डिवाइडर पर घास काट रही महिलाओं को कार ने रौंदा, 3 की मौत
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर के जमवारामगढ़ क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा।
- हाईवे के डिवाइडर पर घास काट रही 3 महिलाओं को कार ने कुचल दिया।
- हादसे में प्रेम देवी, मनफूल देवी और कौशल्या देवी की मौत हो गई।
- घटना के बाद चालक कार को 1 किलोमीटर दूर छोड़कर फरार।
- आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगा दिया, जिसमें मदन राठौड़ भी फंसे।
जयपुर जिले के जमवारामगढ़ में दिल्ली-मुंबई हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। रविवार शाम करीब 5 बजे एक तेज रफ्तार कार ने हाईवे के डिवाइडर पर घास काट रही तीन महिलाओं को कुचल दिया। तीनों महिलाओं की मौत हो गई।
हादसे के बाद ड्राइवर कार को घटनास्थल से करीब 1 किलोमीटर दूर छोड़कर फरार हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
इस दौरान मौके से गुजर रहे BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को भीड़ ने घेर लिया। प्रशासन ने ग्रामीणों की मांगें मानकर जाम खुलवाया।
कैसे हुआ हादसा?
ठेकेदार गेंथी लाल गुर्जर ने हाईवे के डिवाइडर पर घास काटने का ठेका लिया था। उनका बेटा धारासिंह गुर्जर काम संभाल रहा था। 5 महिलाएं घास काट रही थीं। 2 रेलिंग के अंदर और 3 रेलिंग के बाहर काम कर रही थीं।
तेज रफ्तार कार ने रेलिंग के बाहर काम कर रही 3 महिलाओं (प्रेम देवी, मनफूल देवी, कौशल्या देवी) को कुचल दिया। कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार बरामद कर ली है और ड्राइवर की तलाश जारी है।
जाम और मदन राठौड़
हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया, जिससे 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसी दौरान राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ वहां से गुजर रहे थे। भीड़ ने उन्हें घेर लिया।
ग्रामीणों ने 3 मांगें रखीं जिसमें नियमानुसार मुआवजा राशि, प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी और प्रत्येक परिवार को एक-एक डेयरी बूथ शामिल है।
प्रशासन ने क्या किया?
एसपी हनुमान प्रसाद मीणा, सीओ रामकिशन विश्नोई और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने के बाद उनकी मांगें मान ली गईं। मांगें पूरी होने की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। राठौड़ और विधायक महेंद्र पाल मीणा ने भी मौके पर जाकर स्थिति को शांत कराने में मदद की।
सुरक्षा पर सवाल
यह पहली बार नहीं है कि इस पॉइंट पर हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि पिछले एक साल में इसी जगह पर 8 मौतें हो चुकी हैं। ठेकेदार की ओर से कोई सुरक्षा बैरिकेड नहीं लगाया गया था, जिससे यह हादसा हुआ। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
अब क्या होगा?
पुलिस फरार ड्राइवर की तलाश कर रही है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा और अन्य सहायता देने का वादा किया है। घटना की जांच की जा रही है और ठेकेदार की लापरवाही पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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