दीपावली 2026: CM भजनलाल शर्मा बोले- हर घर में खुशहाली, हर मन में सद्भाव का हो उजास
राजस्थान की संस्कृति में दीपावली का विशेष महत्व
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की धरा पर दीपावली का उत्सव विशेष रंगत लिए हुए है। घरों में बनने वाले पारंपरिक मांडने, रंगोली, सजावट, लोकगीत और बाजारों की रौनक मरुधरा की जीवंत संस्कृति को अभिव्यक्त करते हैं।
उन्होंने कामना की कि पांच दिवसीय दीपोत्सव प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि लेकर आए। दीपावली केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि परिवारों और समाज को जोड़ने वाला पर्व भी है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ मनाएं दीपावली
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से दीपावली का उत्सव पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता के साथ मनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की शक्ति उदारता और प्रकृति के प्रति सम्मान में निहित है।
इसके लिए उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
- मिट्टी के दीपकों को प्राथमिकता दें।
- स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों के उत्पाद खरीदें।
- ग्रीन पटाखों का उपयोग करें।
- वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री का संदेश है कि उत्सव की खुशियां पर्यावरण और समाज के लिए नुकसान का कारण नहीं बननी चाहिए।
वोकल फॉर लोकल से मजबूत होगी स्थानीय अर्थव्यवस्था
भजनलाल शर्मा ने दीपावली को स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का अवसर भी बताया। उन्होंने लोगों से 'वोकल फॉर लोकल' की भावना अपनाने और स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने की अपील की।
स्थानीय बाजारों से खरीदारी, कुम्हारों के दीपक और शिल्पकारों के उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में व्यावहारिक योगदान हो सकता है। इससे छोटे कारोबारियों, कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
विकसित भारत-2047 में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। राजस्थान इस संकल्प की पूर्ति में सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने प्रदेश की प्रमुख क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान के पास सौर एवं पवन ऊर्जा, खनिज संपदा, कृषि सामर्थ्य, पर्यटन की संभावनाएं और मानव संसाधन बड़ी पूंजी हैं। इनके समुचित उपयोग से राज्य देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
युवाओं, किसानों और महिलाओं को विकास के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गांव और शहर, किसान और श्रमिक, युवा और महिला सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास के समान अवसर मिले। उन्होंने विभिन्न वर्गों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए कहा कि युवाओं को कौशल एवं रोजगार, किसानों को बेहतर सुविधाएं, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीपावली पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने लोगों से परिवारों में संस्कार, समाज में समरसता और शासन में लोक कल्याण की भावना को मजबूत करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। दीपावली का प्रकाश केवल घरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज में सद्भाव, सकारात्मकता और विकास की नई ऊर्जा भी फैलानी चाहिए।
यह खबर क्यों जरूरी है
मुख्यमंत्री का दीपावली संदेश धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय व्यापार और सामाजिक समरसता का महत्व भी सामने लाता है। मिट्टी के दीपकों और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से कुम्हारों, शिल्पकारों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहयोग मिल सकता है। वहीं प्रदूषण नियंत्रित रखने की अपील त्योहार को अधिक जिम्मेदार और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
आगे क्या?
दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री की अपील के अनुसार प्रदेशवासी स्थानीय कारीगरों के उत्पाद अपनाकर, मिट्टी के दीपक जलाकर और प्रदूषण नियंत्रित रखते हुए त्योहार मना सकते हैं। साथ ही सामाजिक सद्भाव, परिवारों में संस्कार और समाज के सभी वर्गों के विकास के संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।