पेपर लीक मामले में SOG को मिली बड़ी सफलता, फरार कोचिंग संचालक भीम सिंह को किया गिरफ्तार

Ashish Bhardwaj | Apr 21, 2026, 14:05 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान एसओजी ने कनिष्ठ अभियंता परीक्षा (JEN) पेपर लीक मामले में फरार कोचिंग संचालक भीम सिंह को अरेस्ट कर लिया है। आरोपी ने लाखों रुपए लेकर कैंडिडेट्स को लीक पेपर हुए पेपर को पढ़ाया था।

News In Short

  • एसओजी ने कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया।
  • आरोपी ने 25-30 लाख रुपये लेकर टैबलेट और आईपैड से लीक पेपर हुआ पेपर पढ़ाया था।
  • एसओजी ने 2020 में लीक हुए परीक्षा पेपर के मामले में नई जांच शुरू की थी।
  • आरोपी भीम सिंह ने RPF से वीआरएस लेकर कोचिंग सेंटर खोला था।
  • एसओजी ने पहले भी पेपर लीक मामले में कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

News In Detail

राजस्थान में कनिष्ठ अभियंता (JEN) संयुक्त भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 17 अप्रैल को आरोपी भीम सिंह को अरेस्ट किया। आरोपी ने कई कैंडिडेट्स को टैबलेट डिवाइस पर लीक हुआ पेपर पढ़ाया था। इसके बदले उसने प्रत्येक कैंडिडेट से 25 से 30 लाख रुपये वसूल किये थे।



आरोपी की गिरफ्तारी

एसओजी को मुखबिरों से सूचना मिली थी। आरोपी भीम सिंह (46) अपने गांव हरसोरा तहसील बानसूर, जिला कोटपूतली बहरोड़ में रह रहा था। उसे अपने गांव से ही गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) से वीआरएस लेकर कोचिंग सेंटर खोला था। एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसके पीछे और कौन लोग हैं।



पेपर लीक मामले का दूसरा दौर

इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दिसंबर 2020 में कनिष्ठ अभियंता परीक्षा में भी पेपर लीक हुआ था। इसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। सितंबर 2021 में पुनः परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन उसी परीक्षा में भी पेपर लीक हुआ था। एसओजी ने इस मामले में जनवरी 2026 में FIR दर्ज की और जांच शुरू की थी।



टेक्नोलॉजी का किया इस्तेमाल

एसओजी की जांच में पता चला है कि आरोपी और उसके गैंग ने कैंडिडेट्स को लीक पेपर पढ़ाने के लिए सैमसंग टैबलेट और एपल आईपैड का उपयोग किया था। इन उपकरणों की बरामदगी के बाद एसओजी आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। आरोपी लम्बे समय से फरार चल रहा था जिसे 17 अप्रेल को गिरफ्तार कर लिया है ।



आरोपी की कोचिंग और कैंडिडेट्स से वसूली

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भीम सिंह ने कैंडिडेट्स को जयपुर में इकठ्ठा किया और उन्हें लीक हुआ पेपर टैबलेट्स के माध्यम से पढ़ाया। इसके बाद उन्हें परीक्षा केंद्रों तक भेज दिया गया, और बदले में 25 से 30 लाख रुपए की रकम ली गई। इस रकम को गैंग के सदस्यों में बांटा जाता था। आरोपी ने अपनी बेटी को भी एक टैबलेट दिया था, जिसे बरामद कर लिया गया।



कई अन्य पेपर लीक मामले

एसओजी की प्रारंभिक जांच से यह बात सामने आई कि आरोपी भीम सिंह पहले भी कई अन्य परीक्षा के पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है। इन मामलों में कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा 2020, CHO भर्ती परीक्षा 2020, कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा 2022 और हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले शामिल हैं। एसओजी अब यह पता लगा रही है कि इन पेपरों का स्त्रोत क्या था, किसने इन्हें बांटा और कैंडिडेट्स को क्या लाभ हुआ।



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