डोटासरा ने किन पुरानी गलतियों के लिए मांगी माफी, जानिए उनकी जुबानी
ऐसे समझें पूरा मामला
- कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने पुरानी गलतियों के लिए मांगी माफी।
- डोटासरा बोले, मैंने कुछ बेईमानों को उच्च पदों पर बैठा दिया, यह मेरी भूल थी।
- उन्होंने कहा कि पहली बार मंत्री बना, इसलिए मुझसे हो गई गलतियां।
- डोटासरा ने कहा, जिन्हें शिक्षा का 'श' नहीं आता, उन्हें मंत्री बना दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को स्वीकार किया कि मुझसे कांग्रेस राज के दौरान गलती हुई। मैंने चार पांच बेईमानों को अच्छी जगह रख दिया।
डोटासरा ने राजस्थान यूनिवर्सिटी कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (रुक्टा) के कार्यक्रम में कहा-मैं रुक्टा से माफी चाहता हूं। यह इसलिए कि जब पिछली बार हमारी सरकार थी तो मैं उन लोगों को समझ नहीं पाया। चार-पांच गलतियां मेरे से भी हो गई।
पहली बार बना था मंत्री
कांग्रेस नेता का कहना है कि आपने बार-बार आकर कहा कि ये लोग तोड़ने में विश्वास रखते हैं, आप उनकी पैरवी मत करो, लेकिन मुझ पर जुनून सवार था। पहली बार मंत्री बना और हो सकता है, मजबूरी में उन्होंने एक दो वोट मुझे भी दे दिया हो। उस चक्कर मैंने आपके संगठन से लड़ाई लड़ी। चार-पांच बेईमानों को मैंने अच्छी जगह रख दिया। यह मेरी गलती है। मैं इसे स्वीकार करता हूं।
डोटासरा ने कहा, गलती इसलिए स्वीकार करता हूं कि मैंने अब उनका असली रूप दिखा, तब मुझे समझ में आया, ये लोग किसी के भी नहीं हैं। ये केवल विध्वंसक प्रवृत्ति के लोग हैं। नाथूराम गोडसे की विचारधारा को मानने वाले लोग हैं। कोई आवाज़ उठाएं उसको गोली मारने वाली विचारधारा के पोषक लोग किसी के नहीं होते।
हिसाब बराबर करना ही चाहिए
डोटासरा ने कहा, आज माहौल क्या चल रहा है। किसी ने ट्वीट कर दिया कि राहुल गांधी ने अच्छा बोला तो दूसरे दिन कर्मचारी को एपीओ किया जा रहा है। यह कौन सी राजनीति है? यह कौन सी शिक्षा है।
उन्होंने कहा कि मेरे समझ में आया कि यह रुक्टा वाले क्यों बार-बार कहते थे, मेरे जुनून सवार था। नया नया शिक्षा मंत्री बना था। मैंने सोचा कि सब तेरे जैसे ही हैं। प्रोफेसर हैं, सब विद्वान हैं, अपनी बात करते हैं, अपनी नौकरी करते हैं, हमें इनको डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए, बचा कर रखना चाहिए। लेकिन अब मेरे समझ में आ गई कि जो जैसा करता है उसका हिसाब बराबर करना ही होगा।
खच्चर खरीद रहे, नाम दे रहे हो ऑपरेशन टाइगर
डोटासरा ने कहा, अभी अशोक गहलोत साहब ने कह दिया कि ये ऐसे-ऐसे लोग खरीद रहे हैं। लेकिन मदन राठौड़ साहब नाराज हो गए और मीडिया में आकर कहा कि विधायकों को पशु बता दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया गहलोत साहब ने पशु नहीं बताया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह से लोकतंत्र का चीर हरण हो रहा है, मान मर्यादा ध्वस्त हो रही है। उन्होंने कोई गलत बात थोड़े कही है। इनको तकलीफ हो गई कि ऐसे कैसे कह दिया। वो कह रहे हैं यह तो ऑपरेशन टाइगर था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आप खच्चर खरीद रहे हो और नाम दे रहे हो ऑपरेशन टाइगर। इतना सस्ता तो हमारे शेखावाटी में गला हुआ प्याज भी नहीं मिलता। सड़ा प्याज भी किसान के पास पड़ा हो तो इतना सस्ता तो नहीं देता जिस तरह बीजेपी एमएलए और एमपी खरीद रही है।
शिक्षा का जिसे नॉलेज नहीं, उसे बनाया शिक्षा मंत्री
डोटासरा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने शिक्षा का सत्यानाश कर दिया। स्कूल शिक्षा मंत्री ऐसा बना दिया जिसे 'श' नहीं आता। उच्च शिक्षा मंत्री ऐसा बनाया है, जो उच्च शिक्षा भी सही नहीं लिख सकता। उन्हें किसी ने पूछा कि आप कौन से मंत्री हो तो वे उच्च शिक्षा भूलकर परिवहन बोल गए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिसको शिक्षा के बारे में नॉलेज नहीं, जो शिक्षा के बारे में सोच नहीं रखे उसको आप शिक्षा मंत्री बना रहे हो। जो किसानों के साथ धोखा करें उसको कृषि मंत्री बना रहे हो।
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