजीव चतुर्वेदी ने 7 फरवरी 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपते हुए इस मामले को एसीबी को भेजने की सिफारिश की थी।



आरोप है कि इस सिफारिश पर करीब 17 महीने तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। गौरतलब है कि उस दौरान पीके उपाध्याय पीसीसीएफ (प्रशासन) और वन बल प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। इसी मामले में मूल जांच अधिकारी को हटाने और जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई में देरी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।




मुख्य सचिव को भेजा गया कानूनी प्रतिवेदन

एसीबी ने 20 सितंबर को उपाध्याय के खिलाफ यह शिकायत दर्ज की है। इसके बाद पर्यावरणविद् एवं शिकायतकर्ता तपेश्वर सिंह भाटी ने राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को एक कानूनी प्रतिवेदन भेजा है। इसमें मांग की गई है कि प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से समीक्षा किए बिना उपाध्याय के नाम पर विचार न किया जाए और न ही उन्हें इस पद का अंतरिम प्रभार सौंपा जाए।



मौजूदा पीसीसीएफ-हॉफ अरिजीत बनर्जी 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, ऐसे में यह चयन बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। इस पद की रेस में पीके उपाध्याय के अलावा शिखा मेहरा और अनुराग भारद्वाज के नाम भी शामिल हैं। इससे पहले भी 24 सितंबर की प्रस्तावित बैठक 'अपरिहार्य कारणों' से स्थगित हो चुकी है, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत दर्ज होने का हवाला दिया गया था।




कौन होते हैं HoFF?

वन बल प्रमुख (HoFF - Head of Forest Force) किसी भी राज्य में भारतीय वन सेवा (IFS) का सर्वोच्च पद होता है। यह राज्य के वन विभाग का मुखिया होता है। इसकी तुलना पुलिस विभाग के DGP (पुलिस महानिदेशक) और सेना के लेफ्टिनेंट जनरल के समकक्ष रैंक और प्रभाव से की जाती है।



यह नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठतम PCCF अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। HoFF का कार्य राज्य में वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और पर्यावरण की रक्षा करना। वन नीतियों और योजनाओं को लागू करना। वन विभाग के प्रशासनिक और बजट संबंधी फैसले लेना है। राजस्थान के वर्तमान PCCF एवं HoFF अरिजीत बनर्जी हैं।



FAQs

  1. राजस्थान में नए वन बल प्रमुख (HoFF) की नियुक्ति प्रक्रिया में क्या समस्याएं आ रही हैं?
    राजस्थान में नए वन बल प्रमुख (HoFF) के पद के प्रबल दावेदार पीके उपाध्याय के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में एक परिवाद दायर किया गया है, जिससे उनकी दावेदारी कमजोर हो गई है।
  2. पीके उपाध्याय के खिलाफ दायर की गई शिकायत का क्या कारण है?
    पीके उपाध्याय के खिलाफ दायर की गई शिकायत अलवर जिले के राजगढ़ वन क्षेत्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जिसमें 17 से 21 करोड़ रुपए के गबन के आरोप लगाए गए हैं।
  3. वन बल प्रमुख (HoFF) के पद की नियुक्ति में देरी का क्या कारण है?
    वन बल प्रमुख (HoFF) के पद की नियुक्ति की प्रस्तावित बैठक पहले भी 'अपरिहार्य कारणों' से स्थगित हो चुकी है, जिसमें पीएमओ में शिकायत का हवाला दिया गया था।
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