सिरोही की पहाड़ियों में ड्रोन से पकड़ी गांजे की खेती, 4.5 टन पौधे जब्त; 7 आरोपी गिरफ्तार
पहाड़ियों में छिपाकर की जा रही थी गांजे की खेती
पुलिस के मुताबिक, सिरोही में गांजा सप्लाई होने की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। लेकिन खेती कहां हो रही है, इसका पता नहीं चल पा रहा था। आरोपी दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों में गांजे के पौधे उगा रहे थे, जहां आम लोगों की आवाजाही बहुत कम रहती थी।
इसके बाद पिंडवाड़ा सीओ राहुल मीणा के सुपरविजन में ड्रोन टीमों का गठन किया गया। मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर टीमों ने पहाड़ियों में गांजे के खेत तलाशने शुरू किए।
दो तरह के ड्रोन से तलाशे गए खेत
गांजे की खेती का पता लगाने के लिए पुलिस ने दो प्रकार के ड्रोन इस्तेमाल किए।
- हाई रेंज ड्रोन: पहाड़ियों और जंगलों में दूर तक खेतों की तलाश की गई।
- छोटे ड्रोन: संदिग्ध जगहों पर नजदीक से निगरानी की गई।
खेतों की पहचान होने के बाद ड्रोन से GPS लोकेशन मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम सीधे मौके पर पहुंची और खेती करने वालों को चिन्हित किया।
दूसरी फसलों के बीच उगाया जा रहा था गांजा
पुलिस के अनुसार, तस्करों ने रोहिड़ा की पहाड़ियों को गांजे की खेती के लिए सुरक्षित ठिकाना बना रखा था। यहां मक्का, अरंडी, सौंफ और बरियाली जैसी फसलों के बीच गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 4.5 टन गांजे के पौधे जब्त किए। मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह खबर क्यों जरूरी है
दुर्गम पहाड़ियों में छिपी अवैध खेती का पता लगाना पुलिस के लिए मुश्किल होता है। ड्रोन और GPS तकनीक से ऐसी जगहों तक पहुंचना आसान हो सकता है। इससे नशे की खेती और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
आगे क्या?
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गांजे की खेती और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि खेती में और कौन-कौन शामिल था और गांजा कहां सप्लाई किया जाता था।