Deeg Twin Murder: 14 साल से संपर्क में थे मुख्य आरोपी प्रीति और राजेश, बड़ा बेटा भी पुलिस की रडार पर

Jageshwar prasad | Oct 23, 2026, 09:39 IST
डीग के जुड़वा बच्चों की हत्या के मामले में नया खुलासा। मुख्य आरोपी प्रीति और प्रेमी राजेश 2012 से संपर्क में थे।
डीग के बड़ेसरा गांव में जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस को पता चला है कि मुख्य आरोपी प्रीति और उसका प्रेमी राजेश 2012 से संपर्क में थे। प्रीति के बड़े बेटे की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस ने कहा है कि वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। अब पुलिस साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है।

डीग (Deeg) के जनूथर थाना क्षेत्र के बड़ेसरा गांव में जुड़वा बच्चों की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। जैसे-जैसे पुलिस पड़ताल कर रही है, वैसे-वैसे कई अहम पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि मामले की मुख्य आरोपी महिला प्रीति और गिरफ्तार प्रेमी राजेश वर्ष 2012 से संपर्क में थे।



वहीं, प्रीति के बड़े बेटे की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि वारदात को मौका देखकर सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। अब पुलिस का जोर केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है।



पुलिस ऐसे ठोस साक्ष्य जुटाने में लगी है, जिनके आधार पर अदालत में आरोप साबित किए जा सकें। इससे आरोपियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने का रास्ता मजबूत होगा।




14 साल से थे संपर्क में प्रीति और राजेश

डीग के पुलिस अधीक्षक (SP – Superintendent of Police) शरण गोपीनाथ ने बताया कि प्रकरण में साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन किया जा रहा है। भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उनकी जब्ती की प्रक्रिया पर काम हो रहा है। एफएसएल (FSL – Forensic Science Laboratory) जांच जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।



पुलिस चाहती है कि जांच की कड़ियां इतनी मजबूत हों कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर सवाल न उठें। एसपी ने बताया कि प्रीति और गिरफ्तार आरोपी राजेश एक-दूसरे को वर्ष 2012-13 से जानते थे। उनके बीच लंबे समय से संपर्क था। राजेश कई वर्षों से प्रीति के संपर्क में था।




प्रीति के बड़े बेटे की भूमिका संदिग्ध

एसपी गोपीनाथ ने बताया कि मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू प्रीति के बड़े बेटे की भूमिका को लेकर सामने आया है। बड़े बेटे की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि वह नाबालिग है।



यदि जांच में उसकी संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ किशोर न्याय कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि घटना के समय घर में प्रीति और उसके तीन बच्चे ही थे। परिवार के अन्य सदस्य वहां मौजूद नहीं थे।



बच्चों के नाना-नानी के डीग आने की जानकारी है। जबकि बच्चों की मौसी घटना के बाद अगले दिन पहुंची थीं। एसपी ने वारदात को सुनियोजित बताते हुए कहा कि इसे मौका देखकर अंजाम दिया गया।




पुलिस का अब साक्ष्यों पर फोकस

एसपी ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का महत्वपूर्ण चरण साक्ष्यों को मजबूत करना है। पुलिस भौतिक साक्ष्यों को नियमानुसार जब्त कर रही है। जरूरत के अनुसार उन्हें एफएसएल जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया पर काम हो रहा है।



उन्होंने कहा कि साक्ष्यों की जब्ती से लेकर उनके सुरक्षित रखरखाव और जांच प्रयोगशाला तक भेजे जाने की प्रक्रिया में सावधानी बरती जा रही है। इसके बाद सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को केस डायरी और आरोपपत्र में उचित तरीके से शामिल किया जाएगा। इससे अदालत में अभियोजन का पक्ष मजबूती से रखा जा सकेगा।



एसपी ने बताया कि हमारी कोशिश है कि जांच में कोई ऐसी कमी न रह जाए, जिसका आरोपियों को अदालत में अनुचित लाभ मिल सके। इस मामले ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। अब सभी की नजर पुलिस की जांच और अदालत की सुनवाई पर टिकी है।



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