धनतेरस पर सुबह से रात तक खुले रहेंगे बाजार, जयपुर में 6 हजार करोड़ के कारोबार का अनुमान
इस बार धनतेरस पर व्यापारिक संगठनों और जानकारों के अनुसार प्रदेश में करीब 20 हजार करोड़ रुपए की धनवर्षा होने की उम्मीद है। सोने-चांदी से लेकर कार-बाइक, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और प्रॉपर्टी तक हर क्षेत्र में खरीदारी का भारी जोर देखने को मिल रहा है।
अकेले राजधानी जयपुर में लगभग 6 हजार करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान जताया गया है। कन्फेडेरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders- CAIT) का अनुमान है कि देशव्यापी स्तर पर इस बार 7 लाख करोड़ रुपए तक का कारोबार हो सकता है, जिसमें अकेले धनतेरस के दिन ही 3.50 से 4 लाख करोड़ रुपए की बिक्री संभव है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बिक्री में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
जानिए खरीदारी के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, त्रयोदशी तिथि शुक्रवार सुबह 10.31 बजे से शुरू होकर शनिवार सुबह 10.48 बजे तक रहेगी। इस दौरान खरीदारी के लिए निम्नलिखित चौघड़िया मुहूर्त अत्यंत शुभ हैं:
- चर (सुबह 6.44 से 8.05 बजे): बर्तन, कपड़े और पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए उत्तम।
- लाभ और अमृत (सुबह 8.05 से 10.49 बजे): वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, स्वर्ण आभूषण, चांदी के सिक्के और कपड़ों की खरीदारी।
- शुभ (दोपहर 12.10 से 1.32 बजे): वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सजावट का सामान और स्वर्ण आभूषण।
- चर (शाम 4.15 से 5.37 बजे): बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और आभूषण खरीदने का समय।
- लाभ (रात 8.38 से 10.32 बजे): इलेक्ट्रॉनिक सामान, सिक्के, आभूषण और बर्तन।
इसके अलावा, शाम 5.37 बजे से रात 8.15 बजे तक प्रदोष काल में यम के निमित्त दीपदान किया जाएगा।
विभिन्न सेक्टरों में संभावित कारोबार (करोड़ रुपए में)
- वाहन: 5,000 करोड़
- ज्वैलरी व सिक्के: 4,000 करोड़
- इलेक्ट्रॉनिक्स: 3,000 करोड़
- कपड़े: 2,000 करोड़
- मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, बर्तन व पूजन सामग्री: 2,400 करोड़
- किराना: 1,800 करोड़
- गिफ्ट आइटम: 1,000 करोड़
दीपोत्सव के छह दिनों का विशेष महत्व
- 6 नवंबर (शुक्रवार - धनतेरस): भगवान धन्वंतरि पूजन, यम दीपदान और शुभ वस्तुओं की खरीदारी।
- 7 नवंबर (शनिवार - रूप चतुर्दशी, काली चौदस व हनुमंत जन्मोत्सव): अभ्यंग स्नान, उबटन, दीपदान और हनुमान मंदिरों में विशेष अनुष्ठान।
- 8 नवंबर (रविवार - महालक्ष्मी पूजन व दीपावली): मां लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती और कुबेर का पूजन। सर्वश्रेष्ठ पूजन मुहूर्त शाम 6.16 से 6.28 बजे तक।
- 9 नवंबर (सोमवार - देवकार्य अमावस्या व महावीर मोक्ष कल्याणक): स्नान, दान और पितृ तर्पण के कार्य।
- 10 नवंबर (मंगलवार - गोवर्धन पूजा व अन्नकूट): भगवान श्रीकृष्ण और गोमाता की पूजा, मंदिरों में अन्नकूट महोत्सव।
- 11 नवंबर (बुधवार - भाई दूज): दीपोत्सव का समापन, बहनें भाइयों के तिलक कर मंगलकामना करेंगी।
FAQs
- धनतेरस पर खरीदारी के शुभ मुहूर्त क्या हैं?
धनतेरस पर खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त हैं: चर (सुबह 6.44 से 8.05 बजे), लाभ और अमृत (सुबह 8.05 से 10.49 बजे), शुभ (दोपहर 12.10 से 1.32 बजे), चर (शाम 4.15 से 5.37 बजे), और लाभ (रात 8.38 से 10.32 बजे)। - राजस्थान में धनतेरस का कुल कारोबार कितना होने की उम्मीद है?
राजस्थान में धनतेरस पर लगभग 20,000 करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद है। - दीपोत्सव कब शुरू हो रहा है और इसका महत्व क्या है?
दीपोत्सव शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस के साथ शुरू हो रहा है। यह पर्व भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की आराधना तथा शुभ खरीदारी का विशेष अवसर है।