SOG की बड़ी कार्रवाई, फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट मामले में एक और अभ्यर्थी गिरफ्तार
News In Short
- एसओजी ने ताइक्वांडो के फर्जी प्रमाण पत्र मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया।
- आरोपी भभूताराम विश्नोई ने तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2022 के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया था।
- फर्जी फेडरेशन की ईमेल आईडी बनाकर निदेशालय को भेजी गई थी फर्जी सत्यापन रिपोर्ट।
- आरोपी पर शारीरिक शिक्षक भर्ती में छोटे भाई की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाने का भी मामला है।
- इस प्रकरण में अब तक 21 अभ्यर्थियों सहित कुल 28 लोगों को किया जा चुका है गिरफ्तार।
News In Detail
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) राजस्थान ने फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र मामले में एक और आरोपी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि साल 2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा(लेवल-1) में खेल कोटे के तहत चयन पाने के लिए फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किया गया था।
38 अभ्यर्थियों ने लगाए थे फर्जी सर्टिफिकेट
एसओजी की जांच में सामने आया कि दो गुना चयन सूची में शामिल 38 अभ्यर्थियों ने नेशनल लेवल ताइक्वांडो प्रतियोगिता के फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे। यह मामला सरकारी भर्ती में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े को दर्शाता है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद, झारखंड के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर को फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई थी।
एक लाख रुपए में तय हुई थी डील
एसओजी के अनुसार आरोपी भभूताराम उर्फ रणजीत पुत्र बिरधाराम विश्नोई निवासी लछिये का तला, भूणिया थाना धनऊ, जिला बाड़मेर ने दलाल सतीश डूल के माध्यम से करीब 1 लाख रुपए में फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र की डील की थी।
आरोपी ने करीब तीन वर्ष पहले 15 हजार रुपए नकद देकर प्रमाण पत्र हासिल किया और चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी पाने का प्रयास किया।
पहले से चल रहा था एक और मामला
एसओजी ने बताया कि आरोपी भभूताराम पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा था। उस पर शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में अपने छोटे भाई मुकेश कुमार की जगह डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाने का भी आरोप है।
इस मामले में एसओजी ने अलग से प्रकरण दर्ज कर रखा है। यह दिखाता है कि आरोपी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े का आदी था और उसने कई मौकों पर नियमों को तोड़ा।
अब तक 28 आरोपी गिरफ्तार
प्रकरण में नामजद 38 अभ्यर्थियों में से अब तक 21 अभ्यर्थियों सहित फर्जी ईमेल आईडी तैयार करने वाले आरोपी बिमलेन्दु कुमार झा, दलाल कमल सिंह तथा फर्जी खेल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने वाले अन्य आरोपियों समेत कुल 28 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
शेष आरोपियों और दलालों की तलाश जारी है। एसओजी की टीम लगातार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
30 मई तक पुलिस रिमांड पर
आरोपी भभूताराम को 26 मई को गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार को उसे अदालत में पेश कर 30 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर इस गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी।
एसओजी ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यह पूरा प्रकरण भर्ती प्रक्रियाओं में बढ़ते फर्जीवाड़े का एक और उदाहरण है। इस घटना ने सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
FAQ
- 2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती में खेल कोटे फर्जीवाड़े में SOG अब तक कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है?
2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती मामले में फर्जी सर्टिफिकेट वाले अभ्यर्थियों और दलालों सहित अब तक कुल 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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