उदयपुर फाइल्स: 22 दिन बाद बड़ा एक्शन, डीएसपी चंदेल हटाए गए, एएसपी संभालेंगे जांच की कमान

Ashish Bhardwaj | Mar 05, 2026, 11:58 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में चर्चित उदयपुर फाइल्स मामले मेंं जांच अधिकारी को बदल दिया गया है। यह मामला भाजपा नेता के अश्लील वीडियो, ब्लैकमेलिंग और रेप सरीखे आरोपों से जुड़ा है। अब इस मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई है।

News In Short

  • राजस्थान के चर्चित उदयपुर फाइल्स मामले में जांच अधिकारी को हटाया।
  • भाजपा नेता से जुड़े इस मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई।
  • यह मामला अश्लील वीडियो, ब्लैकमेलिंग और रेप जैसे आरोपों से जुड़ा।
  • डीएसपी गोपाल चंदेल की जांच को लेकर लगातार उठ रहे थे सवाल।
  • अब समूचे मामले की जांच राज्य स्तर पर निगरानी में होगी

News In Detail

राजस्थान के चर्चित उदयपुर फाइल्स मामले में पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। भाजपा नेता से जुड़े कथित वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार जैसे गंभीर आरोपों से घिरे इस मामले में 22 दिन बाद पुलिस स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। लगातार उठ रहे सवालों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह के बाद अब उदयपुर के डीएसपी गोपाल चंदेल से जांच छीन ली गई है। पुलिस मुख्यालय के आदेशों के अनुसार इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच अब एएसपी (मुख्यालय) गोपाल स्वरूप मेवाडा को सौंपी गई है।



डीएसपी की भूमिका पर उठ रहे थे सवाल

शुरुआत से ही इस मामले में पुलिस की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग रहे थे। इससे डीएसपी गोपाल चंदेल की भूमिका विवादों में आ गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह था कि जब मामला उदयपुर के भूपालपुरा थाने में दर्ज हुआ था, तो जांच डीएसपी गोपाल चंदेल को क्यों सौंपी गई, जबकि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था।



अब राज्य स्तर पर निगरानी

घटना वाले दिन रात 3 बजे भाजपा नेता को पकड़ने के लिए की गई कार्रवाई और उसके बाद सीसीटीवी फुटेज को लेकर स्थिति स्पष्ट न कर पाना पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गया था। लगातार यह सवाल उठाए जा रहे थे कि क्या मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है? अब डीजीपी स्तर से सीधे आदेश जारी होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पुलिस मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए अब राज्य स्तर पर इसकी निगरानी शुरू कर दी है।"



​राजनीतिक गलियारों में हलचल

जांच अधिकारी का बदला जाना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। मामले के राजनीतिक संबंधों के कारण शुरू से ही एक पक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जब जांच एएसपी स्तर के अधिकारी को मिली है, तो इस मामले में ​तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। बताया जाता है कि बड़े अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थानीय स्तर पर पड़ रहे किसी भी संभावित राजनीतिक दबाव को खत्म करने की कोशिश की गई है। जांच अधिकारी के बदलने से उन लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं जो अब तक जांच को प्रभावित करने या उसे धीमा करने की कोशिश कर रहे थे।



ऐसे समझे पूरे मामले को

एक भाजपा महिला नेता ने उदयपुर के भूपालपुरा थाने में 11 फरवरी को रिपोर्ट दी थी। उसी रात पुलिस ने आरोपी वकील विशाल गुर्जर को हिरासत में ले लिया था। वीडियो, ब्लैकमेलिंग और रेप के मामले में आरोपी की ओर से भाजपा नेता को ब्लैकमेल करके राजनीतिक हित साधना बताया गया था। पुलिस ने पहले मामले में जेल भेजा तो धोखाधड़ी के दूसरे मामले में गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि भाजपा पदाधिकारी इस मामले को ठंडा करने के प्रयास में लगे हुए हैं।



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