मीटर से छेड़छाड़ और बिजली चोरी पर लगेगी भारी पेनल्टी, 1 जून से लागू होंगे नए नियम

Jageshwar prasad | May 25, 2026, 11:05 IST
Photograph: (the sootr)
केंद्र सरकार ने बिजली अधिनियम-2003 में संशोधन कर मीटर से छेड़छाड़ और बिजली चोरी पर भारी पेनल्टी लगाने का प्रावधान किया है। नए नियम 1 जून से लागू होंगे।

News In Short

  • मीटर से छेड़छाड़ करने वालों पर अब भारी पेनल्टी लगेगी, 1 जून से नए नियम लागू।
  • औद्योगिक उपभोक्ताओं को 20 हजार रुपए प्रति किलोवाट तक देना होगा जुर्माना।
  • वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर 10 हजार और कृषि कनेक्शन पर 2 हजार रुपए प्रति किलोवाट पेनल्टी।
  • बिजली के उपकरण, तार या खंभे नुकसान पहुंचाने पर 5 हजार से 1 लाख रुपये जुर्माना।
  • नियामक आयोग के आदेश की अवहेलना पर 10 हजार से 5 लाख रुपए तक का दंड।

News In Short

राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं को अब सतर्क रहना होगा। बिजली चोरी, मीटर में छेड़छाड़ और विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार ने बिजली अधिनियम-2003 में बदलाव कर कई मामलों में जुर्माने की राशि बढ़ा दी है।



नए नियम 1 जून से लागू होंगे। पहले लोग छोटे जुर्माने की वजह से जोखिम उठाते थे, लेकिन अब भारी आर्थिक दंड का प्रावधान होने से इसे रोकने की कोशिश की जाएगी।



बिजली उपकरण नुकसान पहुंचाने पर लगेगा भारी जुर्माना

नए नियमों के तहत बिजली आपूर्ति से जुड़े उपकरण, तार, खंभे या अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचाने पर 5 हजार से एक लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। यदि वही व्यक्ति दोबारा दोषी पाया जाता है तो उसे फिर से इतनी ही पेनल्टी भरनी होगी।



पहले के नियमों में यह सजा बहुत कम थी, जिसका फायदा उठाकर लोग बार-बार ऐसी घटनाओं को अंजाम देते थे। अब भारी जुर्माने का प्रावधान होने से लोगों में डर पैदा होगा।



कितनी लगेगी पेनल्टी?

नए संशोधन में विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग पेनल्टी तय की गई है। औद्योगिक उपभोक्ताओं पर 20 हजार रुपए प्रति किलोवाट तक कंपाउंडिंग राशि वसूली जाएगी। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए यह राशि 10 हजार रुपए प्रति किलोवाट तय की गई है।



कृषि कनेक्शन पर 2 हजार रुपए प्रति किलोवाट और अन्य श्रेणी में 4 हजार रुपए प्रति किलोवाट की दर से पेनल्टी लगेगी। इसके अलावा, नियामक आयोग के आदेश की अवहेलना करने पर 10 हजार से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।



यदि कोई व्यक्ति लगातार उल्लंघन करता है तो प्रतिदिन अतिरिक्त पेनल्टी भी लगेगी। कई मामलों में जेल की बजाय भारी आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है, ताकि लोग कानून का उल्लंघन करने से पहले सौ बार सोचें।



बिजली चोरी रोकने में कारगर होंगे नए नियम

बिजली विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ी हुई पेनल्टी बिजली चोरी रोकने में प्रभावी साबित हो सकती है। पहले कम दंड के कारण लोग आसानी से जोखिम उठा लेते थे। मीटर से छेड़छाड़ करके बिजली चोरी करना आम बात थी।



नए नियमों के बाद अब भारी आर्थिक नुकसान का डर रहेगा, जिससे लोग गलत काम करने से पहले कई बार सोचेंगे। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पारदर्शी जांच प्रक्रिया और उपभोक्ता जागरूकता भी जरूरी है, ताकि निर्दोष उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।



बिजली कंपनियों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि मीटर सही हो और बिल सही आ रहे हैं। कई बार तकनीकी खराबी के कारण भी मीटर गलत रीडिंग दिखाते हैं, लेकिन उसे छेड़छाड़ मानकर उपभोक्ताओं को परेशान किया जाता है। नए नियमों के साथ-साथ कंपनियों की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता लाने की जरूरत है।



सरकार को उम्मीद है कि परिवर्तित नियम बिजली विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी करेंगे और बिजली चोरी जैसी समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।



ये भी पढ़ें:-

रॉकेट, मिसाइल और न्यूक्लियर तकनीक में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, मिला दुर्लभ खनिजों का भंडार



MLA रविंद्र सिंह भाटी ने अमित शाह को खून से लिखा लेटर, गृहमंत्री के बीकानेर दौरे के दौरान सौंपा जाएगा



अवैध पटाखा फैक्ट्री में दोबारा आग लगी, 10 दिन में दूसरी बार घटना



प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग, पूरा प्लांट राख, एक दर्जन से ज्यादा दमकल मौके पर



Tags:
  • राजस्थान
  • केंद्र सरकार
  • बिजली विभाग
  • जुर्माना
  • बिजली चोरी
  • बिजली अधिनियम-2003