Deeg Twin Murder: जुड़वां भाइयों की हत्या में बड़े भाई के शामिल होने की बात आई सामने, जानिए कैसे की मदद
डीग पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ ने बताया कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर बड़े भाई की भूमिका की भी पड़ताल की गई। जांच में अब तक सामने आया कि उसने वारदात के बाद शवों को ठिकाने लगाने और साक्ष्य छिपाने में मदद की थी। पुलिस अब इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों को मजबूत करने और घटनाक्रम की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी शरण गोपीनाथ ने बताया कि बड़ेसरा गांव में दो जुड़वां भाइयों की हत्या के इस मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। पुलिस जांच में बच्चों की मां प्रीति और उसके कथित प्रेमी राजेश की भूमिका सामने आई थी। अब जांच के दौरान मृतकों के बड़े भाई की कथित संलिप्तता सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
कानूनी प्रक्रिया का होगा पालन
मृतकों का बड़ा भाई नाबालिग है। ऐसे में उसके खिलाफ कार्रवाई के दौरान किशोर न्याय से संबंधित कानूनी प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग की भूमिका सामने आने के बाद उसके विरुद्ध निरुद्ध करने की कार्रवाई की गई है।
इस मामले में पुलिस अब तक कई अहम साक्ष्य जुटा चुकी है। इनमें मोबाइल चैट, एफएसएल रिपोर्ट और घर से मिले साक्ष्य शामिल हैं। अब बड़े भाई की भूमिका सामने आने के बाद जांच और गहरी हो गई है।
मां और प्रेमी हो चुके गिरफ्तार
डीग (Deeg) के बड़ेसरा गांव में 13 वर्षीय जुड़वां भाइयों की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने उनकी मां प्रीति और उसके कथित प्रेमी राजेश को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों बच्चों के शव घर से करीब 250 मीटर दूर एक प्लॉट में मिले थे।
बच्चों के नाना घनश्याम की शिकायत पर 20 अक्टूबर को थाना जनूथर में हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में नाना ने अपनी बेटी प्रीति और राजेश पर बच्चों की हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया था।
गर्दन पर मिले वार के निशान
पुलिस के अनुसार, जांच में बच्चों के सिर पर चोटों के निशान मिले। एक बच्चे की गर्दन पर धारदार हथियार से वार के दो निशान थे। दूसरे बच्चे की गर्दन पर एक निशान था। इसके अलावा दोनों बच्चों की गर्दन पर दबाव के निशान भी मिले।
इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई। घटनास्थल और घर से साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एफएसएल (FSL – Forensic Science Laboratory) टीम ने भी घर और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
घर से मिली थी खून लगी कुल्हाड़ी
जांच के दौरान घर से खून के निशान वाले कपड़े मिलने की जानकारी सामने आई है। वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाली कुल्हाड़ी पर भी खून के निशान पाए गए हैं। यह कुल्हाड़ी ही हत्या का मुख्य हथियार बताई जा रही है।
पुलिस ने घर के अंदर और बाहर से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। इनमें मोबाइल चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी शामिल हैं। इन साक्ष्यों से पूरे घटनाक्रम को समझने में मदद मिल रही है।
प्रेम-प्रसंग उजागर होने का था डर
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान प्रीति और राजेश के बीच प्रेम-प्रसंग की जानकारी सामने आई। पुलिस का आरोप है कि संबंध उजागर होने के डर से दोनों ने जुड़वां भाइयों की हत्या की। इसके बाद शवों को कड़बी के पूंजों में छिपा दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने प्रीति पत्नी स्वर्गीय निरंजन (35) और राजेश पुत्र हीरालाल (40) को गिरफ्तार किया है। दोनों बड़ेसरा गांव, थाना जनूथर, जिला डीग के रहने वाले हैं। दोनों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों को और मजबूत करने में जुटी है। पहले पुलिस ने मृतकों के बड़े नाबालिग भाई को भी निरुद्ध किया था। आरोप है कि उसने शवों को ठिकाने लगाने में मदद की थी।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले और बाद में क्या-क्या हुआ। सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।