अलवर में जासूसी नेटवर्क का खुलासा, सेना की जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप

Jageshwar prasad | Aug 03, 2026, 19:58 IST
अलवर में जासूसी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 4 युवक हिरासत में
अलवर में स्पेशल ब्रांच और मिलिट्री इंटेलिजेंस की कार्रवाई में कथित जासूसी नेटवर्क का खुलासा। चार युवकों पर सेना व वंदे भारत की जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अलवर में सामने आया कथित जासूसी नेटवर्क का मामला।
  • सेना और वंदे भारत की जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप।
  • फर्जी पहचान से सोशल मीडिया पर फंसाए गए युवक।
  • मुख्य आरोपी ने साथियों के खातों में डलवाए पैसे।
  • पूछताछ के बाद छोड़े गए संदिग्ध, निगरानी जारी।

सुनील जैन @ अलवर



राजस्थान के अलवर जिले में एक कथित जासूसी नेटवर्क सामने आया है। यह खुलासा राजस्थान पुलिस की स्पेशल ब्रांच और जम्मू से पहुंची मिलिट्री इंटेलिजेंस, यानी MI (Military Intelligence) की संयुक्त कार्रवाई में हुआ है।



सुरक्षा एजेंसियों ने मुख्य संदिग्ध उमेश जाटव और उसके तीन साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोप है कि यह लोग पैसों के लालच में संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे।



किन जानकारियों को लेकर है आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी आर्मी कैंट, रेलवे स्टेशन और वंदे भारत ट्रेन की आवाजाही से जुड़ी सूचनाएं साझा कर रहे थे। इसमें फोटो और वीडियो भी शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल यह सभी दावे प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं और आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।



चारों संदिग्ध युवक अलवर क्षेत्र के एक ही गांव के रहने वाले बताए गए हैं। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर कितनी और कौन-कौन सी जानकारी साझा की गई।



कैसे जाल में फंसाए गए युवक

जांच एजेंसियों की आशंका है कि पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स ने फर्जी पहचान और महिलाओं के नाम से सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए युवकों से संपर्क किया। दोस्ती बढ़ाने के बाद उन्हें पैसों का लालच देकर संवेदनशील जानकारियां जुटाने के लिए कहा गया होने का आरोप है।



जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी उमेश जाटव ने कथित तौर पर अपने साथियों के बैंक खातों में भी पैसे डलवाए थे। हालांकि यह सभी बिंदु अभी जांच का हिस्सा हैं और अदालत में साबित होना बाकी है।



फॉरेंसिक जांच जारी

सुरक्षा एजेंसियां अब मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, फोटो, वीडियो और बैंक खातों की फॉरेंसिक (Forensic) जांच कर रही हैं। इसका मकसद पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ना है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे।



पुलिस अधीक्षक ने क्या बताया?

अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के अनुसार सूचना के आधार पर संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ की गई थी। उनके अनुसार फिलहाल सभी को छोड़ दिया गया है, लेकिन उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।



पुलिस अधीक्षक के अनुसार खुफिया एजेंसियां अभी भी संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं और मामले की जांच जारी है। उनके अनुसार यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी सक्रिय हैं।



राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार अगर यह आरोप सिद्ध होते हैं, तो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी के खिलाफ औपचारिक आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।



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