महंत के बेटे से DUSU लीडर तक: चूरू के लक्ष्यराज सिंह ने मारी बाजी, बने संयुक्त सचिव
समझें क्या है पूरा मामला
- DUSU में चूरू के लक्ष्यराज सिंह बने संयुक्त सचिव।
- 16,615 वोट हासिल कर दर्ज की शानदार जीत।
- हैंडबॉल के मैदान से छात्र राजनीति तक का सफर।
- डेनमार्क में कप्तानी कर दिलाया था रजत पदक।
- एबीवीपी ने राजस्थान के छात्र पर जताया भरोसा।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजे आ गए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP – Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad) के प्रत्याशी लक्ष्यराज सिंह ने संयुक्त सचिव पद जीता है। उन्होंने 16,615 वोट हासिल किए। कड़े मुकाबले में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ा।
यह जीत कई मायनों में खास है। लक्ष्यराज राजस्थान के चूरू जिले से आते हैं। एबीवीपी ने 12 साल बाद राजस्थान के किसी छात्र पर भरोसा जताया था। उनकी यात्रा खेल और युवा नेतृत्व का उदाहरण है।
कौन हैं लक्ष्यराज सिंह राठौड़?
लक्ष्यराज सिंह राजगढ़ तहसील के अमरपुरा गांव, जिला चूरू, राजस्थान के रहने वाले हैं। वे महंत सुरेंद्र सिंह के छोटे बेटे हैं। ABVP ने 12 साल बाद राजस्थान के किसी छात्र पर विश्वास जताया था और लक्ष्यराज ने उसे जीत में बदल दिया। वे पिछले 7 साल से छात्र राजनीति में संघर्ष कर रहे थे।
राजस्थान के चूरू से DU तक का सफर
लक्ष्यराज ने 2019 में दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान में दाखिला लिया। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अब वे दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर, विधि संकाय से कानून की पढ़ाई कर रहे हैं।
मैदान में तिरंगा फहराने वाला अंतरराष्ट्रीय एथलीट
लक्ष्यराज की पहचान सिर्फ छात्र नेता की नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी की भी है। उन्होंने डेनमार्क में हुई वर्ल्ड यूथ हैंडबॉल चैंपियनशिप के जूनियर वर्ग में भारतीय टीम की कप्तानी की थी और रजत पदक दिलाया था।
एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। नेशनल गेम्स में राजस्थान और नेशनल यूनिवर्सिटी गेम्स में DU की टीम से खेले हैं।
ABVP और 'खेलो भारत' से जुड़ाव
लक्ष्यराज 2020 में ABVP से जुड़े। तब से संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। वर्तमान में वे ABVP के 'खेलो भारत' आयाम के प्रदेश खेल सह-संयोजक हैं। इस भूमिका में उन्होंने DU के विभिन्न कॉलेजों में छात्रों को खेल, फिटनेस और नेतृत्व विकास से जोड़ने के लिए अभियान चलाए हैं।
खेल सुविधाएं और छात्र सुरक्षा मुख्य एजेंडा
लक्ष्यराज का मुख्य एजेंडा DU में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुरक्षा रहा है। सत्यनिकेतन हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर हुए आंदोलनों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
एक इंटरनेशनल खिलाड़ी होने के नाते उनका वादा है कि DU कॉलेजों में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं, बेहतर ट्रेनिंग और सुरक्षित माहौल तैयार किया जाएगा।
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