जिला प्रमुख को नहीं मिली कुर्सी, मीटिंग हॉल से किया बाहर, केंद्रीय मंत्री के पहुंचते ही बदले हालात
News In Short
- अलवर में कलेक्टर और जिला प्रमुख के बीच खींचतान खुलकर सामने आई।
- उच्चस्तरीय बैठक में कलेक्टर ने जिला प्रमुख को बैठने की जगह नहीं दी।
- बैठक में कलेक्टर कहा कि जिनकी नेम प्लेट है, उनके लिए ही सीट निर्धारित।
- इस पर जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर को मीटिंग हाल से होना पड़ा बाहर।
- बाद में केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप पर बैठक में जिला प्रमुख की एंट्री हुई।
News In Detail
Alwar: राजस्थान के अलवर में जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला और जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर के बीच चल रही खींचतान रविवार को उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक में भी देखने को मिली। न केवल बैठक में जिला प्रमुख छिल्लर को बैठने तक की जगह नहीं मिली, बल्कि उन्हें मीटिंग हाल से भी बाहर कर दिया गया।
जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने साफ तौर पर कहा कि बैठक में केवल मंत्री, विधायक और भाजपा जिला अध्यक्षों और जिनकी नेम प्लेट है, उनके लिए ही सीट निर्धारित की गई है। बाकी को बैठक से बाहर जाने को बोला गया। इसके बाद जिला प्रमुख को मीटिंग हॉल से बाहर जाना पड़ा। बाद में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के हस्तक्षेप पर जिला प्रमुख छिल्लर को बैठक में बैठने की जगह दी गई।
फिर ऐसे हुई छिल्लर की एंट्री
दरअसल, जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला और जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है। यह खींचतान रविवार को हुई उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक में भी स्पष्ट दिखाई दी। बैठक से जिला प्रमुख के बाहर होने की घटना ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब जिला प्रमुख मीटिंग हॉल के बाहर गेट पर खड़े होकर फोन पर बातचीत करते नजर आए।
कुछ देर बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बैठक में पहुंचे। उन्होंने जिला प्रमुख को बाहर खड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर से जिला प्रमुख को बैठक में शामिल करने को कहा। मंत्री के निर्देश के बाद बलवीर छिल्लर को अंदर बुलाया गया और उन्हें विधायक जसवंत यादव की नेम प्लेट लगी सीट पर बैठाया गया, क्योंकि उस समय विधायक बैठक में मौजूद नहीं थे।
तीन जिलों की थी समीक्षा बैठक
रविवार को मिनी सचिवालय में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की मौजूदगी में अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों के कलेक्टर, एसपी, कई विधायक, राज्य वन मंत्री संजय शर्मा तथा भाजपा के उत्तर और दक्षिण जिला अध्यक्ष मौजूद थे।
बैठक शुरू होने से पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य सचिव के साथ कुछ देर के लिए कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के चेंबर में रुके। इसी दौरान राज्य मंत्री, विधायक, जिला अध्यक्ष और जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर समेत अन्य जनप्रतिनिधि सभागार में पहुंच गए।
नेम प्लेट वालों को ही मिलेगी एंट्री
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा कि जिन जनप्रतिनिधियों के नाम की नेम प्लेट लगी है, वही अंदर बैठेंगे, बाकी लोग बाहर इंतजार करें। उन्होंने यह भी कहा कि केवल मंत्री, विधायक और जिला अध्यक्षों के लिए ही सीट निर्धारित की गई है।
कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला प्रमुख को सभागार से बाहर जाना पड़ा। जिला प्रमुख कुछ देर तक मीटिंग हॉल के गेट पर ही खड़े रहे और लगातार फोन मिलाते दिखाई दिए।
बाहर खड़े रहे छिल्लर
कुछ देर बाद जैसे ही केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बैठक में पहुंचे, उनकी नजर बाहर खड़े जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अधिकारियों से पूछा कि जिला प्रमुख बाहर क्यों खड़े हैं। इसके बाद कलेक्टर से कहा गया कि जिला प्रमुख को भी बैठक में शामिल किया जाए।
मंत्री के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रमुख को सभागार में बुलाया गया और उन्हें विधायक जसवंत यादव की सीट पर बैठाया गया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे सचिवालय में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
ऐसे पनपी नाराजगी
दरअसल, कलेक्टर आर्तिका शुक्ला और जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर के बीच खींचतान कोई नई बात नहीं है। हाल ही में जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में कलेक्टर की अनुपस्थिति को लेकर जिला प्रमुख ने खुलकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि आर्तिका शुक्ला कलेक्टर पद के योग्य नहीं हैं।
जिला प्रमुख ने प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ प्रस्ताव भेजने की भी बात कही थी। माना जा रहा है कि उसी विवाद की झलक रविवार को हुई इस हाई प्रोफाइल बैठक में भी दिखाई दी।
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