डीएपी की किल्लत: नरेश मीणा हजारों किसानों के साथ एसडीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे, खाद उपलब्ध कराने की मांग
बारां जिले के छबड़ा में गुरुवार सुबह 3 बजे से ही डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लग गईं। सैकड़ों महिला और पुरुष किसान खाद के टोकन के लिए इंतजार कर रहे थे। लेकिन दोपहर तक उन्हें खाद नहीं मिली।
इससे किसानों का सब्र जवाब दे गया और उनका आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने छबड़ा-सालपुरा स्टेट हाईवे-51 पर जाम लगा दिया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
किसान नेता नरेश मीणा पेड़ पर चढ़े
सूचना मिलते ही किसान नेता और भगत सिंह सेवा के प्रमुख नरेश मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने खेल मैदान में एक पेड़ पर चढ़कर किसानों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद नरेश मीणा हजारों किसानों के साथ एसडीएम (SDM – Sub-Divisional Magistrate) कार्यालय पहुंचे। वहां सभी किसान धरने पर बैठ गए। किसानों ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
सभी को खाद देने की मांग
किसानों ने सरकार से सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक सभी किसानों को खाद नहीं मिल जाती, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। नरेश मीणा ने प्रशासन को इस बात का अल्टीमेटम भी दिया।
अधिकारियों ने दिया भरोसा
नरेश मीणा (Naresh Meena) ने जिला कलेक्टर से फोन पर बातचीत की। इसके बाद एसडीएम, डीएसपी (DSP – Deputy Superintendent of Police) और कृषि विभाग के अधिकारियों से भी बात की। अधिकारियों ने गुरुवार और शुक्रवार दोनों दिन 3,200-3,200 कट्टे खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
इसके बाद खाद की उपलब्धता को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता हुई। लेकिन दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई। इस कारण धरना अभी भी जारी है।
पहले भी बैठे थे अनशन पर
गौरतलब है कि किसान नेता नरेश मीणा हाल ही में किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने सहित कई मांगों को लेकर दस दिन तक आमरण अनशन पर बैठे थे। उस दौरान प्रशासन ने किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था।
अब छबड़ा में खाद नहीं मिलने पर किसानों के प्रदर्शन के बीच एक बार फिर खाद की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें बार-बार आश्वासन मिलते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिख रहा है।
सरकार पर बढ़ा दबाव
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। डीएपी (DAP – Di-Ammonium Phosphate) खाद की कमी से किसानों को बुवाई के समय परेशानी हो रही है। प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस समाधान निकालना होगा। वरना किसानों का आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
- बारां जिले के छबड़ा में किसानों का आंदोलन क्यों शुरू हुआ?
बारां जिले के छबड़ा में किसानों ने डीएपी खाद की कमी के कारण आंदोलन शुरू किया, जब उन्हें खाद लेने के लिए लंबी कतारों में लगने के बावजूद खाद नहीं मिली। - किसान नेता नरेश मीणा ने क्या कदम उठाए हैं?
किसान नेता नरेश मीणा ने पेड़ पर चढ़कर किसानों को संबोधित किया और बाद में हजारों किसानों के साथ एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। उन्होंने प्रशासन को सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया। - सरकार ने किसानों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया कि गुरुवार और शुक्रवार को 3,200-3,200 कट्टे खाद उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच विशेष सहमति नहीं बन पाई है, जिससे धरना जारी है।